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'TMC के बुरे दिन शुरू...', कभी ममता के साथी रहे हुमायूं कबीर ने साधा निशाना, बोले- पार्टी में मची भगदड़
टीएमसी के कथित संकट और नेताओं के एनडीए में जाने की चर्चाओं के बीच हुमायूं कबीर ने पार्टी में भगदड़ जैसी स्थिति का दावा किया है और हालात पर सवाल उठाए हैं.
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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद एक दशक से ज्यादा समय तक सत्ता में राज करने वाली ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी सबसे बुरे दौर से गुजर रही है. इस बीच आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर ने पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में जारी भगदड़ को लेकर अपनी बात रखी. उन्होंने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि टीएमसी में आज भगदड़ की स्थिति बनी हुई है. टीएमसी के ज्यादातर नेता इधर से उधर जा रहे हैं। सभी नेता अपने लिए एक महफूज ठिकाने की तलाश कर रहे हैं. इनमें से कई नेता एक अलग संगठन के रूप में तब्दील होते हुए एनडीए में शामिल करने का विचार कर रहे हैं. लेकिन, हम इस बात को खारिज नहीं कर सकते हैं कि गत लोकसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल की जनता ने जब टीएमसी के पक्ष में मतदान किया था, तो यह मतदान एक तरह बीजेपी और एनडीए के विरोध में था. लेकिन, अब यहां पर विवेचना का विषय है कि आखिर ऐसी क्या वजह रही कि आज टीएमसी के लिए पश्चिम बंगाल में ऐसे हालात पैदा हो गए.
टीएमसी नेताओं के एनडीए में जाने पर बयान
उनके मुताबिक, अब टीएमसी के जो लोग एनडीए में शामिल हो रहे हैं, वो अपने लिए सुविधाओं की तलाश कर रहे हैं. बहुत मुमकिन है कि उन्हें सरकार की ओर से विभिन्न प्रकार की सुख सुविधाएं मिलने का लालच दिया जा रहा है, इसी को देखते हुए ये लोग एनडीए में शामिल होने का विचार कर रहे हैं और मुझे लगता है कि आगामी दिनों में टीएमसी के कई लोग एनडीए में शामिल हो सकते हैं.
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आगामी चुनावों को लेकर टिप्पणी
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उन्होंने आगामी लोकसभा चुनाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अभी दो साल पहले ही 2024 में लोकसभा का चुनाव हुआ था. हम सभी ने खुद देखा कि क्या स्थिति रही है. अब आगामी लोकसभा चुनाव में क्या स्थिति रहती है, इसकी तस्वीर तो फिलहाल आने वाले दिनों में ही साफ हो पाएगी.
अभिषेक बनर्जी पर निशाना और शिकायत
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इसके अलावा, व्यवसायी संजय कुमार सिंघल ने भी सांसद अभिषेक बनर्जी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले अभिषेक बनर्जी ने कई तरह के ऐसे अशोभनीय बयान दिए थे, जो किसी सांसद के मुंह से शोभा नहीं देते हैं. जब आप किसी बड़े पद होते हैं या आपके कांधों पर कोई बड़ी जिम्मेदारी होती है, तो आपको बहुत ही सोच समझकर अपने शब्दों का चयन करना होता है. लेकिन, अभिषेक बनर्जी ने इस तरह के कई ऐसे बयान दिए, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता है. इसके बाद मैंने सिलीगुड़ी थाने में शिकायत दर्ज कराने पहुंचा, तो मुझे साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है. इसके बाद अभिषेक बनर्जी के तमाम वीडियो एकत्रित कर उनके खिलाफ साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराने के बारे में विचार किया.
2021 की हिंसा और कानूनी कार्रवाई की मांग
व्यवसायी संजय कुमार सिंघल ने बताया कि 2021 में विधानसभा चुनाव के बाद हमें भयावह हिंसा के दौर से गुजरना पड़ा था. अगर इस बार भी हमें हिंसा का सामना करना पड़ता, तो स्थिति कैसी होती है. यह विवेचना का विषय है. आपके पास कानून है, अगर कोई गलत करता है, तो कानून के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. इन्हीं सब स्थिति को देखते हुए मैंने बीएनएस की धार और आरपी एक्ट के तहत शिकायत दर्ज कराई है. मैंने इंस्पेक्टर से अनुरोध किया है कि इसकी जांच की जाए. इसके बाद इसे न्यायालय के सामने प्रस्तुत किया जाए. इसके बाद न्यायालय की ओर से जो भी फैसला आएगा, वो हमें स्वीकार होगा. मैं हमेशा से ही यह सुनता हुआ रहा हूं कि कानून सबके लिए बराबर होता है. अब मैं खुद अपने व्यवहारिक जीवन में जानना चाहता हूं कि कानून वाकई में कितना किसी के लिए बराबर होता है.
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बहरहाल, हुमायूं कबीर और व्यवसायी संजय कुमार सिंघल के बयानों ने पश्चिम बंगाल की राजनीतिक हलचल को एक बार फिर तेज कर दिया है. एक तरफ टीएमसी के भीतर कथित बदलाव और नेताओं के एनडीए में जाने को लेकर चर्चाएं हैं, तो दूसरी तरफ कानून और राजनीतिक बयानबाज़ी पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं. आने वाले दिनों में इस पूरे घटनाक्रम का राजनीतिक असर किस दिशा में जाता है, यह देखने वाली बात होगी.