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हनुमान बेनीवाल को लगा बड़ा झटका, घटाई गई सुरक्षा, बोले- मैंने तो कभी मांगी ही नहीं
बेनीवाल ने सरकार के इस फैसले पर सवाल उठाते हुए पूछा कि शुरुआत में सुरक्षा क्यों दी गई थी और अब इसे किस आधार पर हटाया गया है. नागौर सांसद ने हालिया विरोध प्रदर्शनों और कानून-व्यवस्था की समस्याओं को लेकर भी सरकार पर आरोप लगाए.
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भाजपा-आरएलपी के बीच तनाव गंभीर होता दिख रहा है क्योंकि राज्य सरकार ने शुक्रवार को नागौर सांसद और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के प्रमुख हनुमान बेनीवाल की सुरक्षा कम कर दी है.
जयपुर पुलिस आयुक्त कार्यालय से जुड़े तीन निजी सुरक्षा अधिकारियों (पीएसओ) को हटाए जाने के बाद बेनीवाल ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने कभी सुरक्षा नहीं मांगी और राजस्थान भर के हजारों युवा उनकी सुरक्षा के लिए पर्याप्त हैं.
“मुझे बताया गया था कि कई ताकतवर लोगों को चुनौती दी है”
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इस मुद्दे पर बोलते हुए बेनीवाल ने कहा कि सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा से जुड़े विवाद के दौरान, तत्कालीन खुफिया अधिकारी संजय अग्रवाल ने उनकी सुरक्षा का इंतजाम किया था. बेनीवाल के अनुसार, जयपुर से एके-47 राइफलों से लैस कमांडो तैनात किए गए थे, जबकि अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी नागौर से तैनात किए गए थे. उन्होंने बताया कि उनकी सुरक्षा के लिए कुल आठ सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे, जिनमें से चार जयपुर से और चार नागौर से थे.
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बेनीवाल ने बताया कि दो सुरक्षाकर्मी उनके आवास पर तैनात थे, दो विश्राम ड्यूटी पर थे और चार सुरक्षाकर्मी हर समय उनके साथ रहते थे. उन्होंने कहा कि उन्हें बताया गया था कि उन्होंने रेत माफिया और कागजी कार्रवाई कांड करने वाले गिरोहों समेत कई शक्तिशाली समूहों को चुनौती दी थी. उन्होंने आगे कहा कि अब जब सरकार ने सुरक्षा हटा ली है, तो मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि मैंने कभी सुरक्षा की मांग भी नहीं की थी.
“सरकार को मेरी चिंता करने की जरूरत नहीं”
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उन्होंने यह भी कहा कि भजनलाल सरकार को उनकी सुरक्षा की चिंता करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि राज्य भर के हजारों युवा उनके साथ खड़े हैं और उनकी रक्षा करने में सक्षम हैं.
कानून-व्यवस्था और विरोध प्रदर्शनों पर भी सरकार को घेरा
बेनीवाल ने सरकार के इस फैसले पर सवाल उठाते हुए पूछा कि शुरुआत में सुरक्षा क्यों दी गई थी और अब इसे किस आधार पर हटाया गया है. नागौर सांसद ने हालिया विरोध प्रदर्शनों और कानून-व्यवस्था की समस्याओं को लेकर भी सरकार पर आरोप लगाए.
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भाजपा-RLP रिश्तों में बढ़ सकती है खटास
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साधुओं (धार्मिक संन्यासियों) के समर्थन में हुए एक आंदोलन का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि सरकार चाहती थी कि वह जयपुर में प्रवेश करें ताकि उन्हें प्रदर्शनकारियों के साथ हिरासत में लिया जा सके. उन्होंने आगे आरोप लगाया कि कुछ तत्वों ने ईद समारोह के दौरान माहौल बिगाड़ने की कोशिश की और उन्हें विवाद में घसीटने का प्रयास किया. हालांकि, बेनीवाल ने दावा किया कि उन्होंने संयम बरता और स्थिति को बिगड़ने नहीं दिया. उन्होंने कहा कि सरकार जयपुर में संघर्ष और तनाव पैदा करना चाहती थी, लेकिन हमने पहले ही मामले को सुलझा लिया और सुनिश्चित किया कि सांप्रदायिक सद्भाव अप्रभावित रहे.