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चारधाम यात्रा के श्रद्धालुओं को नहीं होगी कोई परेशानी, धामी सरकार ने किया पूरा इंतजाम, VIPs के लिए बदली यात्रा की तारीख
30 अप्रैल से चारधाम यात्रा शुरू होने जा रही है जिसको लेकर धामी सरकार की तरफ़ से एक गाइडलाइन जारी की गई है. इसके साथ ही उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद वर्धन ने चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए सभी गणमान्य व्यक्तियों, राज्य स्तरीय अधिकारियों और न्यायपालिका के सदस्यों से 2 से 31 मई तक यात्रा पर न आने का अनुरोध किया है.
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चारधाम यात्रा शुरू होने पर देशभर से श्रद्धालु देवभूमि पहुंचते हैं. अब 30 अप्रैल से चारधाम यात्रा शुरू होने वाली है. श्रद्धालुओं को कोई दिक्कत ना आ पाए, सभी आराम से केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के दर्शन कर पाएं, सरकार मुस्तैदी से तैयारियों में जुट गई है. लेकिन इसी बीच उत्तराखंड की धामी सरकार ने एक ऐसा आदेश जारी कर दिया है जिससे देशभर में ना सिर्फ हड़कंप मच गया, क्योंकि चारधाम यात्रा को लेकर धामी सरकार की तरफ से एक गाइडलाइन जारी की गई है. इसके साथ ही उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद वर्धन ने अपील जारी की कि
यानी कि इस साल चारधाम यात्रा करने के लिए लोगों ने रिकॉर्ड तोड़ रजिस्ट्रेशन करवाए हैं. अब श्रद्धालु सकुशल तरीके से दर्शन कर पाएं, भीड़ कंट्रोल हो जाए, इसके लिए बड़े-बड़े नेताओं से लेकर राज्य स्तर के अधिकारियों और न्यायपालिका के जज हों या वकील उनके चारधाम यात्रा पर जाने से 2 से 31 मई तक रोक लगाई गई है. यानी कि चारधाम यात्रा के पहले महीने में VIP मूवमेंट को थामने पर ज़ोर दिया गया है. उनकी सुविधा को देखते हुए जल्दबाज़ी में यात्रा से बचने पर ज़ोर दिया गया है. कारण यही है कि जब कोई बड़ा नेता या जज अधिकारी चारधाम यात्रा के लिए पहुंचते हैं तो उनके साथ सिक्योरिटी पर्सन भी जाते हैं, जिससे आम श्रद्धालुओं को थोड़ी दिक्कत का सामना करना पड़ता है. अब पहले आम श्रद्धालु आसानी से दर्शन कर पाएंगे, उसके बाद ही बड़े-बड़े नेताओं से लेकर अधिकारी जज वकील सब जा पाएंगे. वैसे भी सीएम धामी चारधाम की यात्रा को लेकर कोई कोताही बरतने के मूड में नहीं हैं. यही कारण है कि उन्होंने तैयारियां पूरी करने के लिए ख़ुद मोर्चा संभाल रखा है. एक-एक अधिकारी के साथ ख़ुद बैठक कर रहे हैं.
- चारधाम यात्रा के लिए ना सिर्फ नेता अधिकारियों के लिए गाइडलाइन जारी की गई बल्कि आम श्रद्धालुओं को लेकर भी नियम कानून तय किए गए हैं, जिसके तहत:
- चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए आधारकार्ड आधारित पंजीकरण अनिवार्य किया गया है.
- जिन श्रद्धालुओं ने ऑनलाइन पंजीकरण नहीं कराया है, उनके लिए ऋषिकेश, हरिद्वार, विकासनगर में ऑफलाइन पंजीकरण सुविधा उपलब्ध कराई गई है.
- जिस तारीख के लिए पंजीकरण कराया है, उसी तारीख को दर्शन की अनुमति होगी.
- श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए धाम में उपस्थित श्रद्धालुओं की संख्या के आधार पर ही मौके पर ऑफलाइन पंजीकरण किया जाएगा.
अब श्रद्धालुओं को लेकर तो सरकार सतर्क हो ही गई है, साथ ही साथ चारधाम की यात्रा में लगे कर्मचारियों को भी सख्त आदेश दिए गए हैं. साथ ही तैयारियां भी तेज कर दी गई हैं.
- मसूरी के वैकल्पिक रूप पर किमाड़ी मोटर मार्ग का काम जल्द हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं.
- मसूरी में शटल सेवा को ऑपरेशनल किया जाएगा.
- लाइब्रेरी चौक और पिक्चर पैलेस संचालन के लिए वाहनों के खड़े होने की व्यवस्था और शटल हेल्पडेस्क बनाए जाएंगे.
- चारधाम के रूटों पर पार्किंग की व्यवस्था बेहतर की गई है.
फिलहाल 30 अप्रैल से चारधाम यात्रा शुरू होने जा रही है. अगर आप भी चारधाम की यात्रा पर देवभूमि जाने का प्लान कर रहे हैं, तो सरकार की गाइडलाइन का ध्यान ज़रूर रखें. क्योंकि सुरक्षा के लिहाज़ से भी इस बार सरकार ने सख्ती बरती है.
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