×
जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

पूर्व PM के बेटे से साइबर ठगी, बॉस बनकर उड़ा दिए 7.8 करोड़ रुपये

बॉस के नाम और प्रोफाइल फोटो पर भरोसा करते हुए कर्मचारी ने बताए गए बैंक खाते में पूरी रकम ट्रांसफर कर दी. बाद में पता चला कि जिस व्हाट्सऐप नंबर से संदेश आया था, वह नरेश गुजराल का नंबर नहीं था. किसी साइबर ठग ने केवल उनकी प्रोफाइल तस्वीर का इस्तेमाल कर कर्मचारी को धोखा दिया था.

Author
18 Jun 2026
( Updated: 18 Jun 2026
01:16 PM )
पूर्व PM के बेटे से साइबर ठगी, बॉस बनकर उड़ा दिए 7.8 करोड़ रुपये
Image Credits: AI Image/IANS
Advertisement

साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें भारत के पूर्व प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल के बेटे और पूर्व राज्यसभा सदस्य नरेश गुजराल से ठगों ने करोड़ों रुपए की ठगी कर ली. हैरानी की बात यह है कि ठगों ने किसी हैकिंग या तकनीकी चाल का नहीं, बल्कि सिर्फ एक वॉट्सऐप प्रोफाइल फोटो का इस्तेमाल कर इतनी बड़ी ठगी को अंजाम दिया. 

बॉस बनकर भेजा मैसेज, कर्मचारी को नहीं हुआ शक 
दिल्ली पुलिस को दी गई शिकायत में नरेश गुजराल ने बताया कि उनके एक कर्मचारी को वॉट्सऐप पर एक संदेश मिला. उस नंबर पर नरेश गुजराल की प्रोफाइल फोटो लगी हुई थी, जिससे कर्मचारी को लगा कि संदेश वास्तव में उनके बॉस की ओर से आया है.

प्रोफाइल फोटो देखकर ट्रांसफर कर दिए 7.8 करोड़ रुपये
ठग ने खुद को नरेश गुजराल बताकर कर्मचारी से बातचीत की और फिर एक बैंक अकाउंट नंबर भेजा. इसके बाद कर्मचारी को निर्देश दिया गया कि वह उस खाते में 7.8 करोड़ रुपए आरटीजीएस के माध्यम से ट्रांसफर कर दे.

आरटीजीएस का पूरा नाम 'रियल-टाइम ग्रॉस सेटलमेंट' है. यह बैंक ट्रांसफर करने की एक अत्यधिक सुरक्षित और इंस्टेंट (तुरंत) इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली है, जिसे आरबीआई द्वारा संचालित किया जाता है.

Advertisement

बॉस के नाम और प्रोफाइल फोटो पर भरोसा करते हुए कर्मचारी ने बताए गए बैंक खाते में पूरी रकम ट्रांसफर कर दी. बाद में पता चला कि जिस व्हाट्सऐप नंबर से संदेश आया था, वह नरेश गुजराल का नंबर नहीं था. किसी साइबर ठग ने केवल उनकी प्रोफाइल तस्वीर का इस्तेमाल कर कर्मचारी को धोखा दिया था.

शिकायत मिलने के बाद दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को ई-एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी. पुलिस ने तुरंत एक विशेष टीम गठित की और ठग द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर तथा बैंक खाते की जांच शुरू की.

पुलिस ने दर्ज की ई-एफआईआर, 4 करोड़ रुपये किए फ्रीज
जांच के दौरान पुलिस ने मनी ट्रेल का पीछा किया और कार्रवाई करते हुए करीब 4 करोड़ रुपए विभिन्न बैंक खातों में फ्रीज करवा दिए. पुलिस अब पूरे नेटवर्क और ठगी में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी हुई है.

क्या होता है 'बॉस स्कैम'?
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इस तरह की धोखाधड़ी को 'बॉस स्कैम' कहा जाता है. इसमें ठग किसी कंपनी या संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी या मालिक बनकर कर्मचारियों को निर्देश देते हैं और उनसे बड़ी रकम ट्रांसफर करवा लेते हैं.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
G
Guest (अतिथि)
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें