अब बाजार में ही होगी खाने की टेस्टिंग, हरियाणा सरकार लाई 28 नई मोबाइल लैब वैन

Haryana: सरकार 28 नई मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब वैन शुरू करेगी और करनाल की जिला खाद्य प्रयोगशाला को आधुनिक बनाया जाएगा. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि इससे लोगों को तेज, वैज्ञानिक और आसानी से उपलब्ध जांच सुविधा मिलेगी.

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16 Feb 2026
( Updated: 16 Feb 2026
04:36 PM )
अब बाजार में ही होगी खाने की टेस्टिंग, हरियाणा सरकार लाई 28 नई मोबाइल लैब वैन
Image Source: Social Media

Haryana: हरियाणा सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में खाने-पीने की चीजों और दवाओं की जांच व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए 53.21 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं. इस फैसले का मकसद है कि आम लोगों को शुद्ध भोजन और सुरक्षित दवाएं मिलें. सरकार 28 नई मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब वैन शुरू करेगी और करनाल की जिला खाद्य प्रयोगशाला को आधुनिक बनाया जाएगा. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि इससे लोगों को तेज, वैज्ञानिक और आसानी से उपलब्ध जांच सुविधा मिलेगी.

करनाल की लैब होगी पूरी तरह मॉडर्न

करनाल की जिला फूड टेस्टिंग लैब को बड़े स्तर पर अपग्रेड किया जा रहा है. राज्य बजट और Food Safety and Standards Authority of India (FSSAI) की मदद से नई मशीनें और आधुनिक उपकरण लगाए जा रहे हैं. लैब में दर्जनों नए उपकरण जोड़े जा रहे हैं और करोड़ों रुपये की लागत से अत्याधुनिक मशीनें खरीदी जा रही हैं. साथ ही यहां एक अलग माइक्रोबायोलॉजी सेक्शन भी बनाया गया है, जिससे खाने-पीने की चीजों में बैक्टीरिया या अन्य हानिकारक तत्वों की बारीकी से जांच की जा सकेगी. इससे जांच की क्षमता और सटीकता दोनों बढ़ेंगी.

चंडीगढ़ में भी बन रही नई माइक्रोबायोलॉजी लैब

Chandigarh में भी नई माइक्रोबायोलॉजी लैब बनाई जा रही है, जिसका काम लगभग 80 प्रतिशत पूरा हो चुका है और इसे मार्च 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है. यहां पहले से मौजूद फूड लैब का भी नवीनीकरण किया गया है और उसे हाई-एंड उपकरणों से लैस किया गया है. हरियाणा में चंडीगढ़ और करनाल की लैब्स को फूड सेफ्टी कानून के तहत मान्यता मिली हुई है. आने वाले समय में सरकार अलग-अलग चरणों में 8 अत्याधुनिक फूड टेस्टिंग लैब बनाने की योजना पर काम कर रही है, ताकि पूरे राज्य में उच्च गुणवत्ता के खाद्य मानक सुनिश्चित किए जा सकें.

28 नई मोबाइल फूड टेस्टिंग वैन से बढ़ेगी पहुंच

राज्य में पहले से 5 मोबाइल फूड टेस्टिंग वैन चल रही हैं, जो सिर्फ 20 रुपये प्रति सैंपल पर मौके पर ही जांच कर देती हैं. अब NCR क्षेत्रों में 28 नई वैन जोड़ी जाएंगी, जिससे और ज्यादा लोगों तक यह सुविधा पहुंचेगी. इन वैन के जरिए बाजारों, मेलों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में तुरंत सैंपल लेकर जांच की जा सकेगी. इससे मिलावटी और खराब खाने पर जल्दी कार्रवाई संभव होगी.

स्वच्छ स्ट्रीट फूड हब को बढ़ावा

सरकार हाइजीनिक स्ट्रीट फूड संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए Ambala, Karnal, Hisar और Gurugram में स्वच्छ स्ट्रीट फूड हब विकसित कर रही है. अंबाला कैंट के गांधी ग्राउंड में 60 दुकानों वाला फूड हब बनाया जा रहा है, जिसे फरवरी 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है. हिसार में काम तेजी से चल रहा ह. करनाल और गुरुग्राम में भी परियोजनाएं अलग-अलग चरणों में हैं. इससे लोगों को साफ-सुथरे माहौल में सुरक्षित स्ट्रीट फूड मिलेगा.

दवा जांच और सख्त कार्रवाई

साल 2025 में राज्य की ड्रग्स लैब ने हजारों दवाओं के सैंपल लिए और उनका परीक्षण किया. हजारों मेडिकल दुकानों और यूनिट्स का निरीक्षण किया गया. नियमों का पालन न करने पर कई लाइसेंस निलंबित और रद्द किए गए. कुछ दवाओं को मानक से कम गुणवत्ता वाला पाया गया, जिन पर कार्रवाई की गई. संयुक्त छापेमारी में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स की जांच हुई और जरूरत पड़ने पर लाइसेंस सस्पेंड किए गए. साथ ही नई यूनिट्स को लाइसेंस भी दिए गए और कुछ को WHO-GMP मानकों पर अपग्रेड किया गया.

सुरक्षित खाना और दवा हर घर तक

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डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि लैबों का आधुनिकीकरण, मोबाइल जांच वैन, सख्त निगरानी और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर इन सबका मकसद एक ही है, लोगों को सुरक्षित भोजन और अच्छी गुणवत्ता की दवाएं उपलब्ध कराना. सरकार का प्रयास है कि हरियाणा में उपभोक्ताओं का भरोसा मजबूत हो और स्वास्थ्य सुरक्षा के मानक और ऊंचे हों.

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