दलित महिला के खाना बनाने पर आंगनबाड़ी का बहिष्कार, BJP के ब्राह्मण सांसद ने उठाया ऐसा कदम, हो रही तारीफ
आंगनबाड़ी की दलित कुक से समाज के कुछ तथाकथित ऊंची जाति के लोगों को दिक्कत थी. जातीय भेदभाव की इन गहरी जड़ों को देखते हुए BJP के ब्राह्मण सांसद खुद आंगनबाड़ी पहुंचे और वही पंगत जमा ली. महिला के हाथ का खाना खाया और सबको खिलाया.
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रोटी, कपड़ा, मकान के साथ नेताओं के मेनिफेस्टों में एक और पॉइंट ऐड करना बेहद जरूरी है. वो ये कि सदियों से होते भेदभाव को मिटाएंगे. देश में अक्सर सामाजिक भेदभाव के गंभीर मामले सामने आते हैं. जिन पर चर्चा होती है और होती है जमकर सियासत, लेकिन ओडिशा के BJP सांसद ने इस रिवायत को तोड़ते हुए सामाजिक भेदभाव मिटाने का संदेश दिया है.
ओडिशा के केंद्रपाड़ा से BJP सांसद बैजयंत पांडा अपने एक कदम को लेकर चर्चा में हैं. हर कहीं उनकी तारीफ भी हो रही है. दरअसल, बैजयंत पांडा ने अपनी टीम के साथ एक दलित महिला के घर खाना खाया. अब आप कहेंगे इसमें बड़ी बात क्या है? वो तो सब करते हैं खासकर चुनावों के समय… बैजयंत पांडा ने ये कदम ऐसे समय में उठाया है जब इलाके में दलित महिला के हाथ के बने खाने को लेकर विवाद था. लोगों को ऐतराज था. बैजयंत पांडा समाज की दकियानुसी सोच और जातिगत भेदभाव को मिटाने का संदेश देते हुए महिला के घर पहुंचे और खाना खाया.
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दरअसल, महिला आंगनबाड़ी में काम करती है, वह दलित है इसलिए समाज के कुछ तथाकथित ऊंची जातियों के लोगों को उनके हाथ के बने खाने से दिक्कत होने लगी. ऐसे में समाज में वैमनस्य को रोकने के इरादे से पांडा उस आंगनवाड़ी केंद्र पहुंच गए, जहां महिला काम करती है. उनके साथ तमाम समर्थक और गांव के लोग भी थे. उन्होंने महिला और उसकी बहन के हाथों का बना खाना खाया. पांडा ने महिला और उसके परिवार से मुलाकात की. उनका हालचाल लिया और साथ में फोटो खिंचवाई.
Delighted at children having a nutritious meal today at the Nuagaon Anganwadi which I had reviewed yesterday and had a wonderful lunch along with local leaders and villagers. It was heartening to see the community coming together to ensure great beginnings for their children. https://t.co/zfyAn7Uwb2 pic.twitter.com/7zR6Re6BbA
— Baijayant Jay Panda (@PandaJay) February 16, 2026
इससे अच्छी बात क्या हो सकती है कि एक नेता जातिगत भेदभाव के मामले को तूल देने की बजाय इसे मिटाने के लिए खुद आगे आए. बैजयंत पांडा के महिला के हाथ का खाना खाते हुए फोटोज वीडियोज वायरल हो रहे हैं. लोग उनकी तारीफ करते हुए कह रहे हैं, इससे बेहतर तरीका कोई दूसरा नहीं हो सकता. उनकी कोशिश भाषणों में नहीं बल्कि असल में दिखी.
क्या है पूरा मामला?
यह मामला राजनगर के गड़ियामल ग्राम पंचायत के नुआगांव आंगनवाड़ी केंद्र का है. यहां आंगनवाड़ी में काम करने वाली दलित महिला शर्मिष्ठा सेठी के हाथों का खाना बच्चों को दिए जाने से कई ग्रामीणों को दिक्कत थी. लोगों ने बहिष्कार की मांग की. जब बात सांसद बैजयंत पांडा के कान तक पहुंची तो वह खुद आंगनबाड़ी पहुंचे. इस दौरान उनके साथ कई BJP नेता और कार्यकर्ता भी थे. मौके पर ग्रामीण भी जमा हो गए. बैजयंत पांडा यहां राजनीति नहीं बल्कि लोगों को बड़ा संदेश देने आए थे. संदेश भेदभाव खत्म करने का, संदेश बराबरी का, संदेश सबको समान सम्मान का.
बैजयंत पांडा ने दलित महिला के हाथ का बना खाना खाया तो ग्रामीणों के व्यवहार में भी सुधार आया. बच्चे आंगनबाड़ी पहुंचे तो वही खाना खाया जो महिला ने बनाया.
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इसकी तस्वीरें भी बैजयंत पांडा ने सोशल मीडिया पर शेयर की हैं. आंगनवाड़ी वर्कर शर्मिष्ठा सेठी ने बताया, BJP सांसद बैजयंत पांडा ने चावल, दाल, खट्टा और सब्जियां खाईं. इस खाने को मैंने और मेरी बहन ने ही तैयार किया था. उन्होंने काफी तारीफ भी की. BJP सांसद बैजयंत पांडा ने एक कदम से कई संदेश दिए, जो सभी नेताओं को अमल में लाना चाहिए.
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