‘लॉन्ग लिव लव', वैलेंटाइन डे पर ममता दीदी का इजहार-ए-मोहब्बत, जानें किसे भेजा प्यार का संदेश!
Valentine's Day 2026: अपने फायरब्रांड और सौ टका पॉलिटिकल अंदाज के लिए पहचानी जाने वाली पश्चिम बंगाल ने सोशल मीडिया पर प्यार का इजहार कर सबको हैरान कर दिया है. उन्होंने ‘वैलेंटाइन डे’ पर एक खूबसूरत लविंग मैसेज किया, जिससे चर्चा का बाजार गर्म हो गया है.
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तेज तर्रार और कड़क मिजाज के लिए मशहूर पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने ‘वैलेंटाइन डे’ (Valentine’s Day) पर इजहार-ए-मोहब्बत कर सबको चौंका दिया है. दीदी ने जैसे ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर 'अपने प्यार' को लेकर एक पोस्ट किया, हड़कंप मच गया. अपने फायरब्रांड स्वभाव के लिए मशहूर ममता दीदी के बदले अंदाज ने सियासी गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म कर दिया. आपको बताएं कि ममता ने पहली बार वैलेंटाइन डे पर सार्वजनिक रूप से बधाई संदेश दिया.
'लॉन्ग लिव लव'
आपको बताएं कि विधानसभा चुनावों से पहले बदले ममता के अंदाज ने विरोधियों को भी हैरान कर दिया है, उन्हें चौंकन्ना कर दिया है. ममता ने अपने संदेश की शुरुआत एक बंगाली कविता से की और लिखा, ‘लॉन्ग लिव लव (Long Live Love)’ प्यार सहन करता है, फलता-फूलता है और लंबे समय तक बना रहता है. उन्होंने आगे लिखा कि वैलेंटाइन डे प्यार के सभी रूपों का उत्सव है, जो जाति, पंथ, वर्ग और धर्म से परे है.
दीदी ने अपने इस भावुक पोस्ट में आगे लिखा, ‘यही प्यार की भावना है जिसने मेरी जनसेवा की यात्रा को मार्गदर्शन दिया है. लोगों के लिए एक ऐसा प्यार जो तूफानों का सामना करने के लिए काफी मजबूत है, सुनने के लिए काफी धैर्यवान है और न्याय व सम्मान के लिए लड़ने के लिए काफी साहसी है.’
"তোমারেই যেন ভালোবাসিয়াছি শত রূপে শতবার
— Mamata Banerjee (@MamataOfficial) February 14, 2026
জনমে জনমে যুগে যুগে অনিবার।"
Valentine’s Day is a celebration of love in all its forms and manifestations, in its widest and noblest sense; love that transcends caste, creed, class and religion.
It is this spirit of love that has guided…
जेन जी और स्विंग वोटर्स तक पहुंचने की कोशिश
राजनीति के जानकारों की मानें तो ममता बनर्जी का ये वैलेंटाइन दाव आगामी चुनाव को देखते हुए लार्जर कनेक्ट और मोबलाइजेशन का हिस्सा है. ममता जानती हैं कि उनके लिए आगामी चुनाव आसान नहीं होगा.
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ऐसे में टीएसी कैडर, अल्पसंख्यक वोटों के साथ-साथ फर्स्ट टाइम वोटर्स और स्विंग वोट को अपनी तरफ खींचना जरूरी है. इसी के जरिए एंटी इनकंबेसी के फैक्टर की काट की जा सकती है. जानकार बताते हैं कि उनका ये एक स्मार्ट ‘यूथ कनेक्ट’ (Youth Connect) मूव है. माना जा रहा है कि आगामी विधानसभा चुनावों से पहले ममता बनर्जी इस तरह के संदेशों के जरिए युवा वोटर्स के दिल में जगह बनाना चाहती हैं.
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