खतरे में WhatsApp! सरकार की कड़ी चेतावनी, किसी भी दिन हो सकता है ब्लॉक, जानिए क्या है वजह

WhatsApp Block In Russia: व्हाट्सऐप पर प्रतिबंध लगाने या इसे पूरी तरह ब्लॉक करने की तैयारी कर ली है. ऐसा पहली बार नहीं है जब रूस में व्हाट्सऐप की सर्विस पर विवाद हुआ है. पिछले साल भी कई बार ऐसी खबरें आई थीं कि रूस की सरकार ने लोगों को अपने सरकारी एप पर भेजने के लिए व्हाट्सऐप पर दबाव डालने की कोशिश की थी.

खतरे में WhatsApp! सरकार की कड़ी चेतावनी, किसी भी दिन हो सकता है ब्लॉक, जानिए क्या है वजह
Image Source: Social Media

WhatsApp Block In Russia: अमेरिका के साथ तनाव बढ़ने और यूक्रेन में युद्ध जारी रहने के बीच रूस ने डिजिटल मोर्चे पर बड़ा कदम उठाया है. रूस ने व्हाट्सऐप पर प्रतिबंध लगाने या इसे पूरी तरह ब्लॉक करने की तैयारी कर ली है. ऐसा पहली बार नहीं है जब रूस में व्हाट्सऐप की सर्विस पर विवाद हुआ है. पिछले साल भी कई बार ऐसी खबरें आई थीं कि रूस की सरकार ने लोगों को अपने सरकारी एप पर भेजने के लिए व्हाट्सऐप पर दबाव डालने की कोशिश की थी.

व्हाट्सऐप का बयान

व्हाट्सऐप ने कहा है कि रूस की कोशिश है कि लोग सरकारी सर्विलांस एप की तरफ चले जाएँ। कंपनी ने बताया कि इस ब्लॉक का मकसद यूजर्स को सरकारी ऐप पर ले जाना है. व्हाट्सऐप का कहना है कि इस तरह की कोशिश से 10 करोड़ से ज्यादा लोगों को प्राइवेट और सुरक्षित बातचीत से दूर किया जा रहा है. कंपनी ने स्पष्ट किया कि यूजर्स की सुरक्षा और कनेक्टिविटी बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठाया जा रहा है.

रूस में सरकारी ऐप को प्रमोट किया जा रहा है

रूस ने अपने सरकारी ऐप “MAX” को प्रमोट करना शुरू कर दिया है. आलोचक कहते हैं कि इस ऐप का इस्तेमाल यूजर्स को ट्रैक करने के लिए किया जा सकता है। फरवरी 2022 में यूक्रेन पर हमले के बाद रूस और विदेशी टेक कंपनियों के बीच विवाद और बढ़ गया है. वहीं सरकारी मीडिया ने इन आरोपों को झूठा बताया है और कहा है कि यह ऐप पूरी तरह सुरक्षित है.

क्या-क्या हुआ है ब्लांक?

रूस में व्हाट्सऐप, यूट्यूब और इंस्टाग्राम के अलावा BBC, Deutsche Welle, Radio Free Europe, Radio Liberty, गुमनाम Tor ब्राउजर को भी ब्लॉक किया गया है. साथ ही सरकार ने सभी इंटरनेट प्रोवाइडर्स को आदेश दिया है कि वे अब नेशनल डोमेन नेम सिस्टम का ही इस्तेमाल करेंगे. देश के ‘सॉवरेन इंटरनेट’ कानून के तहत यह अनिवार्य किया गया है. साल 2021 में Google DNS समेत अन्य DNS का इस्तेमाल बैन किया गया था.

डिजिटल स्पेस पर रूस का बढ़ता नियंत्रण

व्हाट्सऐप के अनुसार रूस अपनी इंटरनेट स्पेस पर ज्यादा कंट्रोल चाहता है. विदेशी ऐप्स को ब्लॉक करके और सरकारी ऐप्स को प्रमोट करके रूस अपने देश में डिजिटल नियंत्रण बढ़ा रहा है. कंपनी ने कहा कि यह कदम लोगों की प्राइवसी और सुरक्षा के लिए पिछड़ा कदम है.

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