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यूपी टेक्सटाइल कॉन्क्लेव में CM योगी का चुनावी संदेश, बोले- अब दंगा नहीं, निवेश और रोजगार की पहचान बना यूपी
सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश के 17 टेक्सटाइल उत्पादों को जीआई पहचान मिल चुकी है और करीब पांच लाख बुनकर इस क्षेत्र से जुड़े हैं. देश के कुल फैब्रिक उत्पादन में यूपी की हिस्सेदारी करीब 14 प्रतिशत है. सरकार का लक्ष्य फाइबर से लेकर तैयार उत्पाद और वैश्विक बाजार तक पूरी मूल्य श्रृंखला प्रदेश में विकसित करना है. उत्तर प्रदेश को केवल उत्पादन केंद्र नहीं, बल्कि वैश्विक टेक्सटाइल हब बनाना है.
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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टेक्सटाइल कॉन्क्लेव के मंच से प्रदेश की बदली तस्वीर और सरकार की आर्थिक नीति का सियासी खाका पेश किया.
लखनऊ में मंगलवार को यूपी टेक्सटाइल कॉन्क्लेव-2026 का उद्घाटन करते हुए सीएम योगी ने एक ओर उत्तर प्रदेश की हजारों वर्ष पुरानी वस्त्र परंपरा को वैश्विक बाजार से जोड़ने का संकल्प जताया, तो दूसरी ओर 2017 से पहले की कानून-व्यवस्था और निवेश के माहौल पर विपक्ष को घेरा.
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‘अब यूपी दंगा और कर्फ्यू मुक्त प्रदेश’
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मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की पहचान अब दंगा, माफिया और वसूली से नहीं, बल्कि निवेश, रोजगार और विकास से हो रही है. प्रदेश में आज कानून का राज है और अपराध तथा अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति लागू है. पहले निवेशक कारोबार की उम्मीद लेकर आते थे और वसूली की पर्ची लेकर लौटते थे, लेकिन अब व्यापारी और निवेशक सुरक्षित माहौल में कारोबार कर सकते हैं.
सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में आए दिन दंगे होते थे और माफिया सत्ता के समानांतर अपनी व्यवस्था चलाते थे. यूपी के नागरिकों को दूसरे राज्यों में किराए का मकान और होटल में कमरा तक मिलने में दिक्कत होती थी. उन्होंने कहा कि उस दौर में उद्योग लगाने की कल्पना करना भी मुश्किल था, जबकि आज यूपी दंगा और कर्फ्यू मुक्त प्रदेश है.
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बनारस के रेशम से भदोही के कालीन तक यूपी की पहचान
उन्होंने टेक्सटाइल क्षेत्र को उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था और रोजगार का बड़ा आधार बताते हुए कहा कि प्रदेश के पास विरासत, हुनर, मानव संसाधन और देश का बड़ा बाजार मौजूद है. बनारस के रेशम से लेकर भदोही के कालीन और कानपुर के औद्योगिक आधार तक प्रदेश की अपनी मजबूत टेक्सटाइल पहचान है. वैदिक साहित्य, रामायण और महाभारत में भी काशी के वस्त्रों का उल्लेख मिलता है.
सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश के 17 टेक्सटाइल उत्पादों को जीआई पहचान मिल चुकी है और करीब पांच लाख बुनकर इस क्षेत्र से जुड़े हैं. देश के कुल फैब्रिक उत्पादन में यूपी की हिस्सेदारी करीब 14 प्रतिशत है. सरकार का लक्ष्य फाइबर से लेकर तैयार उत्पाद और वैश्विक बाजार तक पूरी मूल्य श्रृंखला प्रदेश में विकसित करना है. उत्तर प्रदेश को केवल उत्पादन केंद्र नहीं, बल्कि वैश्विक टेक्सटाइल हब बनाना है.
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बुनकरों को सप्लायर नहीं, ब्रांड मालिक बनाने पर जोर
उन्होंने एमएसएमई को उप-ठेकेदार से निर्यातक और बुनकरों को सप्लायर से ब्रांड मालिक बनाने पर जोर दिया. प्रदेश में 36 सेक्टर आधारित नीतियां और करीब 75 हजार एकड़ का लैंड बैंक उपलब्ध होने का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि निवेशकों के लिए ऑनलाइन प्रोत्साहन वितरण और योजनाओं की मुख्यमंत्री कार्यालय से निगरानी की व्यवस्था है.
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टेक्सटाइल सेक्टर में 5,354 करोड़ के निवेश प्रस्ताव
उन्होंने कहा कि पिछले 9 वर्षों में प्रदेश में एक्सप्रेसवे, लॉजिस्टिक्स और मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी का मजबूत नेटवर्क तैयार हुआ है. टेक्सटाइल क्षेत्र में करीब 5,354 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव सामने आए हैं. संत कबीर टेक्सटाइल पार्क के तहत 10 पार्क विकसित करने की योजना है, जिनमें पांच पर काम शुरू हो चुका है.
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कॉन्क्लेव में उद्योग जगत ने भी यूपी में निवेश की संभावनाओं को स्वीकार किया. साथ ही कुशल श्रमशक्ति, प्रसंस्करण इकाइयों, टेक्सटाइल मशीनरी और तकनीकी वस्त्रों में आत्मनिर्भरता बढ़ाने पर जोर दिया गया. इस तरह टेक्सटाइल कॉन्क्लेव के जरिए योगी सरकार ने विकास और निवेश के साथ अपनी कानून-व्यवस्था की उपलब्धियों को भी चुनावी विमर्श के केंद्र में रखने का संकेत दिया.