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सीएम योगी ने निभाया वादा, होमगार्ड जवानों को 5 लाख तक के कैशलेस इलाज की मंजूरी, सलाना खर्च होंगे 35 करोड़ रुपये

सरकार के अनुसार इस निर्णय से विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को राहत मिलेगी और उन्हें बढ़ी हुई दरों पर वर्दी संबंधी भत्ते प्राप्त होंगे. इन संस्तुतियों को लागू करने से राज्य सरकार पर लगभग 20 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वार्षिक वित्तीय भार आएगा.

Image Credits: IANS
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश होमगार्ड विभाग के अंतर्गत कार्यरत होमगार्ड स्वयंसेवकों, अवैतनिक अधिकारियों और उनके आश्रित परिवारों को बड़ी राहत देते हुए प्रति परिवार प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई. यह सुविधा स्टेट एजेंसी फॉर कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेज (साचीज) के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी. इसके अलावा पुलिस समेत कई विभागों के कर्चमारियों के वर्दी भत्ते में बढ़ोतरी पर भी मंजूरी दी गई है.

मुख्यमंत्री ने 6 दिसंबर 2025 को होमगार्ड दिवस के अवसर पर होमगार्ड जवानों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की घोषणा की थी. अब कैबिनेट की मंजूरी के साथ इस घोषणा को अमली जामा पहनाया जाएगा.

राजकीय और निजी अस्पतालों में मिलेगा कैशलेस इलाज
वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि योजना के तहत होमगार्ड स्वयंसेवकों, अवैतनिक अधिकारियों और उनके आश्रित परिवारों को आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध राजकीय अस्पतालों और संबद्ध निजी अस्पतालों में आईपीडी (अंतर्रोगी विभाग) उपचार के लिए प्रति परिवार प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलेगी. इससे गंभीर बीमारी की स्थिति में परिवारों को आर्थिक राहत मिलेगी.

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सरकार वहन करेगी योजना का खर्च
कैबिनेट से मंजूर योजना के तहत प्रति होमगार्ड स्वयंसेवक एवं अवैतनिक अधिकारी 3 हजार रुपये वार्षिक प्रीमियम की दर से योजना संचालित की जाएगी. इसके लिए सरकार पर लगभग 35.50 करोड़ रुपये का वार्षिक वित्तीय व्यय अनुमानित है. इस कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना का संचालन साचीज के माध्यम से किया जाएगा. इस योजना से प्रदेश में लगभग 69 हजार होमगार्ड्स और उनके आश्रित लाभान्वित होंगे.

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पुलिस समेत कई विभागों के कर्मचारियों के वर्दी भत्ते में बढ़ोतरी
कैबिनेट बैठक में वेतन समिति (2016) की संस्तुतियों पर मुख्य सचिव समिति द्वारा दी गई सिफारिशों को मंजूरी मिल गई है. कैबिनेट ने इन संस्तुतियों को यथावत स्वीकार करने का निर्णय लिया. इसके तहत गृह (पुलिस) विभाग के कर्मचारियों को मिलने वाले भत्तों में संशोधन किया जाएगा. साथ ही न्याय विभाग के अधीनस्थ न्यायालयों, कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग, वन विभाग, आबकारी विभाग, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, चिकित्सा शिक्षा विभाग तथा आयुष विभाग के कर्मचारियों के वर्दी, वर्दी नवीनीकरण और वर्दी धुलाई भत्ते में वृद्धि को मंजूरी दी गई है. हालांकि अन्य भत्तों और मामलों में किसी प्रकार का संशोधन नहीं किया गया है.

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20 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार
सरकार के अनुसार इस निर्णय से विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को राहत मिलेगी और उन्हें बढ़ी हुई दरों पर वर्दी संबंधी भत्ते प्राप्त होंगे. इन संस्तुतियों को लागू करने से राज्य सरकार पर लगभग 20 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वार्षिक वित्तीय भार आएगा.

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