चार धाम यात्रा का आगाज: गंगोत्री-यमुनोत्री के कपाट खुले, CM धामी ने की पहली पूजा, श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़
दोपहर 12 बजकर 15 मिनट पर गंगोत्री और 12 बजकर 35 मिनट पर यमुनोत्री के कपाट खोले गए. जहां पहली पूजा PM मोदी के नाम की हुई.
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उत्तराखंड में आज से चारधाम यात्रा का आगाज हो गया है. गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट खुल गए हैं. कपाट खुलने के बाद पहली पूजा उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने की. इस दौरान दोनों तीर्थ स्थल फूलों से सजाए गए.
दोपहर 12 बजकर 15 मिनट पर गंगोत्री और 12 बजकर 35 मिनट पर यमुनोत्री के कपाट खोले गए. जहां पहली पूजा PM मोदी के नाम की हुई. इसके बाद आम श्रद्धालुओं ने दर्शन किए. पहले दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए.
CM पुष्कर धामी ने शेयर की झलकियां
CM पुष्कर सिंह धामी ने गंगोत्री और यमुनोत्री धाम की तस्वीरें शेयर की. इसी के साथ उन्होंने लिखा, अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर श्रद्धा और आस्था के साथ श्री यमुनोत्री धाम के कपाट विधिवत रूप से भक्तों के लिए खोल दिए गए, देवभूमि में भक्ति का यह दिव्य क्षण, सनातन परंपरा की अखंड आस्था का प्रतीक है.
यमस्वसर्नमस्तेऽसु यमुने लोकपूजिते।
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) April 19, 2026
वरदा भव मे नित्यं सूर्यपुत्रि नमोऽस्तु ते।।
अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर श्रद्धा और आस्था के साथ श्री यमुनोत्री धाम के कपाट विधिवत रूप से भक्तों के लिए खोल दिए गए। देवभूमि में भक्ति का यह दिव्य क्षण, सनातन परंपरा की अखंड आस्था का प्रतीक है।… pic.twitter.com/x49fPiTk1I
उन्होंने लिखा, मां यमुना से प्रार्थना है कि समस्त प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का सतत प्रवाह बना रहे और राज्य निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर रहे.
धूमधाम से मनाया गया उत्सव
इस मौके पर धूमधाम से उत्सव मनाया गया, जिसमें ढोल दमाऊ और रानसिंघा जैसे पारंपरिक वाद्ययंत्रों की मधुर ध्वनि से पूरा वातावरण गूंज उठा. गढ़वाल राइफल्स बैंड ने भी इसमें भाग लिया, जिससे देवी का उनके ग्रीष्मकालीन निवास में स्वागत करते समय समारोह में एक औपचारिक स्पर्श जुड़ गया.
बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, पुजारियों, साधुओं और अधिकारियों ने जुलूस में भाग लिया, जो तीर्थयात्रा से जुड़ी सामूहिक आस्था और एकता को दिखाता है.
कब शुरू होगी केदारनाथ यात्रा?
इसी बीच रविवार को ओंकारेश्वर मंदिर से भगवान केदारनाथ की औपचारिक 'डोली' को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया, जो हिमालय में स्थित केदारनाथ धाम की उसकी वार्षिक यात्रा की शुरुआत का संकेत है. बाबा की पंचमुखी डोली 21 अप्रैल को केदारनाथ पहुंचेगी जिसके बाद अगले दिन 22 अप्रैल कपाट खुलेंगे.
भगवान केदारनाथ की पंचमुखी प्रतिमा, जो उखीमठ में अपने शीतकालीन निवास स्थान पर रहती है, को वैदिक मंत्रों, भक्ति संगीत और भक्तों की उत्साही भागीदारी के साथ एक भव्य जुलूस में ले जाया गया.
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मंदिर परिसर को फूलों से भव्य रूप से सजाया गया था, लगभग आठ क्विंटल फूलों का उपयोग आध्यात्मिक वातावरण को बढ़ाने के लिए किया गया था. श्रद्धालुओं ने उत्सव के हिस्से के रूप में सामुदायिक भोज या भंडारा का आयोजन भी किया.
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