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'नीतीश CM नहीं तो हम भी नहीं लड़ेंगे चुनाव...', बिहार के बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने राजनीति से संयास लेने का ऐलान
बिहार के बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने राज्यसभा चुनाव के दौरान बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि अब वो विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ेंगे. अनंत सिंह आज राज्यसभा चुनाव में वोटिंग के लिए जेल से बिहार विधानसभा पहुंचे थे.
बिहार की 5 राज्यसभा सीटों पर हो रहे मतदा के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है. सूबे की राजनीति में प्रभाव रखने वाले मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत ने राजनीति से संयास लेने का ऐलान किया है. जेल से कड़ी सुरक्षा के बीच बिहार विधानसभा में वोट डालने पहुंचे अनंत सिंह ने यह साफ कर दिया है कि बतौर विधायक ये उनका अंतिम कार्यकाल होगा. मतदान करने के बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा की अब वो सक्रिय राजनीति से दूरी बना लेंगे. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि नीतीश कुमार जब मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे तो वो भी विधायक नहीं रहना चाहते.
अनंत सिंह ने क्यों किया ऐसा ऐलान?
पत्रकारों से बात करते हुए अनंत सिंह ने कहा कि 'अब यह तय हो चुका है कि नीतीश कुमार (Nitish Kumar) राज्यसभा जा रहे है. तो हमने भी फैसला ले लिया है कि अब अगला विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे.' उन्होंने यह भी कहा कि हमने पहले भी ये बात बोली थी कि जब नीतीश कुमार सक्रिय राजनीति से दूरी बना लेंगे तो मैं भी राजनीति छोड़ दूँगा क्योंकि मुझे राजनीति में लाने वाले नीतीश कुमार ही हैं. इसलिए इस बार मेरा अंतिम चुनाव था. उन्होंने यह भी कहा कि मोकामा क्षेत्र और राजनीति की ज़िम्मेदारी अपने बेटे को सौंप देंगे. वही जनता की सेवा करेगा.
अपनी रिहाई पर भी दी प्रतिक्रिया
अनंत सिंह से जब पत्रकारों ने उनके जेल से बाहर आने को लेकर सवाल किया तो उन्होंने कहा हमारे समर्थकों को ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है. उन्होंने इस बात का दावा किया है कि वह लगभग एक महीने से जेल से जमानत पर बाहर आ जाएंगे. वही नीतीश कुमार के बाद बिहार का नया मुख्यमंत्री कौन बनेगा इस सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि इसका फैसला नीतीश कुमार खुद करेंगे.
बड़ा बेटा संभालेगा राजनीतिक ज़िम्मेदारी
आगे कान जब मीडिया के लोगों ने मोकामा विधायक से तेजस्वी यादव और नीतीश कुमार में बेहतर नेता को वाल किया तो उन्होंने कहा तो वो नाराज हो गए और इसे बेवजह का सवाल बताते हुए टाल दिया. बताते चलें है कि मोकामा क्षेत्र में अनंत सिंह का काफी समय से मजबूत राजनीतिक दबदबा रहा है. ऐसे में उनके चुनावी राजनीति से पीछे हटने के ऐलान के बाद अब लोगों की नजर इस बात पर है कि अगली बार उनके बेटे को जनता कितना समर्थन देती है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अनंत सिंह के इस फैसले से बिहार की राजनीति में नए समीकरण बन सकते हैं.