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KGMU के सभी हॉस्टलों की मेस में नॉनवेज पर रोक, संत ने किया स्वागत तो मौलाना ने जताया विरोध

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) ने अपने सभी छात्रावासों की मेस और कैंटीन में मांसाहारी भोजन पकाने और परोसने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है.

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15 Jul 2026
( Updated: 15 Jul 2026
03:32 PM )
KGMU के सभी हॉस्टलों की मेस में नॉनवेज पर रोक, संत ने किया स्वागत तो मौलाना ने जताया विरोध
Image Credit: IANS
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उत्तर प्रदेश की राजधानी के चर्चित और बड़े अस्पताल किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के सभी छात्रावासों की मेस और कैंटीन में मांसाहारी भोजन के पकाने और परोसने पर रोक लगा दी गई है. इस संबध में आदेश भी जारी किया जा चुका है. 

चीफ प्रोवोस्ट प्रो. केके सावलानी ने आदेश जारी किया है. बताया गया है कि यह निर्णय कुलपति के मौखिक निर्देशों के बाद लिया गया है.

जारी आदेश के अनुसार, विश्वविद्यालय के सभी छात्रावासों की मेस और कैंटीन में अब न तो मांसाहारी भोजन पकाया जाएगा और न ही परोसा जाएगा. साथ ही छात्र-छात्राओं के आहार में प्रोटीन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए शाकाहारी प्रोटीन स्रोतों के समुचित उपयोग के निर्देश दिए गए हैं.

सभी प्रोवोस्ट को दिए गए पालन के निर्देश

चीफ प्रोवोस्ट की ओर से सभी प्रोवोस्ट को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि आदेश का तत्काल प्रभाव से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए. यह आदेश 14 जुलाई को जारी किया गया.

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संत सतेंद्र दास वेदांत महाराज ने फैसले का किया स्वागत

इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए संत सतेंद्र दास वेदांत महाराज ने इसका स्वागत किया और उम्मीद जताई कि देशभर के अन्य शिक्षण संस्थान भी इसी तरह के कदम उठाएंगे. संत सतेंद्र दास वेदांत महाराज ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "मैं राज्यपाल के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करना चाहता हूं. मुझे उम्मीद है कि यह निर्णय केवल लखनऊ तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे देश में लागू किया जाएगा. जहां भी हॉस्टल संचालित हो रहे हैं, वहां इस तरह का प्रतिबंध लागू किया जाना चाहिए."

उन्होंने कहा, "छात्रों को नॉनवेज भोजन परोसने और इस तरह की खानपान की आदतों को बढ़ावा देने की प्रथा समाप्त होनी चाहिए. यह केवल लखनऊ तक सीमित नहीं होना चाहिए; बल्कि भारत के सभी हॉस्टल, शिक्षण संस्थानों और विश्वविद्यालयों में इस तरह का प्रतिबंध लागू किया जाना चाहिए."

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केजीएमयू प्रवक्ता ने क्या कहा?

वही इस मामले में केजीएमयू के प्रवक्ता प्रेम राज सिंह ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "जैसा कि आप जानते हैं, हमारे 22वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने मांसाहारी भोजन का मुद्दा उठाया था. जहां मांसाहारी भोजन बनता है, वहां ठीक से साफ-सफाई नहीं होती. इसलिए, मैं आपको हमारी यूनिवर्सिटी के बारे में बताना चाहूंगा. सभी 22 मेस में कभी भी मांसाहारी भोजन नहीं बनाया जाता है. हां, कुछ छात्रों की अपनी को-ऑपरेटिव मेस है, जिसे वे खुद चलाते हैं. उसमें वे बाहर से खाना बनवाने की व्यवस्था करते हैं और अपना मांसाहारी भोजन तैयार करवाते हैं, लेकिन उन बच्चों से कहा गया है कि कॉलेज में कोई मांसाहारी खाना नहीं होगा."

मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने जताई आपत्ति

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वहीं, इस्लामिक सेंटर के चेयरमैन मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने कहा, "प्यू रिसर्च सेंटर और अन्य विभिन्न शोधों के अनुसार भारत में 61 प्रतिशत से अधिक लोग नॉनवेज का सेवन करते हैं. जहां इतनी बड़ी संख्या में लोग नॉनवेज खाते हैं, वहां इस तरह का फैसला उचित नहीं है. चिकित्सा के दृष्टिकोण से भी डॉक्टर बताते हैं कि संतुलित और स्वास्थ्यवर्धक नॉनवेज भोजन रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) और बेहतर स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है. ऐसे में प्रतिष्ठित शैक्षणिक और मेडिकल संस्थान में नॉनवेज पर प्रतिबंध लगाना निंदनीय है.

उन्होंने कहा कि केजीएमयू प्रशासन को अपने इस फैसले पर पुनर्विचार करते हुए इसे वापस लेना चाहिए, क्योंकि इससे छात्रों का लाभ नहीं बल्कि नुकसान होगा."

देश का प्रमुख चिकित्सा संस्थान है KGMU

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किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित देश के प्रमुख सरकारी चिकित्सा संस्थानों में से एक है. वर्ष 1905 में स्थापित यह संस्थान चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.

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टिप्पणियाँ 1
G
Guest (अतिथि)
P
Pawan Kumar
1 month ago

Up police se sikho 1800 vali protin dite

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