×
जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

हरियाणा को विश्वस्तरीय ज्ञान अर्थव्यवस्था केंद्र बनाने का लक्ष्य: सीएम नायब सिंह सैनी

मुख्यमंत्री ने लोगों से प्रधानमंत्री के अभियान 'एक पेड़ मां के नाम' को आगे बढ़ाने का भी आग्रह किया और कहा कि माता अमृता देवी और गुरु जंभेश्वर महाराज द्वारा दिखाया गया मार्ग पर्यावरण संरक्षण के प्रति पूर्वजों के सपनों को पूरा करने में सहायक होगा.

Author
13 Jul 2026
( Updated: 13 Jul 2026
11:18 AM )
हरियाणा को विश्वस्तरीय ज्ञान अर्थव्यवस्था केंद्र बनाने का लक्ष्य: सीएम नायब सिंह सैनी
Image Credit: X/@NayabSainiBJP
Advertisement

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को कहा कि सरकार का लक्ष्य राज्य को विश्व स्तरीय ज्ञान अर्थव्यवस्था केंद्र के रूप में स्थापित करना है. इसे प्राप्त करने के लिए, राज्य के शिक्षा तंत्र को 'पुनर्गठन, पुनर्कल्पना और पुनर्निवेश' के सिद्धांतों पर नया रूप दिया जा रहा है.

उन्होंने आगे कहा कि इस दृष्टिकोण के तहत, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के अनुरूप व्यापक सुधार राज्य के विश्वविद्यालयों और उनसे संबद्ध कॉलेजों में लागू किए गए हैं.

मुख्यमंत्री हिसार स्थित गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (जीजेयूएसटी) में एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे.

7.58 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास

उन्होंने 7.58 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया. इनमें 6 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित होने वाले बालिका छात्रावास की आधारशिला रखना, स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा को मजबूत करने के लिए 1.40 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित नर्सिंग विभाग भवन का उद्घाटन और 18 लाख रुपए की लागत से निर्मित खेजड़ली में बलिदान स्मृति शिल्प और माता अमृता देवी सर्कल का उद्घाटन शामिल था.

Advertisement

उन्होंने यह भी घोषणा की कि नर्सिंग ब्लॉक का नाम चौधरी भजनलाल के नाम पर रखा जाएगा.

राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर दिया जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत को वैश्विक ज्ञान महाशक्ति बनाने की दृष्टि से राष्ट्रीय शिक्षा नीति को पूरे देश में लागू किया गया है.

अनुसंधान और नवाचार के केंद्र बनें विश्वविद्यालय

Advertisement

उन्होंने कहा कि गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी कार्यान्वयन में एक अनुकरणीय मानक स्थापित किया है और राज्य सरकार द्वारा इसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति कार्यान्वयन उत्कृष्टता पुरस्कार 2025 (स्वर्ण श्रेणी) से सम्मानित किया गया है.

उन्होंने इसे गर्व और सम्मान का विषय बताया. उन्होंने कहा कि युवाओं को इस विश्वविद्यालय जैसे संस्थानों से बहुत उम्मीदें हैं. ये संस्थान अनुसंधान और नवाचार के केंद्र के रूप में उभरें, जो स्थानीय उद्योगों और वैश्विक प्रौद्योगिकियों के बीच एक सेतु का काम करें. तभी प्रधानमंत्री मोदी द्वारा परिकल्पित विकसित भारत-2047 की परिकल्पना साकार हो सकती है.

‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को आगे बढ़ाने की अपील

मुख्यमंत्री ने लोगों से प्रधानमंत्री के अभियान 'एक पेड़ मां के नाम' को आगे बढ़ाने का भी आग्रह किया और कहा कि माता अमृता देवी और गुरु जंभेश्वर महाराज द्वारा दिखाया गया मार्ग पर्यावरण संरक्षण के प्रति पूर्वजों के सपनों को पूरा करने में सहायक होगा.

Advertisement

शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं

यह भी पढ़ें

मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु जंभेश्वर महाराज की शिक्षाओं के अनुसार, सरकार का दृढ़ विश्वास है कि उच्च शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं है, बल्कि एक ऐसे समाज का निर्माण करना है जो नैतिक, संवेदनशील और जागरूक हो - एक ऐसा समाज जो तकनीकी रूप से सक्षम होने के साथ-साथ अपनी संस्कृति में गहराई से जुड़ा रहे और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध हो.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
G
Guest (अतिथि)
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें