गुजरात में अरविंद केजरीवाल की ‘परिवर्तन लाओ, किसान बचाओ यात्रा’ रैली, बीजेपी-कांग्रेस पर साधा निशाना, कहा- इनका चल रहा जॉइंट बिजनेस
अरविंद केजरीवाल ने गांधीनगर में ‘परिवर्तन लाओ, किसान बचाओ यात्रा’ रैली में बीजेपी और कांग्रेस पर निशाना साधा. उन्होंने 30 साल से सत्ता में रही बीजेपी को हटाने की अपील करते हुए कहा कि गुजरात में अब जनता की सरकार बनेगी और भ्रष्टाचार खत्म किया जाएगा.
आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने रविवार को गांधीनगर में ‘परिवर्तन लाओ, किसान बचाओ यात्रा’ रैली को संबोधित करते हुए बीजेपी और कांग्रेस पर जमकर तीखे वाण छोड़े. गांधी नगर में आयोजित रैली में उन्होंने गुजरात की जनता से 30 साल से राज कर रही बीजेपी को उखाड़ फेंकने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि इस बार गुजरात में जनता की सरकार बनेगी और अपने फैसले खुद लेगी. उन्होंने जोर दिया कि हमें सिर्फ पार्टी नहीं बदलनी है, बल्कि गुजरात की तरक्की के लिए पूरी व्यवस्था बदलनी है. 'आप’ की सरकार बनने पर सबसे पहले नेताओं की गुंडागर्दी-भ्रष्टाचार खत्म करेंगे और गुजरात को लूटने वालों को जेल में डालेंगे. उन्होंने कहा कि गुजरात में केवल बीजेपी और कांग्रेस के नेता तरक्की कर रहे हैं. जब बीसीसीआई का चेयरमैन बनाना है तो ये अपने बेटे को बनाते हैं. आखिर जय शाह में ऐसी कौन सी खूबी है, जो हमारे युवाओं में नहीं है?
किसान यात्रा और किसानों की समस्याओं का मुद्दा
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पिछले 10-12 दिनों से यशु भाई, प्रवीण राम और मनोज सोरठिया ने भगवान सोमनाथ के दर्शन कर गांव-गांव और मोहल्ले-मोहल्ले से होते हुए गांधीनगर तक किसान यात्रा निकाली है. इस यात्रा के दौरान वे हजारों किसानों से मिले और पाया कि हर जगह गुजरात का किसान दुखी है और खून के आंसू रो रहा है. कहीं पीने का पानी नहीं है, कहीं सिंचाई का पानी नहीं है, हर चीज के दाम बढ़ गए हैं और किसानों को अपनी फसल के पूरे दाम भी नहीं मिल रहे हैं. उन्होंने कहा कि गुजरात में 30 साल से भाजपा की सरकार है, लेकिन इन्होंने कुछ नहीं किया. आज गुजरात का बच्चा-बच्चा कह रहा है कि यह भ्रष्टाचारी सरकार है जो गुजरात को लूट रही है. जो भी सरकार के खिलाफ आवाज उठाता है, उसे ये पकड़कर झूठे मुकदमों में फंसाकर जेल में डाल देते हैं.
बोटाद की घटना और किसानों पर कार्रवाई का जिक्र
बोटाद की घटना का जिक्र करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कुछ दिन पहले वहां किसान करदा प्रथा के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे और कोई हिंसा नहीं कर रहे थे. लेकिन बीजेपी की अत्याचारी सरकार ने किसानों के घरों में घुसकर उन्हें घसीटा, उनका अपमान किया और जेल में डाल दिया. किसानों की पत्नियां, माताएं और बच्चे बहुत रोए, लेकिन बीजेपी सरकार नहीं मानी और 85 किसानों को कई महीनों तक जेल में रखा. जब आम लोग दिवाली मना रहे थे, तब किसान भाई जेल के अंदर तड़प रहे थे और उनके परिवार रो रहे थे.
किसानों को संदेश देने का आरोप
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यह बात केवल 85 किसानों की नहीं है, बल्कि इसके जरिए बीजेपी पूरे गुजरात के किसानों को संदेश देना चाहती है कि खबरदार किसी ने आवाज उठाई तो उसका भी यही हाल किया जाएगा. उन्होंने जनता से पूछा कि क्या वे इस अत्याचार को बर्दाश्त करेंगे या इसके खिलाफ आवाज उठाएंगे. बीजेपी खुलेआम किसानों की बेइज्जती और उनका अपमान कर रही है. इस बार हर चुनाव में हर किसान को कसम खानी है कि किसी को भी वोट दे देंगे, लेकिन भाजपा को वोट नहीं देंगे. गुजरात से कमल को उखाड़ कर फेंक देना है, कमल को बिल्कुल वोट नहीं देनी है और हर किसान को इस बार यह कसम खानी है.
चैतर वसावा और अन्य नेताओं की गिरफ्तारी का मुद्दा
अरविंद केजरीवाल ने सवाल किया कि चैतर वसावा का क्या कसूर है? नरेगा में भारी भ्रष्टाचार है, ये लोग जनता का पैसा खा जाते हैं, फर्जी किताबों में कुछ भी लिख देते हैं और लोगों के नाम का पैसा चोरी कर लेते हैं. चैतर वसावा ने लोगों की आवाज उठाई थी. इसलिए उसे पकड़ कर जेल में डाल दिया गया. प्रवीण राम ने किसानों की आवाज उठाई तो उसे भी पकड़ कर जेल में डाल दिया गया. इन्होंने मुझे भी नहीं छोड़ा और पकड़ कर जेल में डाल दिया. भारत के 75 साल के इतिहास में कभी ऐसा नहीं हुआ कि दिल्ली के एक मौजूदा मुख्यमंत्री (सिटिंग चीफ मिनिस्टर) को 6 महीने तक जेल में रखा गया हो. मुझे पर इल्जाम लगाया गया कि केजरीवाल 100 करोड़ रुपए खा गया और उसने शराब घोटाला कर दिया है. यह आरोप भी लगाया गया कि मनीष सिसोदिया, सत्येंद्र जैन और संजय सिंह ने शराब घोटाला किया है और इस तरह आम आदमी पार्टी के पांच सबसे बड़े नेताओं को पकड़ कर जेल में डाल दिया गया.
गिरफ्तारी और कोर्ट के फैसले का जिक्र
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में मुझे रात के अंधेरे में मेरे घर से घसीट कर ले जाया गया और जेल में डाल दिया गया. मेरे घर, बैंक, दफ्तर और हर जगह रेड मारी गई, लेकिन कहीं एक पैसा नहीं मिला. इसी तरह मनीष सिसोदिया और संजय सिंह के यहां भी रेड मारी गई, लेकिन वहां भी एक पैसा नहीं मिला. उन्होंने सवाल किया कि आखिर वे 100 करोड़ रुपए कहां गए? अब कोर्ट का आदेश आया है, जिसमें कहा गया है कि केजरीवाल के खिलाफ मुकदमा नहीं बनता, कोई सबूत नहीं है और कोई गवाह नहीं है. बीजेपी कहती है कि केजरीवाल चोर है, लेकिन कोर्ट कहता है कि केजरीवाल, आम आदमी पार्टी और उसके नेता कट्टर ईमानदार हैं.
दिल्ली और पंजाब मॉडल का जिक्र
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पहले दिल्ली में गुजरात जैसा ही हाल था. दिल्ली में सिर्फ कांग्रेस और बीजेपी दो ही पार्टियां थीं और लोग इनकी मिलीभगत से परेशान हो चुके थे. तब लोगों ने तय किया कि वे इन दोनों पार्टियों को उखाड़ फेंकेंगे और अपनी खुद की सरकार बनाएंगे. 2015 में जनता ने झाड़ू को वोट देकर अपनी सरकार बनाई और मुझे मुख्यमंत्री बना दिया. मैं एक आम आदमी हूं, मेरे परिवार (पिताजी, चाचा, ताऊ, मामा, नाना, दादा) में कोई भी नेता नहीं है. मैं वही काम करता था जो जनता कहती थी. जनता ने कहा तो मैंने बिजली-पानी फ्री कर दिया, 24 घंटे बिजली दी, खराब सरकारी स्कूलों को शानदार बना दिया और इलाज के लिए सरकारी अस्पताल व मोहल्ला क्लीनिक बनाकर दिल्ली में सबका इलाज मुफ्त कर दिया.
सरकारी सेवाओं में बदलाव का दावा
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जब जनता ने सरकारी दफ्तरों और तहसील में पटवारी द्वारा पैसे मांगने और अपमानित होने की शिकायत की, तो मैंने सरकारी दफ्तर जाना ही खत्म कर दिया. हमने एक फोन नंबर जारी कर दिया. जिस पर फोन करने से अफसर घर आकर काम करके जाते थे. दिल्ली में जनता के हिसाब से सरकार चलती थी, चाहे गली ठीक करानी हो या सड़क, दिल्ली में पूरी तरह से जनता का शासन आ गया था.
पंजाब की योजनाओं का उदाहरण
अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि फिर पंजाब के लोगों ने अकाली दल, कांग्रेस और भाजपा को हराकर आम आदमी की सरकार बनाई और किसान के बेटे भगवंत मान को मुख्यमंत्री बनाया. वहां लोगों की मांग पर खेती की बिजली मुफ्त कर दी गई, जिससे किसान जितनी चाहें बिजली इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके अलावा घर की बिजली भी मुफ्त कर दी गई. अब पंजाब में किसानों को रात के बजाय दिन में लगातार 10 घंटे बिजली मिलती है और हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचा दिया गया है. उन्होंने एक खुशखबरी साझा करते हुए बताया कि आज ही पंजाब का बजट आया है जिसमें हर महिला के खाते में हर महीने 1,000 रुपए डाले जाएंगे. यह सब गुजरात में भी होना चाहिए.
2027 चुनाव और व्यवस्था बदलने की अपील
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 2027 के चुनाव में सिर्फ पार्टी नहीं बदलनी, बल्कि पूरी व्यवस्था बदलनी है. हर पांच साल में चुनाव आते हैं, तब नेता हाथ जोड़ते हैं, पैर पकड़ते हैं और बड़े-बड़े वादे करते हैं. लेकिन चुनाव खत्म होते ही वे जनता को भिखारी बना देते हैं और अपमानित करते हैं. उन्होंने कहा कि इस बार जनता को खुद अपनी सरकार बनानी होगी, जो जनता के आदेश पर चलेगी.
युवाओं और बीसीसीआई को लेकर सवाल
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को क्रिकेट बोर्ड का चेयरमैन बनाना था, लेकिन देश के युवाओं की जगह अमित शाह के बेटे को बना दिया गया. उन्होंने सवाल किया कि जब बीसीसीआई का चेयरमैन बनाना था, तब आम युवाओं को मौका क्यों नहीं दिया गया? जय शाह में ऐसी कौन सी खूबी है जो देश के लाखों युवाओं में नहीं है?
जनता की सरकार बनाने की अपील
अरविंद केजरीवाल ने गुजरात की जनता से अपील करते हुए कहा कि इस बार चुनाव में जनता को अपनी सरकार बनानी होगी. उन्होंने कहा कि यह किसी पार्टी की नहीं, बल्कि जनता की सरकार होगी. किसान, व्यापारी, महिला और युवा मिलकर गुजरात को आगे बढ़ाएंगे. उन्होंने भरोसा दिलाया कि अगर जनता की सरकार बनी तो नेताओं की गुंडागर्दी और भ्रष्टाचार खत्म किया जाएगा और जिन्होंने गुजरात को लूटा है उनसे हिसाब लिया जाएगा.
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