UP में प्री-प्राइमरी की तर्ज पर चमकेंगे आंगनबाड़ी केंद्र, CM योगी ने दिए 'बाल-मित्र' मॉडल और प्री-फैब्रिकेटेड भवनों के निर्देश

Anganwadi centres in UP: आंगनबाड़ी केंद्र 3 से 6 वर्ष के बच्चों के लिए प्री-प्राइमरी शिक्षा का भी महत्वपूर्ण माध्यम हैं. इसलिए इन केंद्रों में बच्चों की सुविधा, पठन-पाठन की गुणवत्ता और भवनों का आकर्षक स्वरूप सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है.

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28 Feb 2026
( Updated: 28 Feb 2026
10:38 AM )
UP में प्री-प्राइमरी की तर्ज पर चमकेंगे आंगनबाड़ी केंद्र, CM योगी ने दिए 'बाल-मित्र' मॉडल और प्री-फैब्रिकेटेड भवनों के निर्देश
Image Source: Social Media

Anganwadi centres in UP: मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने आंगनबाड़ी केंद्रों को उनके स्वयं के भवनों में संचालित करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र 3 से 6 वर्ष के बच्चों के लिए प्री-प्राइमरी शिक्षा का भी1 महत्वपूर्ण माध्यम हैं. इसलिए इन केंद्रों में बच्चों की सुविधा, पठन-पाठन की गुणवत्ता और भवनों का आकर्षक स्वरूप सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है.

आंगनबाड़ी केंद्रों की वर्तमान स्थिति

प्रदेश में कुल 1.89 लाख से अधिक आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं. इनमें से लगभग 76 हजार केंद्र अभी अपने स्वयं के भवनों में नहीं चल रहे हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि इन केंद्रों के निर्माण में कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (CSR) का सहयोग लिया जा सकता है. साथ ही, आवश्यकतानुसार राज्य सरकार भी वित्तीय सहयोग प्रदान करेगी.
उन्होंने सुझाव दिया कि आंगनबाड़ी भवनों के लिए प्री-फैब्रिकेटेड मॉडल अपनाया जा सकता है. इसके तहत मानक मॉडल तैयार कर विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए.

भवन और सुविधाओं का एकीकृत मॉडल

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जहाँ संभव हो, प्राथमिक विद्यालयों के प्रांगण में आंगनबाड़ी भवन बनाए जाएं, ताकि शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य से जुड़ी सेवाएँ एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकें.

प्रस्तावित नए भवन मॉडल में समावेशी और आधुनिक सुविधाएँ होंगी, जिनमें शामिल हैं:

पर्याप्त पेयजल और विद्युत सुविधा
स्वच्छ शौचालय और बाल-मित्र शौचालय
बच्चों के लिए खेल आधारित गतिविधियों हेतु प्ले एरिया
किचन शेड और हॉट-कुक्ड मील की व्यवस्था
लो-हाइट वॉश यूनिट
गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य परीक्षण हेतु पृथक कक्ष
वर्षा जल संचयन (रेनवॉटर हार्वेस्टिंग) की सुविधा

बच्चों और समुदाय के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने समीक्षा के दौरान कहा कि बच्चों, गर्भवती माताओं और समुदाय के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि आंगनबाड़ी केंद्र केवल भवन नहीं हैं, बल्कि भावी पीढ़ियों की बुनियाद हैं.

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राज्य सरकार का लक्ष्य है कि आंगनबाड़ी ढाँचे को पूरी तरह रूपांतरित किया जाए. इस मिशन का नाम रखा गया है “स्वस्थ बचपन  समर्थ उत्तर प्रदेश”, जो बच्चों के विकास और पोषण को नई गति देगा.
इस योजना के लागू होने के बाद प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के लिए आधुनिक, सुरक्षित और आकर्षक स्थान बन जाएंगे. साथ ही माता-पिता और समुदाय के लिए भी यह केंद्र शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण की एकीकृत सुविधा प्रदान करेंगे.

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