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बिहार में एक और आंदोलन की भड़की चिंगारी..पटना में PhD डिग्री धारकों के लोकभवन मार्च को पुलिस ने रोका, आमरण अनशन जारी

बिहार में एक और प्रदर्शन शुरू हो गया है. नीट पेपर लीक, बीपीएससी में धांधली के बाद अब PhD डिग्रीधारकों ने आंदोलन शुरू कर दिया है.  पिछले 18 दिनों से आमरण अनशन के बाद लोकभवन मार्च किया गया, जिसे पुलिस ने आर ब्लॉक पर रोक दिया.

Image Source-IANS
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उच्च शिक्षा, युवाओं के रोजगार और शोधार्थियों के अकादमिक भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर पिछले 18 दिनों से आमरण अनशन कर रहे पीएचडी डिग्रीधारकों और शोधार्थियों ने शनिवार को मार्च करते हुए लोकभवन जाने का प्रयास किया.

ऑल पीएचडी होल्डर्स एंड रिसर्च स्कॉलर्स एसोसिएशन ऑफ बिहार के बैनर तले बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी तिरंगा लेकर गर्दनीबाग से निकले और वीर कुंवर सिंह पार्क की ओर बढ़ते हुए लोकभवन जाने का प्रयास किया. प्रदर्शनकारियों के मार्च को देखते हुए पुलिस पहले से ही आर-ब्लॉक के पास मुस्तैद थी. पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया.

इसके बाद प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग पर चढ़कर अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करने लगे. स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन समेत सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे. प्रदर्शनकारियों के सड़क पर डटे रहने के कारण आर-ब्लॉक के आसपास कई घंटों तक यातायात प्रभावित रहा. हालांकि, पुलिस के अनुसार दक्षिणी फ्लैंक से वाहनों की आवाजाही जारी रही.

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पटना के एसपी लॉ एंड ऑर्डर कृष्ण मुरारी प्रसाद ने बताया कि प्रदर्शन मुख्य रूप से अतिथि शिक्षकों, पीएचडी धारकों और पीएचडी के अंतिम चरण में पहुंच चुके शोधार्थियों की ओर से किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि आंदोलन का नेतृत्व कुमुद पटेल कर रहे हैं, जो पिछले 17 दिनों से आमरण अनशन पर हैं. उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी गर्दनीबाग पार्क से लोकभवन जाने की मांग कर रहे थे, लेकिन आर-ब्लॉक के आगे का क्षेत्र संवेदनशील है. इसमें उच्च न्यायालय, आयकर कार्यालय और वीरचंद पटेल पथ जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र आते हैं. इसी वजह से प्रदर्शनकारियों को आर-ब्लॉक पर ही रोक दिया गया.

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एसपी ने बताया कि प्रदर्शनकारियों से पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भेजकर अपनी मांगों को सरकार के समक्ष रखने का आग्रह किया गया. प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री कार्यालय जाकर ज्ञापन सौंपने की इच्छा जताई, जिसके बाद दंडाधिकारी के माध्यम से पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को वहां भेजने की व्यवस्था की गई. उन्होंने कहा कि अब पुलिस ने आंदोलन के नेतृत्वकर्ताओं से शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन समाप्त कर वहां से हटने की अपील की है. उन्होंने बताया कि अब तक प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन किया है और पुलिस द्वारा की गई बैरिकेडिंग को पार नहीं किया है.

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उधर, प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर लगातार आंदोलन जारी रखने पर अड़े हैं. उनका कहना है कि उच्च शिक्षा में रोजगार के अवसर बढ़ाने, अतिथि शिक्षकों की समस्याओं का समाधान करने तथा पीएचडी धारकों और शोधार्थियों के अकादमिक भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सरकार को ठोस पहल करनी चाहिए.

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