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तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग जारी, ममता बनर्जी और एम.के. स्टालिन की प्रतिष्ठा दांव पर

पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में आज सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हो गया है. तमिलनाडु की 234 और बंगाल की 152 सीटों पर वोटिंग जारी है. मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें दिख रही हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों, खासकर युवाओं और महिलाओं से बढ़-चढ़कर वोट करने की अपील की है.

तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग जारी, ममता बनर्जी और एम.के. स्टालिन की प्रतिष्ठा दांव पर
Image Source: Screengrab
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पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में आज लोकतंत्र का सबसे बड़ा पर्व यानी मतदान शुरू हो गया है. सुबह सात बजे से ही दोनों राज्यों में वोटिंग की प्रक्रिया तेज़ी से जारी है और मतदान केंद्रों पर लोगों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं. एक तरफ तमिलनाडु की सभी 234 विधानसभा सीटों पर वोट डाले जा रहे हैं, वहीं पश्चिम बंगाल में पहले चरण के तहत 152 सीटों पर मतदान हो रहा है. दोनों राज्यों में सियासी मुकाबला बेहद दिलचस्प और कड़ा माना जा रहा है. मतदान को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों राज्य के मतदाताओं से मतदान करने की अपील की है. 

प्रधानमंत्री मोदी की अपील

मतदान को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि " पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का पहला चरण आज हो रहा है. मैं सभी नागरिकों से इस लोकतंत्र के उत्सव में पूरी ताकत से भाग लेने का आग्रह करता हूं. मैं विशेष रूप से अपने युवा मित्रों और पश्चिम बंगाल की महिलाओं से बड़ी संख्या में मतदान करने की अपील करता हूं." उनका कहना है कि हर एक वोट देश और राज्य के भविष्य को तय करता है.

अमित शाह का बयान

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गृह मंत्री अमित शाह ने भी पश्चिम बंगाल के मतदाताओं से वोट करने की अपील की. उन्होंने कहा कि यह चुनाव सिर्फ वर्तमान ही नहीं बल्कि राज्य के भविष्य के लिए भी बेहद अहम है. उन्होंने बंगाल की माताओं और बेटियों की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए लोगों से ज्यादा से ज्यादा मतदान करने की अपील की. उनके बयान से साफ है कि बीजेपी इस चुनाव को बड़े राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों से जोड़कर देख रही है.

तमिलनाडु और बंगाल में सियासी मुकाबला

तमिलनाडु में मुख्य लड़ाई डीएमके की अगुवाई वाले गठबंधन और एआईएडीएमके-बीजेपी के एनडीए के बीच है. वहीं पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने हैं. सुबह से ही मतदाताओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है. युवा, महिलाएं और बुजुर्ग सभी बड़ी संख्या में अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए घरों से निकल रहे हैं.

पश्चिम बंगाल में पहले चरण की वोटिंग

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अगर बात पश्चिम बंगाल की करें तो यहां पहले चरण में 16 जिलों की 152 सीटों पर वोटिंग हो रही है. इन जिलों में उत्तर बंगाल और दक्षिण-मध्य बंगाल दोनों शामिल हैं. करीब 3.60 करोड़ मतदाता आज 1,452 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे. चुनाव आयोग ने शांतिपूर्ण मतदान के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. मतदान केंद्रों के बाहर भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात हैं ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोका जा सके.

मतदान केंद्रों पर भीड़ 

सुबह से ही मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं. लोग धूप और गर्मी की परवाह किए बिना अपने वोट के अधिकार का इस्तेमाल करने के लिए डटे हुए हैं. चुनाव आयोग का कहना है कि मतदान शाम 6 बजे तक जारी रहेगा. वहीं दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होना है, जिसमें 142 सीटों पर वोट डाले जाएंगे.

बीजेपी vs तृणमूल कांग्रेस

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राज्य में मुख्य मुकाबला तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी के बीच है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जहां अपनी पार्टी की कमान संभाले हुए हैं, वहीं बीजेपी की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, राजनाथ सिंह और अन्य बड़े नेताओं ने जोरदार प्रचार किया है. इसके अलावा कांग्रेस और वामपंथी दल भी चुनाव मैदान में हैं और उन्होंने भी अपने उम्मीदवारों के समर्थन में सभाएं की हैं.

मतदाता सूची को लेकर अहम फैसला

चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने एक अहम फैसला लेते हुए उन मतदाताओं की सूची जारी की है, जिन्हें ट्रिब्यूनल से मंजूरी मिली है. कुल 139 नए मतदाताओं को सूची में शामिल किया गया है. यह फैसला मतदाता सूची की पारदर्शिता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए लिया गया है. अधिकारियों के अनुसार, 657 मामलों का निपटारा किया गया है.

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तमिलनाडु का राजनीतिक माहौल

वहीं तमिलनाडु में भी राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरम है. यहां मतदान से पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने लोगों से अपील की थी कि वे कांग्रेस-डीएमके गठबंधन का समर्थन करें. उन्होंने इस चुनाव को एक वैचारिक लड़ाई बताया और बीजेपी-एआईएडीएमके गठबंधन पर निशाना साधा.

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बहरहाल, दोनों राज्यों में चुनावी माहौल चरम पर है. मतदाताओं का उत्साह यह दिखाता है कि लोकतंत्र की जड़ें कितनी मजबूत हैं. अब सबकी नजरें नतीजों पर टिकी हैं, जो तय करेंगे कि किसके हाथ में सत्ता की बागडोर जाएगी.

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