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बंगाल में TMC का गढ़ टूटा... फाल्टा में BJP की ऐतिहासिक जीत पर बोले PM मोदी- ये लोकतंत्र की जीत और धमकियों की हार है

पश्चिम बंगाल की फाल्टा सीट के पुनर्मतदान में बीजेपी ने बड़ी जीत दर्ज की है. बीजेपी उम्मीदवार देबांग्शु पांडा ने CPI(M) प्रत्याशी को 1.09 लाख वोटों से हराया, जबकि TMC चौथे स्थान पर रही. पीएम मोदी ने इसे लोकतंत्र की जीत बताया है.

Image Source: Screengrab
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पश्चिम बंगाल की राजनीति में फाल्टा विधानसभा सीट के पुनर्मतदान ने बड़ा राजनीतिक संदेश दे दिया है. इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने ऐसी ऐतिहासिक जीत दर्ज की है, जिसने राज्य की सियासत को पूरी तरह हिला दिया है. लंबे समय से तृणमूल कांग्रेस के प्रभाव वाले इलाके में बीजेपी की रिकॉर्ड जीत ने यह साफ कर दिया कि बंगाल की राजनीति अब तेजी से बदलती दिखाई दे रही है. इस चुनाव में बीजेपी उम्मीदवार देबांग्शु पांडा ने CPI(M) उम्मीदवार शंभू नाथ कुर्मी को 1,09,021 वोटों के भारी अंतर से हराकर शानदार जीत हासिल की. सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि TMC उम्मीदवार जहांगीर खान चौथे स्थान पर पहुंच गए. इस नतीजे पर पीएम मोदी ने भी बंगाल की जनता का आभार जताया है.

पीएम मोदी ने जीत को बताया लोकतंत्र की जीत

फाल्टा सीट पर मिली इस बड़ी जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी खुशी जाहिर की. उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि फाल्टा की जनता ने अपना स्पष्ट फैसला सुना दिया है. उन्होंने इस परिणाम को लोकतंत्र की जीत और धमकियों की हार बताया. पीएम मोदी ने बीजेपी उम्मीदवार देबांग्शु पांडा को रिकॉर्ड जीत के लिए बधाई दी और कहा कि यह पश्चिम बंगाल में बीजेपी की नीतियों और विकास कार्यों पर जनता के भरोसे का प्रतीक है. पीएम मोदी ने अपने संदेश में बीजेपी कार्यकर्ताओं की मेहनत की भी जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता राज्य में बदलाव चाहती है और बीजेपी लगातार राज्य की प्रगति के लिए काम करती रहेगी. पीएम मोदी का यह बयान चुनाव परिणाम आने के तुरंत बाद काफी चर्चा में आ गया.

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चुनाव परिणाम ने सबको चौंकाया

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अगर वोटों के आंकड़ों पर नजर डालें तो बीजेपी उम्मीदवार देबांग्शु पांडा को कुल 1,49,666 वोट मिले. वहीं CPI(M) उम्मीदवार शंभू नाथ कुर्मी को 40,645 वोट हासिल हुए. कांग्रेस प्रत्याशी अब्दुर रज्जाक मोल्ला 10,084 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे. सबसे बड़ा झटका TMC को लगा, जिसके उम्मीदवार जहांगीर खान केवल 7,783 वोट ही हासिल कर सके. इतना ही नहीं, उनकी जमानत तक जब्त हो गई. राजनीतिक जानकारों का कहना है कि फाल्टा सीट लंबे समय से TMC के प्रभाव वाले डायमंड हार्बर क्षेत्र का हिस्सा मानी जाती रही है. साल 2021 के विधानसभा चुनाव में TMC ने यहां करीब 57 प्रतिशत वोट शेयर के साथ जीत दर्ज की थी. लेकिन इस बार पुनर्मतदान में पूरा राजनीतिक समीकरण बदल गया.

वोट शेयर में बड़ा बदलाव बना चर्चा का विषय

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इस चुनाव का सबसे बड़ा पहलू वोट शेयर में आया भारी बदलाव रहा. बीजेपी का वोट शेयर बढ़कर 71.2 प्रतिशत पहुंच गया, जबकि 2021 में यह 36.75 प्रतिशत था. दूसरी तरफ TMC का वोट शेयर गिरकर केवल 3.7 प्रतिशत रह गया. इस आंकड़े ने राजनीतिक विशेषज्ञों को भी हैरान कर दिया है. जानकारों का मानना है कि यह परिणाम केवल एक सीट की जीत नहीं है, बल्कि पश्चिम बंगाल की राजनीति में बदलते माहौल का संकेत है. बीजेपी ने जिस तरह से TMC के मजबूत गढ़ में बड़ी जीत दर्ज की है, उसने आने वाले चुनावों को लेकर भी नई चर्चा शुरू कर दी है.

पुनर्मतदान क्यों कराया गया

दरअसल 29 अप्रैल को हुए मतदान के दौरान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन यानी EVM के साथ छेड़छाड़ की शिकायतें सामने आई थीं. आरोप लगाया गया था कि कुछ बूथों पर इंक, चिपकने वाले पदार्थ और परफ्यूम जैसे रसायनों का इस्तेमाल किया गया. इसके बाद चुनाव आयोग ने सभी 285 बूथों पर 21 मई को पुनर्मतदान कराने का फैसला लिया. पुनर्मतदान भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कराया गया. चुनाव आयोग की सख्ती और सुरक्षा इंतजामों की वजह से इस बार मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण रही. राजनीतिक दलों ने भी इस चुनाव को काफी अहम माना.

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TMC उम्मीदवार ने पीछे हटने की कही थी बात

मतदान से दो दिन पहले TMC उम्मीदवार जहांगीर खान ने फाल्टा के हित में चुनाव से पीछे हटने की घोषणा की थी. हालांकि नामांकन वापसी की समयसीमा खत्म हो चुकी थी, इसलिए उनका नाम EVM पर बना रहा. इसके बाद भी उन्हें बेहद कम वोट मिले, जिसने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी.

सुवेंदु अधिकारी ने TMC पर साधा निशाना

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चुनाव परिणाम के बाद बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी ने TMC पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि इस बार लोगों को बिना डर और दबाव के वोट डालने का मौका मिला, इसलिए असली जनमत सामने आया. उन्होंने आरोप लगाया कि TMC लंबे समय से डराने और प्रशासनिक मशीनरी के दुरुपयोग की राजनीति करती रही है. सुवेंदु अधिकारी ने बिना नाम लिए TMC महासचिव और डायमंड हार्बर सांसद अभिषेक बनर्जी पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि जनता अब बदलाव चाहती है और फाल्टा का परिणाम सिर्फ शुरुआत है. वहीं जीत के बाद देबांग्शु पांडा ने फाल्टा की जनता का आभार जताया. उन्होंने कहा कि यह जीत केवल बीजेपी की नहीं, बल्कि फाल्टा की जनता की जीत है, जिसने स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान के जरिए अपना फैसला सुनाया है.

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बताते चलें कि इससे पहले राज्य में प्रचंड जीत के साथ नई सरकार बन चुकी है. इसके बाद से लगातार मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कई बड़े फैसले लेकर सभी को चौंकाया है. और अब फाल्टा विधानसभा सीट का यह परिणाम पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत दे रहा है कि अब आने वाले दिनों में विपक्ष की टीएमसी की लिए बड़ी चुनौती खाड़ी होने वाली है. 

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