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बंगाल चुनाव- TMC सांसद कल्याण बनर्जी के बिगड़े बोल! BJP पहुंची चुनाव आयोग, भड़काऊ भाषा का लगाया आरोप
Bengal Elections: टीएमसी (TMC) सांसद कल्याण बनर्जी द्वारा बीजेपी के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी किए जाने पर विवाद छिड़ गया है, जिसके खिलाफ भाजपा ने चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है.
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पश्चिम बंगाल भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद कल्याण बनर्जी के खिलाफ चुनाव आयोग को पत्र लिखकर शिकायत दर्ज कराई है. भाजपा का आरोप है कि बनर्जी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा नेताओं/समर्थकों के खिलाफ भड़काऊ, अपमानजनक और नफरत भरे बयान दिए हैं, जो विधानसभा चुनाव के दौरान लागू आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन हैं.
TMC सांसद कल्याण बनर्जी पर अभद्र भाषा का आरोप
पत्र में कहा गया है कि सांसद कल्याण बनर्जी का बयान पब्लिक डोमेन में व्यापक रूप से फैल चुका है और इसमें गाली-गलौज, अपमानजनक भाषा और भड़काऊ टिप्पणियां शामिल हैं. भाजपा का कहना है कि यह किसी एक घटना का हिस्सा नहीं है, बल्कि टीएमसी नेताओं की लगातार बढ़ती भड़काऊ बयानबाजी का हिस्सा है. इन बयानों का उद्देश्य चुनावी माहौल में तनाव, द्वेष और ध्रुवीकरण पैदा करना है.
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भाजपा ने चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन का लगाया आरोप
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पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि टीएमसी नेताओं द्वारा बार-बार दिए गए ऐसे बयान सीधे भाजपा की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने और चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने के इरादे से किए गए हैं. भाजपा ने कहा कि यह बयान पार्टी लीडरशिप की अनुमति और निर्देशन के तहत दिए जा रहे हैं, जिससे आदर्श आचार संहिता का व्यवस्थात्मक और संस्थागत उल्लंघन सामने आता है.
निजी हमलों से बचने की सलाह
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भाजपा ने बताया कि इन बयानों से लोगों में अशांति और डर फैलता है और चुनावी संतुलन बिगड़ने की संभावना है. उन्होंने आदर्श आचार संहिता के दो खंडों का हवाला देते हुए कहा कि किसी भी राजनीतिक दल या उम्मीदवार को ऐसी गतिविधियों से दूर रहना चाहिए, जिससे आपसी द्वेष या धार्मिक-जातीय तनाव बढ़े. आलोचना केवल नीति और कार्यक्रम तक सीमित होनी चाहिए, न कि व्यक्तिगत स्तर पर.
कल्याण बनर्जी पर कानूनी कार्रवाई की मांग
पत्र में यह भी कहा गया है कि कल्याण बनर्जी का बयान भारतीय दंड संहिता, 2023 की धारा 352 और 353 के तहत अपराध की श्रेणी में आता है. इसके अलावा यह रिप्रजेंटेशन ऑफ द पीपल्स एक्ट, 1951 की धारा 171सी के तहत भी चुनावी अधिकारों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है.
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बीजेपी की चुनाव आयोग से शिकायत
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भाजपा ने चुनाव आयोग से आग्रह किया है कि इस मामले की गंभीरता से जांच की जाए और टीएसी सांसद की इस प्रकार की भड़काऊ बयानबाजी पर आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि विधानसभा चुनाव 2026 निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से संपन्न हो सके.