बंगाल चुनाव- मतगणना से पहले ही अफसरों की ड्यूटी लिस्ट लीक! सुवेंदु अधिकारी ने चुनाव आयोग से की कार्रवाई की मांग
सुवेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल में मतगणना से पहले अधिकारियों की तैनाती की जानकारी लीक होने का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग से निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है.
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पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की मतगणना से पहले भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि कुछ अधिकारी अपनी ड्यूटी, स्थान और जिम्मेदारियों से जुड़ी संवेदनशील जानकारी विभागीय संगठनों और संघों के साथ साझा कर रहे हैं. उन्होंने चुनाव आयोग से मामले पर तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है.
सुवेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया एक्स पर क्या लिखा?
भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया, "मेरे संज्ञान में यह बात आई है कि मतगणना के दिन ड्यूटी के लिए तैनात कई अधिकारी कथित तौर पर अपनी ड्यूटी का विवरण, स्थान और पदनाम अपने-अपने विभागीय संगठनों और संघों को बता रहे हैं. मुझे यह जानकारी मिली है कि कुछ स्प्रेडशीट और सूचियां प्रसारित की जा रही हैं, जिनमें अधिकारी अपनी 'चुनाव ड्यूटी की जानकारी' स्वेच्छा से या किसी दबाव में भर रहे हैं. इसमें मतगणना प्रक्रिया के दौरान उनकी विशिष्ट भूमिकाओं का विवरण भी शामिल है”.
It has come to my notice that several Officers assigned for Counting Day duties are reportedly disclosing their specific duty details, locations, and designations to their respective departmental organizations and associations.
— Suvendu Adhikari (@SuvenduWB) May 3, 2026
I have received information that spreadsheets and… pic.twitter.com/EAiOz0DKJ3
अधिकारी ने साझा किए व्हाट्सएप मैसेज के स्क्रीनशॉट
सुवेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया पोस्ट के साथ कुछ व्हाट्सअप मैसेज के स्क्रीनशॉट भी शेयर किए. उन्होंने कहा कि यह चुनाव संबंधी नियमों का एक गंभीर उल्लंघन है.
ड्यूटी जानकारी लीक होने से निष्पक्षता को खतरा- सुवेंदु अधिकारी
भाजपा नेता ने कहा, "मतगणना प्रक्रिया की पवित्रता और विश्वसनीयता, इसमें शामिल कर्मियों की तैनाती की गोपनीयता पर निर्भर करती है. इस गोपनीयता का कोई भी उल्लंघन परिणामों की निष्पक्षता को सीधे तौर पर प्रभावित करता है. जब किसी अधिकारी की तैनाती का विशिष्ट विवरण किसी राजनीतिक झुकाव वाले संगठन या संघ को पता चल जाता है, तो इससे अनावश्यक राजनीतिक प्रभाव और दबाव (धमकी) की गुंजाइश बन जाती है”.
चुनाव आयोग से तत्काल कार्रवाई की मांग
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उन्होंने चुनाव आयोग और पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मामले का तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है. भाजपा नेता ने अपील की है कि अधिकारियों को किसी भी संगठन या संघ के साथ अपनी मतगणना ड्यूटी साझा करने से रोकने के लिए सख्त निर्देश जारी किए जाएं और इस तरह की जानकारी जुटाने वाले संगठनों की जांच कराई जाए.
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