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पाकिस्तान क्रिकेट में मचा हड़कंप! रिजवान-इमाम NCCIA के सामने हुए पेश, ड्रेसिंग रूम लीक मामले में बढ़ी मुश्किलें
मोहम्मद रिजवान और इमाम-उल-हक पर टीम के ड्रेसिंग रूम से कथित तौर पर जानकारी लीक करने का आरोप लगा है. सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि पीसीबी ने खिलाड़ियों के मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिए और उन्हें एनसीसीआईए को भेज दिया.
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पाकिस्तान के क्रिकेटर मोहम्मद रिजवान और इमाम-उल-हक टीम के ड्रेसिंग रूम से कथित तौर पर जानकारी लीक होने के मामले में लाहौर में पाकिस्तान की नेशनल साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनसीसीआईए) के सामने पेश हुए.
मोहम्मद रिजवान और इमाम-उल-हक से पूछताछ
इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए पाकिस्तान की टीम से हटाए जाने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने कथित तौर पर इन दो खिलाड़ियों और पांच अन्य खिलाड़ियों के मोबाइल फोन अधिकारियों को सौंप दिए थे. पाकिस्तान के अखबार 'द न्यूज इंटरनेशनल' की एक रिपोर्ट के अनुसार, एनसीसीआईए इन दो खिलाड़ियों से जुड़े वित्तीय मामलों और संदिग्ध लेन-देन की जांच कर रही है. जांचकर्ता मौजूदा टेस्ट सीरीज से पहले और उसके दौरान इन दो खिलाड़ियों के वित्तीय लेन-देन की जांच कर रहे हैं, क्योंकि उनके बैंक खातों की जानकारी की भी पड़ताल की जा रही है.
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जांचकर्ता इस दौरान हुए बैंक खातों के लेन-देन पर भी नज़र रख रहे हैं, और अगर कोई लेन-देन मिलता है, तो वे फंड के स्रोत की जांच करेंगे. इंग्लैंड के खिलाफ दो खराब टेस्ट मैचों के बाद टीम से हटाए गए सात खिलाड़ियों में रिजवान और इमाम भी शामिल थे. उन सात खिलाड़ियों को घर भेज दिया गया था, और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने सात अन्य खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया और बाद में आंतरिक अनुशासनात्मक जांच शुरू की.
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ड्रेसिंग रूम की बातें लीक करने का आरोप
कथित लीक की जांच के सिलसिले में बुलाए जाने के बाद ये दोनों खिलाड़ी एनसीसीआईए के सामने पेश हुए. खिलाड़ियों ने अपने लिखित जवाब जमा किए और नोटिस का पूरा जवाब देने के लिए जांचकर्ताओं से अतिरिक्त समय मांगा. उम्मीद है कि एनसीसीआईए रिजवान और इमाम से आगे भी पूछताछ करेगी.
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खिलाड़ियों के मोबाइल फोन भी जांच के दायरे में
सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि पीसीबी ने खिलाड़ियों के मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिए और उन्हें एनसीसीआईए को भेज दिया, क्योंकि जांच के दौरान इन डिवाइस को अनलॉक करके इनकी जांच की जाएगी. इसमें आगे कहा गया है कि जांच इस बात पर केंद्रित होगी कि सीरीज के दौरान टीम की संवेदनशील जानकारी कैसे बाहर आ सकती है.
खराब प्रदर्शन के बाद सात खिलाड़ियों को किया गया था बाहर
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इंग्लैंड में खराब प्रदर्शन के बाद पाकिस्तान क्रिकेट फिर से मुश्किलों में घिरा दिख रहा है. लीड्स और लॉर्ड्स में करारी हार के बाद पीसीबी ने सात खिलाड़ियों - रिजवान, इमाम, सलमान आगा, अली उस्मान, आमिर जमाल, अवैस जफर और खुर्रम शहजाद - को टीम से हटाकर घर वापस भेज दिया था. पीसीबी ने टेस्ट हेड कोच सरफराज अहमद और बॉलिंग कोच उमर गुल को भी टीम से हटा दिया.
मोहसिन नकवी ने बदलावों का किया बचाव
पीसीबी चेयरमैन मोहसिन नकवी ने खिलाड़ियों को हटाने के बारे में बात करते हुए कहा कि बोर्ड के पास उन्हें हटाने के अलावा कोई और रास्ता नहीं था. नकवी ने 'जियो नेटवर्क' से कहा, "सीरीज का हर मैच हमारे लिए अहम है, और अगर कोई खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहा है, तो हमारे पास उसके रिप्लेसमेंट (विकल्प) को खोजने के अलावा कोई चारा नहीं बचता. इन बदलावों का मकसद खिलाड़ियों को टीम से पूरी तरह बाहर करना नहीं है, बल्कि सिर्फ उनकी जगह किसी और को लाना है. (सलमान) आगा का ही उदाहरण लें, जो बहुत अच्छे खिलाड़ी हैं, लेकिन कुछ वजहों से वह अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए. उनसे इस बारे में बात भी की गई थी."
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इस बीच, पीसीबी चेयरमैन के सलाहकार आमिर मीर ने हाल ही में पुष्टि की कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने खिलाड़ियों के व्यवहार की जांच शुरू कर दी है. मीर ने कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर लिखा, "अनुशासन और व्यवहार से जुड़ी मीडिया रिपोर्टों के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने एक आंतरिक अनुशासनात्मक जांच शुरू की है, जिसकी अभी आंतरिक रूप से समीक्षा की जा रही है. पीसीबी ऐसे मामलों को अपनी मानक प्रक्रियाओं के अनुसार संभालता है. यह प्रक्रिया पीसीबी के नियमों के तहत की जा रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी संबंधित लोगों की बात पर उचित ध्यान दिया जाए."
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उन्होंने आगे कहा, "इस समय, कुछ प्लेटफॉर्म पर चल रही अटकलों वाली रिपोर्टों या बिना पुष्टि किए गए दावों को - खासकर जो विरोधी बाहरी स्रोतों से आ रहे हैं - विश्वसनीय नहीं माना जाना चाहिए. पीसीबी इस समय इस पर और कोई टिप्पणी नहीं करेगा. बोर्ड सभी स्टेकहोल्डर्स और जनता को सलाह देता है कि वे पीसीबी की आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें."