Advertisement
विराट-रोहित के समर्थन में उतरे सुरेश रैना, बोले- लिख कर रख लीजिए, ये दोनों दिलाएंगे भारत को वर्ल्ड कप
भारतीय टीम के पूर्व बल्लेबाज सुरेश रैना ने आत्मविश्वास के साथ कहा, "आप अभी कागज पर लिख लीजिए, रोहित और विराट ही भारत को वर्ल्ड कप दिलाएंगे."
Advertisement
भारतीय टीम के पूर्व बल्लेबाज सुरेश रैना ने रोहित शर्मा और विराट कोहली का समर्थन करते हुए कहा है कि अगर दोनों खिलाड़ी वनडे वर्ल्ड कप 2027 में खेलते हैं, तो भारत के पास खिताब जीतने का बेहतरीन मौका होगा.
रैना ने रोहित और विराट का किया समर्थन
एक कार्यक्रम के दौरान सुरेश रैना ने 'आईएएनएस' से कहा कि रोहित और विराट अभी भी टीम के अहम सदस्य हैं. उन्होंने भरोसा जताया कि अगर दोनों आगामी वनडे विश्व कप में हिस्सा लेते हैं, तो ट्रॉफी भारत के पास आएगी.
Advertisement
मुंबई में कृष्णा दास के लाइव कीर्तन में पहुंचे विराट-अनुष्का, भक्ति में डूबे नज़र आया कपल
Advertisement
भारत ने 2011 में धोनी की कप्तानी जीता था दूसरा वनडे वर्ल्ड कप
भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम ने 25 जून 1983 को कपिल देव की कप्तानी में वेस्टइंडीज को हराकर अपना पहला वनडे वर्ल्ड कप जीता था. इसके बाद 2 अप्रैल 2011 को महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में श्रीलंका को मात देकर टीम इंडिया ने अपना दूसरा वनडे वर्ल्ड कप खिताब जीता.
Advertisement
पूर्व क्रिकेटर ने कहा कि भारत ने लंबे इंतजार के बाद हाल के वर्षों में आईसीसी टूर्नामेंट्स में सफलता हासिल की है. उन्होंने 1983 और 2011 वर्ल्ड कप जीत की याद दिलाते हुए दावा किया कि भारत तीसरा वनडे वर्ल्ड कप भी जीत सकता है.
“रोहित और विराट ही भारत को वर्ल्ड कप दिलाएंगे”
रैना ने आत्मविश्वास के साथ कहा, "आप अभी कागज पर लिख लीजिए, रोहित और विराट ही भारत को वर्ल्ड कप दिलाएंगे."
Advertisement
यह भी पढ़ें
भारत के लिए 18 टेस्ट, 226 वनडे और 78 टी20 मैच खेलने वाले सुरेश रैना अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास के बाद फिलहाल परिवार के साथ समय बिता रहे हैं. वह अपने बेटे के साथ क्रिकेट खेलते हैं. उन्होंने बताया, "मैं अपनी जिंदगी का आनंद ले रहा हूं. मैं अपने बच्चों, अपनी पत्नी के साथ समय बिता रहा हूं. मुझे यात्रा करना पसंद है. मैं बेटे के साथ छत पर खेलता हूं, उसे प्रैक्टिस पर लेकर जाता हूं. मेरा बेटा 6 साल का है, वो अभी से लेदर बॉल से प्रैक्टिस करता है. जब लेदर बॉल आपको लगती है, तो काफी चोट लगती है. मेरी उंगलियां भी इससे टूटी हैं, लेकिन मेरा बेटा अभी से इस गेंद से प्रैक्टिस कर रहा है. बच्चों को फोन के बजाय आउटडोर खेलना चाहिए."