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गौतम गंभीर की आलोचना पर अश्विन का बचाव, कहा-कोच बल्ला उठाकर नहीं खेल सकता
आर अश्विन ने अपने यूट्यूब शो 'ऐश की बात' में कहा, "हमें सिर्फ गौतम गंभीर की आलोचना नहीं करनी चाहिए.यह टीम गेम है.एक टीम को मैनेज करना इतना आसान नहीं हो सकता. हार से वह भी दुखी है.
भारतीय क्रिकेट टीम को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेली गई 2 टेस्ट मैचों की सीरीज में 0-2 से हार का सामना करना पड़ा है.भारतीय टीम की हार के बाद आलोचकों के निशाने पर हेड कोच गौतम गंभीर हैं. आलोचनाओं के बीच गौतम गंभीर को पूर्व भारतीय स्पिनर आर अश्विन का साथ मिला है.
गंभीर के समर्थन में उतरे अश्विन
आर अश्विन ने अपने यूट्यूब शो 'ऐश की बात' में कहा, "हमें सिर्फ गौतम गंभीर की आलोचना नहीं करनी चाहिए.यह टीम गेम है.एक टीम को मैनेज करना इतना आसान नहीं हो सकता. हार से वह भी दुखी है. हमें यह समझना होगा. यह किसी को सपोर्ट करने के बारे में नहीं है. गौतम मेरे रिश्तेदार नहीं है. मैं 10 गलतियां भी बता सकता हूं. गलतियां होती हैं, कोई भी कर सकता है. गलतियां जब महंगी पड़ती हैं, तो हमें मुश्किल हो जाती है."
"कोच बल्ला उठाकर खेलने नहीं जा सकता"
उन्होंने कहा, "एक कोच क्या कर सकता है? उसकी जिम्मेदारी सिर्फ मैदान के बाहर रणनीति बनाने तक सीमित है, खेलने की जिम्मेदारी खिलाड़ियों की है.कोच बल्ला उठाकर खेलने नहीं जा सकता. आप खुद को कोच की जगह रखकर देखिए.हां, मैं मानता हूं कि टीम में रोटेशन बहुत ज्यादा हुआ है, लेकिन खिलाड़ियों को प्रदर्शन करना होगा."
अश्विन ने कहा, "मैंने खिलाड़ियों को जिम्मेदारी लेते नहीं देखा, इसलिए मैं कोच को समस्या नहीं मान सकता.हां, टीम हित में बेहतर निर्णय लिए जा सकते हैं."
गौतम गंभीर की कोचिंग में भारतीय टीम घर में दो सीरीज हारी
गौतम गंभीर की कोचिंग में भारतीय टीम का घरेलू मैदान पर टेस्ट फॉर्मेट में शर्मनाक प्रदर्शन रहा है. पिछले डेढ़ साल में घरेलू मैदान पर दो भारतीय टीम का क्लिन स्वीप हो चुका है. जुलाई 2024 से पहले भारतीय टीम अपने घर में टेस्ट सीरीज हारी थी लेकिन क्लिन स्वीप सिर्फ 1 बार (2000) में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हुए था. गंभीर के जुलाई 2024 में हेड कोच बनने के बाद भारतीय टीम को न्यूजीलैंड ने 2024 में टेस्ट सीरीज में 0-3 से और अब दक्षिण अफ्रीका ने 0-2 से हरा दिया है. दो बार घरेलू सरजमीं पर क्लिन स्वीप होने की वजह पूर्व क्रिकेटर और विशेषज्ञ हेड कोच गंभीर द्वारा टीम में लगातार किए जा रहे बदलाव और कम अनुभवी या टेस्ट में साधारण रिकॉर्ड रखने वाले खिलाड़ियों को मौका देने के मान रहे हैं. इसी वजह से गंभीर की आलोचना हो रही है.
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