Advertisement
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज संकट के बीच भारत ने तीन जहाजों को लिया कब्जे में! ईरान ने क्यों किया छोड़ने का अनुरोध?
Iran-Israel War: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज संकट के बीच ईरान ने कथित तौर पर भारत के कब्जे में मौजूद तीन ईरानी जहाजों को छोड़ने का अनुरोध किया है. कहा जा रहा है फरवरी में इन्हें समुंद्र में पहचान छिपाकर नेविगेट करने के दौरान पकड़ा गया था.
Advertisement
ईरान और इजरायल जंग के बीच दुनियाभर में तेल और गैस को लेकर अफरातफरी मच गई है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे जहाजों की सुरक्षित निकासी को लेकर कोशिशें जारी हैं. वहीं भारतीय झंडाधारी कई तेल और गैस टैंकर्स एक-एक कर आ रहे हैं, जिसके बाद कहा जा रहा है कि उर्जा जरूरतों को लेकर स्थिति सामान्य हो जाएगी. इसी बीच रॉयटर्स के हवाले से एक बड़ी ख़बर सामने आ रही है.
भारत ने पकड़े ईरान के तीन जहाज?
रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने कथित तौर पर भारत द्वारा जब्त किए गए अपने टैंकर्स को छोड़ने का अनुरोध किया है. कहा जा रहा है कि भारतीय अधिकारियों ने भारतीय जलक्षेत्र के पास ईरान से जुड़े इन तीन टैंकरों को जब्त कर लिया था. इन पर आरोप था कि इन जहाजों ने समुंद्र में नेविगेट करने के दौरान अपनी पहचान छिपाई या बदली. और ये समुद्र में अवैध जहाज-से-जहाज तेल, सामानों को ट्रांसफर करने में शामिल थे.
Advertisement
ईरान की ओर से ये अनुरोध स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में भारतीय झंडाधारी या भारत के लिए आने वाले जहाजों को आने देने को लेकर जारी बातचीत के बीच आया है. हालांकि भारत और ईरान, दोनों ने ही किसी प्रकार की जब्ती और अनुरोध से इनकार किया है.
Advertisement
ईरान ने भारतीय जहाजों को होर्मुज से निकलने की इजाजत दी थी!
भारत के विदेश मंत्रालय के अनुसार ईरान ने हाल ही में भारत के दो LPG टैंकरों को जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दी थी, जिनमें से एक शिवालिक सोमवार को गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पहुंचा. ईरान में युद्ध शुरू होने के बाद से जलडमरूमध्य के दोनों ओर से ट्रेड लगभग ठप्प है.
Advertisement
भारतीय जहाजों के लिए मार्ग सुनिश्चित करने को लेकर ईरान से हुई बातचीत को लेकर हुए सवाल पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोमवार को कहा कि जो कुछ भी हो रहा है, मसलन तेल टैंकर्स को ईरान द्वारा इजाजत देना, "आपसी सहयोग और बातचीत के इतिहास" को दर्शाती हैं. उन्होंने अपनी प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि किसी भी प्रकार का आदान-प्रदान नहीं हुआ है.
आपको बताएं कि बीते महीने 27-28 फरवरी के करीब अमेरिका और इज़राइल के ईरान पर साझे हमलों के बाद से तेहरान ने भी खाड़ी के कई देशों पर हमले किए, जिनमें होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की कोशिश कर रहे जहाजों पर हमले भी शामिल हैं. इन्हीं हमलों में तीन भारतीय नाविक मारे गए और एक लापता है. ईरान ने जिन मुस्लिम देशों पर हमले किए वो वैसे देश थे जहां अमेरिकी, मिलिट्री, नेवल या एयर बेस मौजूद थे.
खाड़ी में अभी भी मौजूद 22 भारतीय झंडाधारी जहाज!
Advertisement
भारत ने सोमवार को कहा कि खाड़ी में कम से कम 22 भारतीय झंडा वाले जहाज और 611 भारतीय नाविक अभी भी मौजूद हैं. एक भारतीय सूत्र ने बताया कि इनमें से छह जहाजों में एलपीजी भरी हुई थी और देश में घरेलू ईंधन की कमी को दूर करने के लिए इन जहाजों को पहले लाना चाहता था. भारत के कुल LPG आयात का लगभग 90% खाड़ी देशों से आता है.
मुंबई तट मौजूद हैं ईरानी-संबंधी टैंकर!
रॉयटर्स को तीन सूत्रों ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि भारतीय अधिकारियों ने एस्फाल्ट स्टार, अल जाफज़िया और स्टेलर रूबी नामक टैंकरों को जब्त कर लिया है. उन पर आरोप है कि उन्होंने अपनी पहचान और गतिविधियों को छिपाया या बदला था और वे अवैध जहाज-से-जहाज हस्तांतरण में शामिल थे. स्टेलर रूबी ईरानी ध्वज वाला जहाज है, जबकि अन्य दो जहाज निकारागुआ और माली के ध्वज वाले हैं.
Advertisement
क्यों जब्त किए गए जहाज!
आपको बताएं कि समुंद्र में हर एक जहाज की अपनी पहचान होती है, जिसे जाहिर करनी होती है. ताकि उनके बारे में सामने वाले जहाज, अधिकारियों को पता हो. मुश्किल में उनकी ट्रैकिंग की जा सके, वो कहां से, क्या लेकर जा रहे हैं, उसकी भी जानकारी हो. इसलिए हर जहाज का AIS नंबर होता है
क्या है AIS?
Advertisement
आपको बता दें कि स्वचालित पहचान प्रणाली (Automatic Identification System) (AIS) एक स्वचालित ट्रैकिंग प्रणाली है जिसका उपयोग जहाजों पर किया जाता है ताकि VHF रेडियो के माध्यम से अन्य जहाजों और तटवर्ती स्टेशनों को जहाज की जानकारी - जैसे कि पहचान, स्थिति, गति और मार्ग, प्रसारित की जा सके. मुख्य रूप से टक्कर से बचाव और यातायात निगरानी के लिए, यह IMO विनियमन के तहत बड़े वाणिज्यिक और यात्री जहाजों के लिए अनिवार्य है. दुनिया के कई देश प्रतिबंधों से बचने के लिए AIS नंबर को छिपा लेते हैं. रडार से गायब होते हैं और समुंद्र में ही तेल-गैस की अदला-बदली कर ली जाती है.
15 फरवरी को भारतीय तटरक्षक बल (ICG) द्वारा पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत, जिसे रॉयटर्स ने भी देखी, इसमें कहा गया है कि एस्फाल्ट स्टार भारी ईंधन तेल की तस्करी में शामिल था, जिसे अल जाफज़िया और बिटुमेन को स्टेलर रूबी में स्थानांतरित किया गया था. तीनों जहाज वर्तमान में मुंबई तट पर लंगर डाले हुए हैं. जब्ती के समय के आसपास, ईरानी सरकारी मीडिया ने नेशनल ईरानी ऑयल कंपनी के हवाले से कहा कि जब्त किए गए तीनों टैंकरों का कंपनी से कोई संबंध नहीं है.
Advertisement
अमेरिकी हमलों के बीच भारत ने ईरान के IRIS Lavan को शरण दी!
आपको बता दें कि इसी महीने की 7 तारीख को खबर आई कि ईरान-इजरायल, US जंग के बीच भारत ने ईरान के एक जहाज को अपने देश में सुरक्षित शरण दी थी. तेहरान की अपील पर कोच्चि में ईरानी नौसेनिक जहाज को लंगर डालने की इजाजत दी गई थी. यह जहाज 'आईआरआईएस लवन (IRIS Lavan)’ था. ईरान के इस युद्धपोत ने ऐसे समय में शरण ली, जब दो दिन पहले अमेरिका ने ईरानी युद्धपोत पर हमला किया था. जिसमें करीब 87 लोग मारे गए. वह युद्धपोत भारत से ही लौटा था.
यह भी पढ़ें
IRIS Lavan वॉरशिप फरवरी में कोच्चि में हुए इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में भाग लेने के लिए इस भारत आया था. ईरान का एक और जहाज फ्रिगेट आईरिस डेना भी भारत आया था. फ्लीट रिव्यू में शामिल होने के बाद वह वापस ईरान लौट रहा था, तभी श्रीलंका में अमेरिका ने उसे निशाना बनाकर हमला किया.