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इशरत जहां के बाद अब अर्पिता सरकार...जैश के रडार पर सुवेंदु, मोदी स्टाइल टार्गेट करने की प्लानिंग, STF का बड़ा एक्शन!
PM मोदी की तरह अब बंगाल के सीएम सुवेंदु अधिकारी भी कट्टरपंथियों और पाकिस्तानी आतंकियों को फूटी आंख नहीं सुहा रहे हैं. इसी कारण तो इशरत जहां की तरह अर्पिता सरकार का इस्तेमाल कर जैश-लश्कर वाले सुवेंदु को निशाना बनाना चाह रहे हैं. हालांकि STF ने बड़ा क्रैकडाउन किया है.
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बंगाल के सीएम सुवेंदु अधिकारी के ताबड़तोड़ एक्शन खासकर घुसपैठ, ड्रग तस्करों और संगठित क्राइम पर क्रैकडाउन ने जिहादी नेटवर्क की नींद उड़़ा दी है. अपनी लुटिया डूबता देख पाकिस्तानी, बांग्लादेशी और भारत में बैठा स्लीपर सेल्स कथित तौर पर सुवेंदु को अपने निशाने पर ले लिया है. जांच एजेंसियों को मिले इनपुट के आधार पर सीएम के अलावा उनकी कैबिनेट, विधायकों और उनके परिवारों को भी निशाना बनाने की कोशिश की जा रही है.
जैश के निशाने पर सुवेंदु अधिकारी!
सुवेंदु के ऊपर बढ़े खतरे को देखते हुए उनकी सुरक्षा बढ़ा दी गई है और उनके काफिले को बुलेटप्रूफ कारों से लैस कर दिया गया है. अगर देखें तो सुवेंदु को ठीक उसी तरह निपटाने की साज़िश रची जा रही है जैसे गुजरात में 2004 में तत्कालीन सीएम नरेंद्र मोदी और उनके विश्वस्त रहे मौजूदा गृह मंत्री अमित शाह की हत्या के इरादे से इशत जहां को भेजा गया था.
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इशरत जहां मॉड्यूल के जरिए सुवेंदु को खत्म करने की प्लानिंग!
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आपको बता दें कि 15 जून, 2004 को अहमदाबाद में कोतरपुर वाटरवर्क्स के पास इशरत जहां, जावेद शेख, अमजद राम और जीशान जौहर का पुलिस एनकाउंटर हुआ था. खुफिया रिपोर्ट में साबित हुआ था कि ये सभी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े थे और गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या के इरादे से आए थे. इसका मुख्य मकसद था कथित गुजरात दंगे का बदला लेना और देश में उभर रहे बीजेपी के संभावति नेतृत्व को जड़ से समाप्त करना ताकि वो कोई भी केंद्रीय लेवल पर पनप ही ना सके. इसमें में भी तरीका हनी ट्रैप और आत्मघाती हमले का अपनाया गया था.
बंगाल में बीजेपी नेतृत्व को कौन करना चाह रहा समाप्त?
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ठीक उसी तरह बंगाल में पहली बार बीजेपी की सरकार बनी है. यहां वर्षों तक लेफ्ट और ममता राज में समुदाय विशेष का कथित तौर पर सरकार और सत्ताधारी पार्टी पर प्रभाव रहा. इस कारण कई जिले बहुसंख्य बहुल से सही मायने में अल्पसंख्य बहुल हो गए. घुसपैठ चरम पर रहा, अवैध प्रवासी आसानी से शरण ले रहे थे. उन्हें आसानी से बंगाल में सरक्षण मिल रहा था और वो एक बल्क वोटबैंक बनकर सरकार से वो करवा रहे थे जो वो चाहते थे, लेकिन सुवेंदु के आने के बाद से इन पर लगाम लगना शुरू हो गया है.
आतंकियों को फूटीं आंखों क्यों नहीं सुहा रहे हैं सुवेंदु?
घुसपैठियों को प्रत्यर्पित किया जा रहा है. बीएसएफ को फेंसिंग के लिए जमीन सौंप दी गई है, होल्डिंग सेंटर बनाए गए हैं. संगठित अपराध से निपटने के लिए गुंडा एक्ट लागू कर दिया गया है. अपराधियों की गिरफ्तारी हो रही है, भ्रष्टाचार से निपटने के लिए एक्शन लिया जा रहा है, पॉलिटिकल वायलेंस पर रोक लगाया जा रहा है, UCC को लागू करने की दिशा में कदम बढ़ा दिए गए हैं, पुलिस-STF को को विशेष पावर दिए गए है, NIA पुलिस स्टेशन की इजाजत दे दी गई. इन्हीं कारणों से बहुतों की नींद उड़ी हुई है.
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ऐसे में सुवेंदु पाकिस्तान में बैठे आतंकियों-कट्टरपंथियों को फूटी आंख नहीं सुहा रहे हैं. ऐसे में उन्हें रास्ते से हटाने की साजिश शुरू हो गई है. प्लान को ठीक उसी तरह एक्टिवेट किया गया है जैसे मोदी के लिए इशरत जहां को भेजा गया था. हालांकि दोनों ही मामलों में सुरक्षा बलों के प्रो-एक्टिव अप्रोच के कारण ऐसा संभव नहीं पाया. गैंग के हैंडलर्स पकड़ लिए गए और प्लान का पर्दाफाश हो गया. बंगाल में ठीक वैसे ही शहजाद भट्टी नेटवर्क पर एक्शन लिया जा रहा है.
STF ने हमिम मंडल के दूसरे सहयोगी को भी गिरफ्तार
आपको बताएं कि पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने सोमवार को जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े संदिग्ध हमिम मंडल के दूसरे सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया. हमीम मंडल को पिछले हफ्ते गिरफ्तार किया गया था. अधिकारियों ने बताया कि सुबह गिरफ्तार किए गए व्यक्ति की पहचान आदित्य सिंह उर्फ राज के तौर पर हुई है. उसे पश्चिम बंगाल के हावड़ा में उसके घर से गिरफ्तार किया गया.
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अर्पिता सरकार को हैनी ट्रैप की तरह इस्तेमाल कर रहा था मंडल
पश्चिम बंगाल पुलिस के एक सूत्र ने बताया कि जांच अधिकारियों को आरोपी आदित्य के बारे में जानकारी हमीम मंडल और उसकी साथी अर्पिता सरकार से पूछताछ के बाद मिली. एसटीएफ ने इन दोनों को पिछले हफ्ते गिरफ्तार किया था. हमीम मंडल और अर्पिता सरकार पर पाकिस्तान स्थित आतंकवादी-आपराधिक समूह 'शहजाद भट्टी नेटवर्क' (एसबीएन) के साथ संबंध होने के भी आरोप हैं.
आदित्य, बीजेपी विधायकों को बना रहा था भट्टी गैंग के कहने पर निशाना
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सूत्रों ने बताया कि जांच में पता चला है कि आदित्य ने हमीम मंडल को उमेश राय और उनके परिवार के सदस्यों के बारे में अहम जानकारी दी थी. एसबीएन हनी-ट्रैपिंग, ब्लैकमेलिंग और जरूरत पड़ने पर अपहरण कर फिरौती मांगने के लिए उन्हें निशाना बना रहा था. सामने आया कि हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों के बाद उमेश राय को मिली धमकी भरी कॉल के पीछे भी आदित्य सिंह का ही हाथ था.
उमेश राय हावड़ा जिले के हावड़ा-उत्तर विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक हैं और मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली राज्य कैबिनेट में राज्य मंत्री भी हैं. सूत्रों ने बताया कि एसटीएफ की टीम रविवार देर रात आरोपी के घर पहुंची और पूरी रात उससे पूछताछ की. रात भर चली पूछताछ के बाद सोमवार सुबह उसे गिरफ्तार कर लिया गया.
इससे पहले, शुक्रवार को हमीम मंडल को बर्दवान से गिरफ्तार किया गया. उसी रात पड़ोसी राज्य झारखंड के साहिबगंज में अर्पिता सरकार को गिरफ्तार किया गया. एसटीएफ अधिकारियों ने हमीम मंडल के पास से मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के शेड्यूल और आवाजाही से जुड़े अहम दस्तावेज भी बरामद किए थे. फिलहाल, दोनों 14 दिन की एसटीएफ कस्टडी में हैं.
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बंगाल के सीएम सुवेंदु अधिकारी करेंगे बुलेटप्रूफ गाड़ी का इस्तेमाल, जैश-ए-मोहम्मद की धमकियों के बीच सुरक्षा बढ़ी
इसी बीच आतंकवादी संगठन 'जैश-ए-मोहम्मद' से जान को खतरा होने की हालिया जानकारी के बाद पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी अब बुलेटप्रूफ गाड़ी का इस्तेमाल करेंगे. यह जानकारी पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) से जुड़े सूत्रों ने दो संदिग्धों की गिरफ्तारियों के बाद दी.
पश्चिम बंगाल एसटीएफ ने हाल ही में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े संदिग्ध हमीम मंडल और उसकी सहयोगी अर्पिता सरकार को गिरफ्तार किया. जांच में सामने आया है कि हमीम मंडल और उसकी सहयोगी अर्पिता सरकार दोनों के संबंध पाकिस्तान स्थित आतंकवादी-अपराधी समूह 'शहजाद भट्टी नेटवर्क' (एसबीएन) से भी हैं.
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मंडल को शुक्रवार सुबह पूर्वी बर्दवान जिले के बर्दवान शहर से गिरफ्तार किया गया था. एसटीएफ को उसके पास से मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के रोजाना के कार्यक्रमों और आवाजाही से जुड़े कई आपत्तिजनक दस्तावेज मिले.
एसटीएफ से जुड़े सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने रविवार शाम से ही नई बुलेटप्रूफ गाड़ी का इस्तेमाल शुरू कर दिया था. रविवार रात उन्होंने पूर्वी मिदनापुर जिले के कांथी में स्थित अपने पैतृक घर से कोलकाता तक इसी गाड़ी में यात्रा की.
राज्य पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि इस साल की शुरुआत में हुए विधानसभा चुनावों के बाद जब सुवेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री बने, तभी से उनके काफिले में बुलेटप्रूफ गाड़ी शामिल कर ली गई थी. हालांकि, अधिकारी ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री अपनी यात्राओं के दौरान लोगों से मिलने-जुलने के लिए इसका इस्तेमाल नहीं करना पसंद करते थे. लेकिन पुलिस अधिकारी का कहना है कि मौजूदा हालात और जान को गंभीर खतरे को देखते हुए उन्हें अब उस बुलेटप्रूफ गाड़ी का इस्तेमाल करना ही होगा.
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गौरतलब है कि 6 मई को मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की उत्तरी 24 परगना जिले के मध्यम ग्राम में हत्या हुई थी. एक कार ने चंद्रनाथ की गाड़ी का रास्ता रोका और मोटरसाइकिल पर सवार हमलावरों ने बहुत करीब से उन पर गोलियां चलाईं. इस हमले में चंद्रनाथ की मौके पर ही मौत हो गई थी.
इसके बाद, मुख्यमंत्री की सुरक्षा में लगे वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें केवल बुलेटप्रूफ गाड़ी में यात्रा करने की सलाह दी थी, जिसे उनके काफिले में शामिल भी किया गया था. हालांकि, बदली हुई परिस्थितियों के बावजूद मुख्यमंत्री ने रविवार शाम तक कभी इसका इस्तेमाल नहीं किया.
जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आतंकी की महिला सहायक के जरिए बंगाल के 6 मंत्रियों के परिवारों को बनाया गया निशाना : एसटीएफ
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पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की जांच से पता चला है कि पाकिस्तान स्थित आतंकवादी-आपराधिक समूह 'शहजाद भट्टी नेटवर्क' (एसबीएन) ने जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े संदिग्ध हमिम मंडल की महिला सहयोगी अर्पिता सरकार के जरिए पश्चिम बंगाल कैबिनेट के करीब छह मौजूदा सदस्यों के परिवारवालों को निशाना बनाया. एसबीएन के हैंडलर अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एन्क्रिप्टेड मैसेज के ज़रिए अर्पिता सरकार के साथ लगातार संपर्क में रहते थे.
राज्य पुलिस के सूत्रों ने बताया कि हालांकि अर्पिता मुख्य रूप से हमिम मंडल की सहयोगी थी लेकिन बाद के समय में पाकिस्तान स्थित आतंकवादी-आपराधिक समूह के हैंडलर मंडल को दरकिनार कर सीधे उससे संपर्क करने लगे और अलग से निर्देश देने लगे.
अब तक की जांच से पता चला है कि राज्य कैबिनेट के सदस्यों के परिवार वालों के अलावा, राज्य के प्रशासनिक तंत्र में कुछ अन्य प्रभावशाली लोगों को भी अर्पिता के जरिए 'हनी-ट्रैप' (प्यार के जाल में फंसाकर जानकारी हासिल करना) करने के लिए निशाना बनाया गया था.
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STF ने अर्पिता सरकार के बारे में किया बड़ा खुलासा!
मंडल और अर्पिता दोनों को पिछले हफ्ते एसटीएफ ने गिरफ्तार किया था. शुक्रवार सुबह पश्चिम बंगाल के पूर्वी बर्धमान जिले के बर्धमान शहर से सबसे पहले मंडल को गिरफ्तार किया गया जबकि उसी रात पड़ोसी राज्य झारखंड के साहिबगंज से अर्पिता को गिरफ्तार किया गया.
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सोशल इन्फ्लुएंसर सरकार के दो मोबाइल फोन एसटीएफ ने जब्त किए हैं. इन दो मोबाइल फोन से उसके और एसबीएन हैंडलर के बीच हुए एन्क्रिप्टेड और कोड वाले मैसेज को डिकोड करने के लिए विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है.
पाकिस्तानी हैंडलर हमिम को छोड़ सीधे अर्पिता से करने लगे थे संपर्क!
पता चला है कि पूछताछ के दौरान मंडल ने एसबीएन हैंडलर से अर्पिता सरकार का परिचय कराने की बात कबूल की थी. हालांकि, मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने बताया कि हनी-ट्रैपिंग के लिए उसकी क्षमता को समझने के बाद, एसबीएन हैंडलर सीधे उससे संपर्क करने लगे और उसी के अनुसार उसे निर्देश देने लगे.
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सूत्रों ने बताया कि शुरुआती जांच से पता चला है कि सरकार ने एक योजना के तहत पश्चिम बंगाल में कई प्रभावशाली लोगों (जिनमें कुछ राजनेता भी शामिल थे) से संपर्क बनाना शुरू किया था, जिसका एकमात्र मकसद उनसे गोपनीय जानकारी हासिल करना था. अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर उसके द्वारा शेयर की गई सोशल मीडिया रील्स लोगों को आकर्षित करने का एक जरिया थीं.
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मंडल और सरकार से पूछताछ के बाद, जांचकर्ताओं ने 'राना', 'उजैर', 'आबिद जाट333' और 'हमाद' जैसे अन्य सोशल मीडिया हैंडल का पता लगाया. जांच से पता चला कि ये सभी सोशल मीडिया हैंडल पाकिस्तानी हैंडलर्स के थे. जांच में यह भी सामने आया कि इन पाकिस्तानी हैंडल्स ने ब्रिटेन और मैक्सिको के सिम कार्ड का इस्तेमाल किया था.