बुखार के समय सबसे जरूरी बात ये है कि शरीर में पानी की कमी न होने दें। बुखार आने पर शरीर से पसीना ज्यादा निकलता है, जिससे पानी की कमी हो सकती है। इसलिए बार-बार पानी पीना चाहिए। इसके अलावा नारियल पानी, ओआरएस, सूप, छाछ और दूसरे तरल पदार्थ भी फायदेमंद होते हैं। खाने में हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन जैसे खिचड़ी और दलिया आदि लेना अच्छा माना जाता है।
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लाइफस्टाइल05 Aug, 202610:49 AMबुखार में नहाना सही या गलत? कंफ्यूजन करें दूर और जानें नहाते समय किन बातों का ध्यान रखना है जरूरी
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लाइफस्टाइल30 Jul, 202610:27 AMनींबू के छिलके को कचरा समझकर ना फेकें, इसमें छिपा है सेहत का खजाना | जानिए इसके फायदे
बेकार समझ कर फेंक दिया जाने वाला छिलका नींबू के रस की तुलना में कई ज़्यादा गुणकारी है। इसमें विटामिन C, फाइबर, कैल्शियम, पोटैशियम और शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट्स मौजूद होते हैं। पोषक तत्वों से भरपूर इन छिलकों को पानी में उबालकर या रात भर भिगोकर अगर इसका पानी पिया जाए तो ये आपकी सेहत के लिए किसी संजीवनी की तरह काम करता है। आइए जानते नींबू के छिलके के फायदे।
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लाइफस्टाइल16 Jul, 202609:46 AMमाइग्रेन के दर्द से हैं परेशान तो इस चीज़ से मिल सकती है राहत, जानें ये घरेलू उपाय कैसे कर सकता है मदद
माइग्रेन एक न्यूरोलॉजिकल समस्या है। इसमें दिमाग की नसों और उनसे जुड़े रसायनों में बदलाव होने लगता है, जिससे दर्द की प्रक्रिया शुरू होती है। कई बार ये दर्द 4 घंटे से लेकर 72 घंटे तक भी रह सकता है। कुछ लोगों में हार्मोनल बदलाव, तनाव, भूखे रहना, कम पानी पीना या कुछ खाद्य पदार्थ भी माइग्रेन को ट्रिगर कर सकते हैं। यही वजह है कि माइग्रेन के इलाज में केवल दवा ही नहीं, बल्कि जीवनशैली में सुधार भी उतना ही जरूरी माना जाता है।
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धर्म ज्ञान14 Jul, 202607:00 AMAaj Ka Panchang 14 July 2026: भौमवती अमावस्या का शुभ संयोग, जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और दिशाशूल
14 जुलाई को सूर्य मिथुन राशि में स्थित रहेंगे, जबकि चंद्रमा भी कर्क राशि में स्थित रहेगा. 14 जुलाई 2026 (मंगलवार) को उत्तर दिशा में दिशाशूल रहेगा. ज्योतिष और वास्तु के मुताबिक, इस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए. यदि यात्रा करना अनिवार्य हो, तो कुछ विशेष ज्योतिषीय उपायों को अपनाकर प्रस्थान किया जा सकता है.