Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...

'आपका गुस्सा, उनका कंटेंट', प्रदर्शनकारियों के उकसावे में न आएं पुलिसकर्मी; IB ने दिल्ली पुलिस को दिए नए निर्देश

Reservation Hatao Andolan: IB ने दिल्ली पुलिस के लिए प्रदर्शनकारियों से निपटने के नए दिशानिर्देश जारी किए हैं. ये निर्देश पुलिसकर्मियों को शांत रहने, उकसावे में न आने और अपनी हर गतिविधि को रिकॉर्ड किए जाने के प्रति सतर्क रहने की हिदायत देते है.

Image Source: NMF News
Loading Ad...

Reservation Hatao Andolan: दिल्ली में हाल में जंतर-मंतर पर CJP प्रदर्शन के के दौरान हुए हंगामे के बाद पुलिसकर्मियों के व्यवहार को लेकर नई गाइडलाइन जारी की गई है. प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज, वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा था. इसके बाद पुलिस पर ज्यादती के आरोप भी लगे. इसी तरह की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए आइबी (IB) ने अब पुलिसकर्मियों को प्रदर्शन के दौरान ज्यादा संयम और सावधानी बरतने को कहा गया है.

कैमरे के सामने हर कदम पर नजर

सूत्रों के मुताबिक, दिशानिर्देश में कहा गया है, आपका गुस्सा उनके लिए कटेंट है कि वो आपको इंटरनेट मीडिया के जरिए विलेन की तरह दिखा सके. प्रदर्शनकारी मोबाइल फोन से पुलिस की गतिविधियों की रिकॉर्डिंग कर सकते हैं और बाद में वही वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल सकता है. IB ने पुलिसकर्मियों को सख्त हिदायत दी है कि वे प्रदर्शन के दौरान शांत रहें, उकसावे में न आएं और प्रदर्शनकारियों के कैमरों में ''विलेन'' की तरह पेश न आएं.

Loading Ad...

उकसावे पर भी नहीं देना है जवाब

IB की गाइडलाइन में पुलिसकर्मियों से साफ कहा गया है कि प्रदर्शनकारियों के ताने, मजाक, नारे, गाने, डांस या भड़काने वाली बातों पर प्रतिक्रिया न दें. बहस करने या भावुक बातचीत में उलझने से भी बचने को कहा गया है. जरूरत पड़ने पर जवान सिर्फ सामान्य और शांत तरीके से सहयोग करने की अपील करें. यानी माहौल कितना भी तनावपूर्ण क्यों न हो, पुलिस को अपनी तरफ से स्थिति बिगाड़ने से बचना होगा.

Loading Ad...

गुस्से में न करें आक्रामक व्यवहार

पुलिसकर्मियों को चिल्लाने, गुस्सा दिखाने या प्रदर्शनकारियों के मोबाइल को जबरन हटाने जैसी कार्रवाई से बचने की सलाह दी गई है, जब तक ड्यूटी के लिहाज से ऐसा करना जरूरी न हो. व्यक्तिगत मुद्दों, परिवार या वेतन जैसी भावनात्मक बातों पर प्रदर्शनकारियों से बातचीत न करने को भी कहा गया है. महिला प्रदर्शनकारियों से फूल, खाना या कोई अन्य सामान स्वीकार नहीं करने की हिदायत भी दी गई है.

आरक्षण के खिलाफ दिल्ली से लखनऊ तक सड़क पर संग्राम... कनॉट प्लेस से हिरासत में लिए गए दर्जनों प्रदर्शनकारी; जानें क्यों बढ़ रहा बवाल

Loading Ad...

कानून-व्यवस्था के साथ इंसानियत भी जरूरी

गाइडलाइन में पुलिस को सिर्फ भीड़ नियंत्रित करने तक सीमित नहीं रहने, बल्कि जरूरतमंद लोगों की मदद करने पर भी जोर दिया गया है. अगर कोई प्रदर्शनकारी बीमार या घायल है तो उसकी मदद की जाए. एंबुलेंस, बुजुर्गों और स्कूली बच्चों के लिए रास्ता खुला रखने की जिम्मेदारी भी पुलिसकर्मियों की होगी.

नेताओं ने क्या कहा?

Loading Ad...

इन विरोध प्रदर्शनों के बीच उत्तर प्रदेश सरकार में पंचायती राज मंत्री और सुभासपा (SBSP) अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने आरक्षण खत्म किए जाने की मांग को खारिज किया. चित्रकूट में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि आरक्षण खत्म नहीं हो सकता और कुछ लोग केवल भ्रम फैला रहे हैं. उन्होंने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने समाज के सबसे निचले पायदान पर रहने वाले लोगों को मुख्यधारा में लाने के लिए आरक्षण की व्यवस्था की थी. वहीं बसपा सुप्रीमो मायावती ने आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग का विरोध किया. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि दिल्ली के जंतर मंतर पर आर्थिक आधार पर आरक्षण की जो नई मांग उठाई गई है, वह उचित नहीं है. इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर आरक्षण को लेकर देश में जारी बहस को सड़क से लेकर राजनीति तक तेज कर दिया है.

यह भी पढ़ें

 

अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...