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कहां अटकी हैं फाइलें, कैसे हुई देरी…? मंत्रालयों को देना होगा जवाब, मोदी सरकार में पहली बार हुआ परफॉर्मेंस रिव्यू
ये पहला मौका है जब केंद्र सरकार ने विभागों के काम को रैंकिंग दी है. स्कोर बोर्ड के जरिए सरकार की कोशिश विभागों के बीच पॉजिटिव कॉम्पिटिशन को तेज करने की है, ताकि न के बराबर पेंडिंग मामले रहें.
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मोदी सरकार में कौनसा विभाग कितना काम करता है, शिकायतों के निपटारे में कितना समय लगता है? विभागों को अब इनका हिसाब किताब देना होगा, क्योंकि केंद्र सरकार ने पहली बार मंत्रालयों का परफॉर्मेंस असेसमेंट किया है.
मंत्रालयों के कामकाज का रिव्यू उनके विभागों के हिसाब से किया गया है. जो कई एडमिनिस्ट्रेटिव पैमानों पर हुआ है. परफॉर्मेंस असेसमेंट में फाइलों को क्लीयर करने में देरी, शिकायतों के समाधान, कैबिनेट प्रस्तावों का जवाब समेत कई अहम पॉइंट्स शामिल हैं.
रैंकिंग के हिसाब से मंत्रालयों की रिपोर्ट
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TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, कैबिनेट सेक्रेटरी टी.वी. सोमनाथन ने परफॉर्मेंस असेसमेंट से जुड़ी रिपोर्ट हाल ही में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में पेश की. इसमें मंत्रालयों के काम-काज पर उन्हें रैंक भी दी गई. यानी विभागों के काम को रैंक के हिसाब से बताया गया. कौन मंत्रालय कितना काम कर रहा है और कहां कमी है.
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मंत्रालय का स्कोर कार्ड सचिवालय की ओर से तैयार किया गया था. इस रिव्यू या परफॉर्मेंस असेसमेंट के जरिए मोदी सरकार का मकसद पेंडिंग मामलों को जल्द निपटाना है. अलग-अलग स्कोर और रैंक के जरिए विभागों में आपस में ही काम का जल्द से जल्द निपटारा करने और लोगों की समस्याओं को जल्द सुलझाने की होड़ तेज होगी. ये ही वजह है कि सभी मंत्रालयों को मिलाकर रैंकिंग नहीं दी गई है.
बताया जा रहा है PM मोदी ने सभी मंत्रियों और अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे जनहित में फैसले लेने की प्रक्रिया को तेज करें. उन्होंने ये भी साफ किया कि मामलों में ज्यादा देरी या सुस्ती की गुजांइश नहीं है.
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मंत्रिपरिषद की बैठक में PM मोदी ने क्या संकेत दिए?
मंत्रिपरिषद की बैठक में PM मोदी ने नौकरशाहों से लेकर मंत्रियों तक को चाक-चौबंद रहने का संदेश दिया. करीब पांच घंटे चली इस बैठक में मंत्रालयों से जुड़ी लंबित फाइलों पर बात की गई. साथ ही संबंधित विभागों से इस पर जवाब मांगे गए.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैठक के बारे में एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया, मंत्रिपरिषद के साथ मेरी एक सार्थक बैठक हुई. हमने 'ईज ऑफ लिविंग' और 'ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस' को बढ़ावा देने से जुड़े अपने विचार और बेहतरीन तरीकों को एक-दूसरे के साथ साझा किया, साथ ही, हमने इस बात पर भी चर्चा की कि 'विकसित भारत' के अपने साझा सपने को साकार करने के लिए सुधारों को और आगे कैसे बढ़ाया जाए.
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बैठक में यह भी बताया गया कि इन मुकदमों को खत्म कराने की दिशा में किस मंत्रालय ने किस स्तर पर काम किया है. बहरहाल बैठकें कई बार हुई हैं लेकिन ये पहली बार है जब मंत्रालयों का उनकी रैंक के हिसाब से आकलन किया गया है और परफॉर्मेंस असेसमेंट हुआ है. सरकार के इस कदम के बाद अधिकारी से लेकर मंत्रालय चौकन्ने हो गए.