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नोएडा में कंपनी कर्मचारियों की क्या है वो मांगें? जिनके लिए भड़का बवाल, गाड़ियां जलाईं, पुलिस वैन में तोड़फोड़
आगजनी और हिंसा के कई वीडियो सामने आए हैं. जिसमें कर्मचारियों को पथराव करते देखा गया. पुलिस ने प्रदर्शन को काबू करने के लिए आंसू गैस के गोले बरसाए.
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Noida Protest: नोएडा के फेज 2 इलाके में एक कंपनी के कर्मचारियों ने उग्र प्रदर्शन किया. वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर कर्मचारी यहां दो दिन से प्रदर्शन कर रहे थे. तीसरे दिन हालात तनावपूर्ण हो गए, कर्मचारियों ने गाड़ियां फूंक दी, पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ कर दी.
बताया जा रहा है कर्मचारी लंबे समय से सैलरी बढ़ाने की मांग कर रहे थे, लेकिन सुनवाई नहीं होने के कारण कर्मचारियों का रोष हिंसा में बदल गया और कंपनी मालिक पर गुस्सा फूटा. कर्मचारियों ने सबसे पहले पथराव किया, फिर गाड़ियों और बसों में आग लगा दी. इस दौरान पुलिस से भी झड़प हो गई. उग्र कर्मचारियों ने पुलिस की गाड़ी के शीशे तोड़ डाले.
6 कंपनी के कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
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आगजनी और हिंसा के कई वीडियो सामने आए हैं. जिसमें कर्मचारियों को पथराव करते देखा गया. पुलिस ने प्रदर्शन को काबू करने के लिए आंसू गैस के गोले बरसाए. बताया जा रहा है प्रदर्शन में 6 कंपनी के कर्मचारी शामिल हैं. इनमें मदरसन, ऋचा ग्लोबल, रेनबो, पैरामाउंट, एसएनडी और अनुभव कंपनियों के कर्मचारी शामिल हैं. 500 से ज्यादा कर्मचारी कंपनी के बाहर जमा हुए और प्रदर्शन किया.
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इन इलाकों में भारी प्रदर्शन, जाम
कर्मचारियों के उग्र प्रदर्शन के बाद नोएडा के कई इलाकों में हालात तनावपूर्ण हो गए. सेक्टर 1, सेक्टर 15 और सेक्टर 62 के आस-पास भारी जाम लगा रहा. हालांकि कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने भीड़ पर काबू पाया, लेकिन कर्मचारियों ने सड़कों पर बैठकर नारेबाजी की. इस बीच कर्मचारियों से समझाइश की कोशिश भी जारी है.
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क्या है विवाद की जड़?
इस पूरे विवाद की जड़ रिचा ग्लोबल नाम की कंपनी को माना जा रहा है. जानकारी के अनुसार, रिचा ग्लोबल की एक यूनिट हरियाणा के फरीदाबाद में स्थित है, जहां पिछले कई दिनों से श्रमिक वेतन वृद्धि की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे, वहां कंपनी प्रबंधन ने 35 प्रतिशत तक वेतन वृद्धि को मंजूरी दी, जिसके तहत टेक्निकल स्टाफ की सैलरी 20,000 और नॉन-टेक्निकल स्टाफ की सैलरी 15,000 कर दी गई.
इसी फैसले के बाद नोएडा फेस-2 में स्थित रिचा ग्लोबल की चार अन्य फैक्ट्रियों में कार्यरत सैकड़ों श्रमिकों ने भी समान वेतन वृद्धि की मांग शुरू कर दी. उनका कहना है कि जब कंपनी ने फरीदाबाद यूनिट में वेतन बढ़ाया है, तो नोएडा के कर्मचारियों के साथ भेदभाव क्यों किया जा रहा है. श्रमिकों की मांग है कि यहां भी सभी कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी 20,000 की जाए. धीरे-धीरे यह विवाद केवल रिचा ग्लोबल तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आसपास की अन्य एक्सपोर्टर कंपनियों और औद्योगिक इकाइयों में भी फैल गया. बड़ी संख्या में श्रमिक सड़कों पर उतर आए, जिससे औद्योगिक क्षेत्र में कामकाज भी प्रभावित हुआ.
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क्या है कर्मचारियों की मांग?
प्रदर्शन कर रहे श्रमिकों की मुख्य मांगे हैं कि उनका वेतन 20000 रुपये मासिक किया जाए। बैंक खाते में 30 नवंबर तक बोनस दिया जाए. किसी भी कर्मचारी को अनावश्यक रूप से सेवा से न निकाला जाए. ओवरटाइम का भुगतान दोगुनी दर से किया जाए, कोई कटौती न हो. हर कर्मी को साप्ताहिक अवकाश मिले रविवार को काम कराया जाए तो उसका दोगुना भुगतान किया जाए.
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प्रशासन का दावा है कि श्रमिकों की अधिकांश मांगों को लिखित रूप में मान लिया गया है और फैक्ट्री मालिकों को निर्देश भी दिए गए हैं कि वे श्रमिकों की समस्याओं का समाधान करें। हालांकि, श्रमिकों का कहना है कि वेतन वृद्धि के मुद्दे पर उन्हें अभी तक कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है और कंपनी प्रबंधन इस पर टालमटोल कर रहा है. इसी वजह से उनका आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है और प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहा.