‘मौका मिलते ही ये अराजकता पैदा करेंगे…', संगम नगरी से CM योगी ने बिना नाम लिए सपा पर किया तगड़ा प्रहार
सीएम योगी ने जगदगुरु रामानंदाचार्य के जन्मोत्सव समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि रामानंदाचार्य ने समाज को जोड़ने का कार्य किया और आज भी सनातन को कमजोर करने की साजिशें जारी हैं. बांग्लादेश की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि हिंदु समाज को तोड़ने वाले लोग आज चुप हैं.
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ शनिवार को संगम नगरी प्रयागराज पहुंचे. इस दौरान सीएम योगी ने त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी भी लगाई और माघ मेला क्षेत्र स्थित खाक चौक में आयोजित जगदगुरु रामानंदाचार्य के जन्मोत्सव समारोह को संबोधित किया. सीएम योगी ने अपने संबोधन की शुरुआत सियावर भगवान रामचंद्र की जय, सनातन धर्म की जय, भारत माता और गंगा मां की जय, प्रयागराज और वेणीमाधव की जय के उद्घोष के साथ की.
CM योगी ने जगदगुरु रामानंदाचार्य को किया नमन
मुख्यमंत्री योगी ने अपने संबोधन में जगदगुरु रामानंदाचार्य के योगदान को याद करते हुए कहा कि इसी संगम की धरती पर उन्होंने समाज को जोड़ने का महान कार्य किया था. उस समय समाज बंटा हुआ था, लेकिन रामानंदाचार्य ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि सभी मनुष्य ईश्वर के चरणों में आशीर्वाद पाने के अधिकारी हैं. योगी ने कहा कि आज भी उसी प्रकार के एकजुट प्रयास की आवश्यकता है, क्योंकि सनातन को कमजोर करने और उस पर चोट पहुंचाने की साजिशें आज भी जारी हैं.
समाज को तोड़ने में जो लोग आज शांत हैं: योगी आदित्यानाथ
सीएम योगी ने अंतरराष्ट्रीय घटनाओं की ओर संकेत करते हुए बांग्लादेश की स्थिति पर भी तीखी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि वहां जो हो रहा है, उस पर तथाकथित सेकुलरिज्म का ठेका लेने वाले लोग चुप हैं. हिंदु समाज को तोड़ने में जो लोग हमेशा आगे रहते हैं, वे आज एक शब्द नहीं बोल रहे हैं. न कैंडल मार्च निकल रहा है और न ही कोई विरोध दिखाई दे रहा है. योगी ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि लगता है इनके मुंह पर किसी ने फेवीकोल चिपका दिया है.
धर्म के लिए CM योगी ने दिया अहम संदेश
मुख्यमंत्री ने इसे समाज के लिए एक चेतावनी बताते हुए कहा कि जो लोग आपको बांटने की साजिश करते हैं, वे कभी आपके हितैषी नहीं हो सकते. सत्ता में रहते हुए उन्होंने केवल अपने परिवार और स्वार्थ के बारे में सोचा. आज भले ही वे बड़े-बड़े नारे और स्लोगन दें, लेकिन मौका मिलते ही वही पुरानी नीतियां अपनाएंगे. उन्होंने कहा कि पहचान का संकट खड़ा करने वालों की पुनरावृत्ति को रोकना हम सबका दायित्व है. समाज को कमजोर करने वाले तत्वों को किसी भी हाल में आगे बढ़ने नहीं देना चाहिए. जब दुनिया में सनातन का ध्वज दिव्यता और गौरव के साथ लहराएगा, तब कोई हिंदु को काटने की हिम्मत नहीं करेगा.
संतो की एकजुटता देती है परिणाम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की चर्चा करते हुए सीएम योगी ने कहा कि संत समाज जब-जब एक मंच पर एकजुट होकर उद्घोष करता है, उसका परिणाम अवश्य सामने आता है. अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण इसका सबसे बड़ा उदाहरण है, जो संतों की एकता का प्रतिफल है. उन्होंने कहा कि वर्ष 1952 से देश ने कई प्रधानमंत्री देखे, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की मूल आत्मा को गौरव प्रदान किया है. राम मंदिर के शिलान्यास से लेकर प्राण प्रतिष्ठा तक उनकी उपस्थिति ने पूरे विश्व में सनातन धर्म की पताका फहराई है.
बताते चलें कि अपने संबोधन मुख्यमंत्री योगी ने माघ मेले की आस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि अब तक एक करोड़ से अधिक श्रद्धालु संगम में स्नान कर चुके हैं. यही भारत की आत्मा और आस्था की सच्ची पहचान है. इस अवसर पर स्वामी सतुआ बाबा महाराज, परमार्थ निकेतन के स्वामी चिदानंद सरस्वती महाराज, बाघंबरी पीठ के पीठाधीश्वर बलबीर गिरि जी महाराज, अवधेश जी महाराज और कृपालु देवाचार्य जी सहित अनेक संत मौजूद रहे. पूरा वातावरण सनातन चेतना और राष्ट्रभक्ति के भाव से ओतप्रोत नजर आया.
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