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भगवंत मान सरकार की ‘शिक्षा क्रांति’ का कमाल, केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली से भी आगे निकला पंजाब

मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब ने बुनियादी ढांचे और स्मार्ट सुविधाओं में सुधार कर शिक्षा के क्षेत्र में केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पछाड़कर देश में अग्रणी स्थान हासिल किया है.

Image Source: @BhagwantMann
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पंजाब प्राइमरी और मिडिल स्कूल शिक्षा में केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पछाड़कर देश के सर्वोत्तम प्रदर्शन वाले राज्य के रूप में उभरा है. नीति (नेशनल इंस्टीट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया) आयोग की नई रिपोर्ट में भगवंत मान सरकार के शिक्षा सुधारों को राष्ट्रीय रैंकिंग में शीर्ष स्थान दिया गया है. रिपोर्ट के अनुसार पंजाब को बुनियादी शिक्षा, डिजिटल बुनियादी ढांचे और स्कूली सुविधाओं में पहला स्थान दिया गया है. राज्य ने भाषा और गणित में केरल से अधिक अंक प्राप्त किए हैं. साथ ही सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम, इंटरनेट पहुंच और कंप्यूटरों की उपलब्धता में भी बड़े पैमाने पर विस्तार किया गया है.

स्मार्ट क्लासरूम और शिक्षकों को बेहतरीन ट्रेनिंग

एक वीडियो संदेश के माध्यम से बधाई देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा, "जो बोओगे वही काटोगे' के कथन के अनुसार, राज्य ने शिक्षा में ईमानदारी से निवेश किया है. राज्य सरकार ने प्राइमरी और मिडिल स्कूल शिक्षा को अपग्रेड किया, सिस्टम को मजबूत किया, स्मार्ट क्लासरूम की शुरुआत की और शिक्षकों को उन्नत प्रशिक्षण प्रदान किया. आज उन प्रयासों को फल मिल गया है. राज्य सरकार ने बेहतर निवेश किया, जिसके अब शानदार परिणाम मिल रहे हैं”.

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प्राइमरी-मिडिल शिक्षा में पंजाब देश में प्रथम

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नीति आयोग की रैंकिंग में पंजाब की उपलब्धि को उजागर करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा, "नीति आयोग, भारत सरकार के प्रमुख संस्थानों में से एक है, जिसने नए आंकड़े जारी किए हैं. इन आंकड़ों के अनुसार पंजाब ने केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पछाड़कर प्राइमरी और मिडिल स्कूल शिक्षा में पहला स्थान हासिल कर लिया है. तीसरी कक्षा की भाषा में पंजाब ने 82 प्रतिशत अंक प्राप्त किए जबकि केरल ने 75 प्रतिशत अंक प्राप्त किए. इसी तरह, तीसरी कक्षा के गणित में, पंजाब ने 78 प्रतिशत अंक प्राप्त किए जबकि केरल ने 70 प्रतिशत अंक प्राप्त किए और नौवीं कक्षा के गणित में पंजाब ने 52 प्रतिशत अंक प्राप्त किए जबकि केरल ने 45 प्रतिशत अंक प्राप्त किए”.

डिजिटल शिक्षा में पंजाब, हरियाणा से काफी आगे

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पंजाब की डिजिटल शिक्षा प्रगति के बारे में विवरण साझा करते हुए उन्होंने आगे कहा, "डिजिटल शिक्षा में भी पंजाब हरियाणा से आगे है. स्मार्ट क्लासरूम में, पंजाब ने 80.1 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं जबकि हरियाणा 50.3 प्रतिशत पर रहा. स्कूलों में इंटरनेट सुविधाओं के मामले में, पंजाब 88.9 प्रतिशत पर है जबकि हरियाणा 78.9 प्रतिशत पर है. स्कूलों में बिजली की उपलब्धता के संबंध में पंजाब ने 99.9 प्रतिशत अंक हासिल किए जबकि स्कूलों में कंप्यूटर की उपलब्धता के संबंध में 99 प्रतिशत अंक हासिल किए. पहले केरल शीर्ष स्थान पर था लेकिन अब पंजाब ने बड़े अंतर से केरल को पछाड़कर पहला स्थान हासिल किया है”. 

सर्वेक्षण के नतीजों में पंजाब को पहला स्थान

शिक्षा क्षेत्र के भागीदारों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "मैं सभी शिक्षकों, विद्यार्थियों और माता-पिता को दिल से बधाई देता हूं. ये आंकड़े देखकर मुझे अत्यधिक खुशी हो रही है कि पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी बनकर उभरा है. तीसरी, पांचवीं और नौवीं कक्षा के सर्वेक्षण के परिणामों ने पंजाब को पहले स्थान पर पहुंचाया है क्योंकि यह चार साल की निरंतर मेहनत का परिणाम है. पिछले चार वर्षों से राज्य सरकार ने शिक्षक प्रशिक्षण, आधुनिक शिक्षा पद्धतियों और स्मार्ट क्लासरूम पर ध्यान केंद्रित किया है, जिसके कारण आज पंजाब शीर्ष पर है”. 

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हर क्षेत्र में नंबर एक बनेगा पंजाब- सीएम भगवंत मान

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भगवंत सिंह मान ने कहा, "मैंने यह संदेश विशेष रूप से सभी भागीदारों को बधाई देने के लिए भेजा है. मैं सभी माता-पिता, शिक्षकों, शिक्षा मंत्री, पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के प्रत्येक सदस्य और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े सभी लोगों को तहे दिल से बधाई देता हूं. शिक्षा क्षेत्र में पंजाब का अग्रणी बनना उनके सामूहिक प्रयासों का परिणाम है. धीरे-धीरे लेकिन निश्चित रूप से पंजाब हर क्षेत्र में नंबर एक बन जाएगा”. उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार राज्य को हर क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए हर संभव प्रयास करेगी. 

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