Advertisement

ठाकरे परिवार की गजब बेइज्जती...! BJP से फर्जी फॉर्म भरने वाली उम्मीदवार भी जीत गई, फडणवीस भी हैरान

BMC Election Result: चुनावी रुझानों से साफ हो गया है कि मुंबई अब भाजपा के कब्जे में जाती दिख रही है. 227 सीटों वाली बृहन्मुंबई महानगरपालिका में भाजपा ने न सिर्फ सबसे ज्यादा सीटें हासिल की हैं, बल्कि बहुमत का आंकड़ा भी छू लिया है. यह जीत इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि यह पहली बार है जब भाजपा मुंबई में इतनी मजबूत स्थिति में नजर आ रही है.

Image Source: Social Media

BMC Election Result 2026: बीएमसी चुनाव 2026 के नतीजों ने महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल मचा दी है.  जिस मुंबई को लंबे समय तक उद्धव ठाकरे और शिवसेना का गढ़ माना जाता था, वहां इस बार तस्वीर पूरी तरह बदल गई है. चुनावी रुझानों से साफ हो गया है कि मुंबई अब भाजपा के कब्जे में जाती दिख रही है. 227 सीटों वाली बृहन्मुंबई महानगरपालिका में भाजपा ने न सिर्फ सबसे ज्यादा सीटें हासिल की हैं, बल्कि बहुमत का आंकड़ा भी छू लिया है. यह जीत इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि यह पहली बार है जब भाजपा मुंबई में इतनी मजबूत स्थिति में नजर आ रही है.

उद्धव ठाकरे के गढ़ में भाजपा की बड़ी सेंध

मुंबई हमेशा से उद्धव ठाकरे की राजनीतिक ताकत का सबसे बड़ा केंद्र रही है. शिवसेना का यहां दशकों तक दबदबा रहा, लेकिन इस बार जनता का रुख पूरी तरह बदलता दिखा. भाजपा की इस जीत को ऐतिहासिक माना जा रहा है. यह नतीजे यह संकेत देते हैं कि मुंबई की राजनीति में अब एक नया दौर शुरू हो चुका है और पुराने समीकरण टूटते नजर आ रहे हैं.

वार्ड नंबर 173 से आई चौंकाने वाली कहानी

इन बड़े नतीजों के बीच मुंबई के वार्ड नंबर 173 से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने खुद भाजपा को भी हैरान कर दिया है. इस वार्ड से केके शिल्पा केलुसकर ने चुनाव जीत लिया है, जबकि शुरुआत में पार्टी ने उन्हें उम्मीदवार ही नहीं बनाया था.

दरअसल, शिल्पा केलुसकर को टिकट की उम्मीद थी, लेकिन पार्टी नेतृत्व ने उन्हें अधिकृत उम्मीदवार घोषित नहीं किया. बताया जा रहा है कि काफी कोशिशों और बातचीत के बाद भी जब उन्हें टिकट नहीं मिला, तो उन्होंने बिना पार्टी को जानकारी दिए खुद ही नामांकन दाखिल कर दिया. इसके लिए उन्होंने कथित तौर पर फर्जी एबी फॉर्म का इस्तेमाल किया.

बीजेपी ने नामांकन रद्द कराने की कोशिश की

जब भाजपा को इस बात की जानकारी मिली, तो पार्टी ने तुरंत चुनाव आयोग से शिकायत की. भाजपा की ओर से मांग की गई कि शिल्पा केलुसकर का नामांकन रद्द किया जाए, क्योंकि वह अधिकृत उम्मीदवार नहीं थीं. पार्टी ने इसे नियमों के खिलाफ बताया और स्पष्ट किया कि उन्हें कभी टिकट नहीं दिया गया था.
हालांकि, तमाम आपत्तियों और अपीलों के बावजूद नामांकन रद्द नहीं हुआ. चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ी और अब जब नतीजे सामने आए हैं, तो शिल्पा केलुसकर उसी वार्ड से विजेता बनकर उभरी हैं. 

बीएमसी चुनाव 2026 न सिर्फ सत्ता परिवर्तन की कहानी कहता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि राजनीति में कभी-कभी अप्रत्याशित घटनाएं सबसे ज्यादा सुर्खियां बन जाती हैं. मुंबई में भाजपा की जीत जहां इतिहास रच रही है, वहीं वार्ड नंबर 173 की यह घटना चुनावी राजनीति का एक अनोखा उदाहरण बन गई है.

Advertisement

Advertisement

LIVE
अधिक →