BMC Election Result: मुंबई से नागपुर तक भगवा रंग, BJP की ऐतिहासिक विक्ट्री, किसे जाएगा जीत का क्रेडिट?
BMC Election: राज्य के बड़े शहरों से लेकर छोटे नगर निगमों तक भाजपा लगातार बढ़त बनाती दिख रही है. सबसे बड़ी और चौंकाने वाली तस्वीर मुंबई से सामने आई है, जहां देश का सबसे अमीर नगर निकाय बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) में अब तक शिवसेना का दबदबा रहा है, लेकिन इस बार भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरती नजर आ रही है.
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BMC Election Result 2026: महाराष्ट्र के नगर निकाय चुनावों में इस बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) की जबरदस्त लहर देखने को मिल रही है. राज्य के बड़े शहरों से लेकर छोटे नगर निगमों तक भाजपा लगातार बढ़त बनाती दिख रही है. सबसे बड़ी और चौंकाने वाली तस्वीर मुंबई से सामने आई है, जहां देश का सबसे अमीर नगर निकाय बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) में अब तक शिवसेना का दबदबा रहा है, लेकिन इस बार भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरती नजर आ रही है.
227 सीटों वाली बीएमसी में अब तक 208 सीटों के रुझान सामने आ चुके हैं. इनमें भाजपा अकेले 90 से ज्यादा सीटों पर आगे चल रही है. मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना 28 सीटों पर आगे है, जबकि उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) करीब 64 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है. अगर यही रुझान नतीजों में बदलते हैं, तो यह भाजपा के लिए एक ऐतिहासिक जीत होगी. यह पहली बार होगा जब बीएमसी में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनेगी .मुंबई की सत्ता में सबसे आगे रहना भाजपा का पुराना सपना रहा है, जो अब पूरा होता दिख रहा है.
नागपुर में भी भाजपा का एकतरफा दबदबा
नागपुर में भी भाजपा का प्रदर्शन बेहद मजबूत नजर आ रहा है. जिले के वार्डों में अब तक 208 सीटों के रुझान आए हैं, जिनमें से अकेले भाजपा 90 सीटों पर आगे चल रही है. माना जा रहा है कि जब सभी 151 सीटों के रुझान सामने आएंगे, तब भाजपा अपने दम पर 100 का आंकड़ा भी पार कर सकती है.
भाजपा की सहयोगी एकनाथ शिंदे की शिवसेना को यहां केवल 12 सीटों पर बढ़त मिली है. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के मुख्यालय वाले इस शहर में भाजपा का कोई सशक्त मुकाबला दिखाई नहीं दे रहा. कांग्रेस दूसरे नंबर पर है, लेकिन वह भी केवल 31 सीटों पर ही आगे चल रही है. इस तरह नागपुर में भाजपा ने बाकी सभी दलों को काफी पीछे छोड़ दिया है.
बीएमसी में ठाकरे परिवार का वर्चस्व खत्म होता दिखा
मुंबई, जिसे लंबे समय तक ठाकरे परिवार का सबसे मजबूत गढ़ माना जाता था, वहां अब उनका प्रभाव कमजोर पड़ता साफ दिखाई दे रहा है. बीएमसी पर शिवसेना का दशकों पुराना नियंत्रण था, लेकिन इस चुनाव में वह टूटता नजर आ रहा है. यह ठाकरे परिवार के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है.
पुणे में भी भाजपा सबसे आगे
पुणे नगर निगम में भी भाजपा की स्थिति बेहद मजबूत है. यहां भाजपा फिलहाल 47 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि बाकी सभी दल मिलकर भी केवल 22 सीटों पर ही बढ़त बना पाए हैं. इसका मतलब साफ है कि अजीत पवार और शरद पवार, दोनों मिलकर भी भाजपा को टक्कर नहीं दे पा रहे हैं. पुणे में भी भाजपा की जीत ऐतिहासिक मानी जा रही है.
ब्रांड फडणवीस और मजबूत, गठबंधन में बढ़ेगी ताकत
इस शानदार प्रदर्शन से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का कद पार्टी के अंदर और बड़ा होगा. भाजपा के भीतर उनकी स्थिति पहले से ज्यादा मजबूत होगी. साथ ही, गठबंधन के अंदर भी उनकी ताकत बढ़ेगी. इसकी वजह यह है कि अजीत पवार अलग लड़कर कमजोर साबित होते नजर आ रहे हैं, जबकि एकनाथ शिंदे की शिवसेना की रफ्तार भी काफी धीमी है. ऐसे में भाजपा और फडणवीस दोनों गठबंधन में सबसे मजबूत शक्ति बनकर उभर रहे हैं.
ठाकरे ब्रदर्स के लिए अस्तित्व की लड़ाई
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यह चुनाव ठाकरे भाइयों, यानी उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के लिए अस्तित्व की लड़ाई माना जा रहा था. लेकिन मौजूदा रुझानों में वे यह लड़ाई हारते दिख रहे हैं. आने वाले चुनावों में उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) के लिए राह और भी मुश्किल हो सकती है. ठाकरे परिवार की ताकत कभी पूरे महाराष्ट्र में नहीं रही, लेकिन कुछ इलाकों में, खासकर मुंबई में, उनका प्रभाव हमेशा मजबूत रहा है. अब जब मुंबई जैसे गढ़ में हार नजर आ रही है, तो यह हार ठाकरे परिवार को गहरा राजनीतिक दर्द देने वाली साबित हो सकती है.
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