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हरियाणा में बदलेगा सिस्टम, मजदूरों को मिलेगा समय पर हक, नहीं लगाने पड़ेंगे दफ्तरों के चक्कर
Haryana: समय पर सहायता मिलने से श्रमिकों का भरोसा प्रशासन पर और मजबूत होगा और सरकारी योजनाएं सही मायनों में जरूरतमंद लोगों तक पहुंच सकेंगी. यह फैसला हरियाणा के श्रमिकों के जीवन में बड़ा बदलाव लाने वाला साबित हो सकता है.
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Haryana laborers Rules: हरियाणा सरकार ने प्रदेश के श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए एक बहुत बड़ा और राहत भरा फैसला लिया है. अब मजदूरों को शिक्षा, शादी, इलाज और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी सरकारी मदद के लिए बार-बार दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. सरकार ने श्रम कल्याण बोर्ड की कुल 29 सेवाओं को सेवा का अधिकार अधिनियम के तहत शामिल कर दिया है. इसका मतलब यह है कि अब तय समय सीमा के अंदर सहायता देना प्रशासन की जिम्मेदारी होगी. अगर तय समय में काम नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की गई है.
तय समय में मिलेगी हर सरकारी सुविधा
नई व्यवस्था के तहत अब श्रम कल्याण अधिकारी से लेकर श्रम आयुक्त तक सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी साफ कर दी गई है. श्रमिकों को मिलने वाली हर योजना और सुविधा के लिए समय सीमा तय कर दी गई है, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो. सरकार का उद्देश्य साफ है कि मजदूरों को सम्मान के साथ समय पर उनका हक मिले और उन्हें बेवजह परेशान न होना पड़े.
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बच्चों की पढ़ाई के लिए समय पर मिलेगी मदद
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सरकार ने श्रमिकों के बच्चों की पढ़ाई को प्राथमिकता दी है, पहली कक्षा से लेकर 12वीं कक्षा तक पढ़ने वाले बच्चों को स्कूल यूनिफॉर्म, किताब-कॉपियां, छात्रवृत्ति और व्यावसायिक कोर्स के लिए आर्थिक सहायता अब 60 दिनों के भीतर दी जाएगी. इतना ही नहीं, जो बच्चे यूपीएससी और एचपीएससी जैसी बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं की मुख्य परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें भी सरकार की ओर से आर्थिक मदद समय पर दी जाएगी, ताकि पैसे की कमी उनके सपनों में बाधा न बने.
शादी, इलाज और रोजमर्रा की जरूरतों में भी सहारा
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इस नई व्यवस्था के तहत श्रमिकों के बेटा-बेटियों की शादी के लिए कन्यादान और शगुन की राशि भी तय समय में मिलेगी. महिलाओं की डिलीवरी, दांतों का इलाज, चश्मा, साइकिल, सिलाई मशीन, यात्रा भत्ता (एलटीसी), कृत्रिम अंग, श्रवण यंत्र और दिव्यांग श्रमिकों के लिए तिपहिया वाहन जैसी सुविधाओं के लिए भी 60 दिनों के भीतर सहायता राशि जारी की जाएगी. इससे गरीब और जरूरतमंद परिवारों को समय पर मदद मिल सकेगी.
खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी मिलेगा बढ़ावा
सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि खेल और सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले श्रमिकों और उनके बच्चों को भी समय पर आर्थिक सहायता मिले. इससे बच्चों और युवाओं को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा और उनका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा.
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मृत्यु के बाद परिवार को 15 दिन में मिलेगी मदद
अगर किसी श्रमिक की मृत्यु हो जाती है, तो उसके परिवार को अब लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा. मृतक श्रमिक के आश्रितों को आर्थिक सहायता, मुख्यमंत्री सामाजिक सुरक्षा योजना का लाभ और दाह संस्कार सहायता सहित सभी जरूरी सुविधाएं 15 दिनों के भीतर दी जाएंगी. इससे दुख की घड़ी में परिवार को तुरंत सहारा मिल सकेगा.
सम्मानजनक जीवन और भरोसे की दिशा में बड़ा कदम
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सरकार का कहना है कि इस नई व्यवस्था से श्रमिकों को सम्मानजनक जीवन, आर्थिक सुरक्षा और पारदर्शी सेवाएं मिलेंगी. समय पर सहायता मिलने से श्रमिकों का भरोसा प्रशासन पर और मजबूत होगा और सरकारी योजनाएं सही मायनों में जरूरतमंद लोगों तक पहुंच सकेंगी. यह फैसला हरियाणा के श्रमिकों के जीवन में बड़ा बदलाव लाने वाला साबित हो सकता है.