एलपीजी सिलेंडरों की कालाबाजारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी, 2,554 स्थानों पर निरीक्षण व छापेमारी
आपूर्ति व्यवस्था की लगातार निगरानी और किसी भी समस्या के त्वरित समाधान के लिए खाद्यायुक्त कार्यालय में 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जिसमें खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारियों को तैनात किया गया है. होम कंट्रोल रूम में भी विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की गई है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर खाद्य एवं रसद विभाग तथा जिला प्रशासन द्वारा आम नागरिकों को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आवश्यतानुसार उपलब्धता सुनिश्चित कराने के साथ ही एलपीजी गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी/अवैध बिक्री रोकने के लिए लगतार निरीक्षण व छापेमारी की कार्रवाई की जा रही है.
कालाबाजारी पर कसा कानून का शिकंजा
इसी क्रम में जनपद स्तर पर प्रवर्तन टीमों द्वारा विगत दो दिनों में कुल 2,554 स्थानों पर निरीक्षण और छापेमारी की कार्रवाई की गई. इस दौरान एलपीजी वितरकों के विरुद्ध 5 एफआईआर दर्ज कराई गईं. इसके साथ ही एलपीजी गैस की कालाबाजारी में संलिप्त अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध 35 एफआईआर दर्ज की गईं. मौके से 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 37 व्यक्तियों को अभियोजित किए जाने की कार्रवाई की गई है. मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन द्वारा सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी सिलेंडरों की उपलब्धता बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम सुनिश्चित किए जाएं. प्रदेशभर में आपूर्ति व्यवस्था की लगातार निगरानी के साथ निरीक्षण व छापेमारी की कार्रवाई की जा रही है, जिससे कहीं भी किसी प्रकार की कमी या अव्यवस्था न होने पाए.
सुनिश्चित कराई गई एलपीजी रिफिल डिलीवरी
प्रदेश के 4,108 एलपीजी गैस वितरकों के यहां एलपीजी सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और उपभोक्ताओं को वितरकों के माध्यम से बुकिंग के सापेक्ष आवश्यकतानुसार एलपीजी रिफिल की डिलीवरी सुनिश्चित कराई गई है. भारत सरकार ने कमर्शियल सिलेंडरों की कुल खपत के 20 प्रतिशत तक आवंटन की अनुमति प्रदान की है, जिससे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में भी गैस आपूर्ति प्रभावित न हो.
24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम, फील्ड में सक्रिय प्रशासन
आपूर्ति व्यवस्था की लगातार निगरानी और किसी भी समस्या के त्वरित समाधान के लिए खाद्यायुक्त कार्यालय में 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जिसमें खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारियों को तैनात किया गया है. होम कंट्रोल रूम में भी विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की गई है. इसके साथ ही प्रदेश के सभी जिलों में भी कंट्रोल रूम बनाए गए हैं, जो लगातार कार्य कर रहे हैं. जिला पूर्ति कार्यालय और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी उपभोक्ताओं को एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लगातार फील्ड में भ्रमण कर रहे हैं.
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