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यूपी में खेल क्रांति- योगी सरकार ने खिलाड़ियों को दी दो नए स्पोर्ट्स कॉलेज की सौगात, 2026-27 से शुरू होगा सत्र
योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए दो नए स्पोर्ट्स कॉलेज की सौगात दी है, जिनका शैक्षणिक सत्र 2026-27 से शुरू होगा.
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उत्तर प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने दो नए स्पोर्ट्स कॉलेजों को शुरू करने का फैसला लिया है. सहारनपुर और फतेहपुर में बने स्पोर्ट्स कॉलेज का शैक्षिक सत्र 2026-27 से संचालन शुरू हो जाएगा. योगी सरकार के इस फैसले से प्रदेश के युवाओं को अपने ही क्षेत्र में बेहतर खेल सुविधाएं और प्रशिक्षण उपलब्ध हो सकेगा.
वर्षों से लंबित परियोजनाओं को मिली नई जिंदगी
दरअसल यह दोनों परियोजनाएं लंबे समय से लंबित थी. फतेहपुर स्पोर्ट्स कॉलेज को जनवरी 2011 में स्वीकृति मिली थी और नवंबर 2011 में निर्माण कार्य शुरू हो गया था. इसे जुलाई 2018 तक पूरा किया जाना था, लेकिन कार्य समय पर पूरा नहीं हो सका. इसी तरह सहारनपुर स्पोर्ट्स कॉलेज का निर्माण कार्य भी फरवरी 2011 में शुरू होना था और फरवरी 2013 तक पूरा कार्य पूरा करने की मूल तारीख थी, लेकिन विभिन्न कारणों से काम आगे नहीं बढ़ पाया था. योगी सरकार ने इन अधूरी परियोजनाओं को प्राथमिकता देते हुए निर्माण कार्य को पूरा कराया है. साथ ही अब दोनों कॉलेजों को नए सत्र से शुरू करने की तैयारी भी पूरी कर ली गई है.
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पांच स्पोर्ट्स कॉलेजों वाला राज्य बनेगा यूपी
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इस तरह योगी सरकार खेल ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ अधूरी योजनाओं को भी जमीन पर उतारने पर जोर दे रही है. वहीं इन दो नए स्पोर्ट्स कॉलेजों के शुरू होने के बाद उत्तर प्रदेश में संचालित स्पोर्ट्स कॉलेजों की संख्या बढ़कर पांच हो जाएगी. अभी तक लखनऊ स्थित गुरु गोविंद सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज, गोरखपुर का वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज और इटावा (सैफई) का मेजर ध्यान चंद स्पोर्ट्स कॉलेज ही संचालित थे. इसके अलावा बलिया में एक और स्पोर्ट्स कॉलेज का निर्माण कार्य जारी है.
कक्षा 9 से शुरू होगा एडमिशन
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नए कॉलेजों के शुरू होने से प्रदेश के दूर-दराज इलाकों के खिलाड़ियों को अब राजधानी या अन्य बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा. इससे समय और खर्च दोनों की बचत होगी और अधिक संख्या में प्रतिभाशाली खिलाड़ी खेल शिक्षा से जुड़ सकेंगे. फतेहपुर और सहारनपुर दोनों स्पोर्ट्स कॉलेजों में कक्षा 9 से प्रवेश प्रक्रिया शुरू होगी. फतेहपुर में एथलेटिक्स, हॉकी, हैंडबॉल और कुश्ती जैसे खेल संचालित किए जाएंगे. यहां कुल 80 सीटों पर प्रवेश होगा. जिसमें एथलेटिक्स रनर बालक के लिए 12, एथलेटिक्स जम्पर बालक के लिए 2, थ्रोवर बालक के लिए 4, हॉकी खिलाड़ी बालक के लिए 26, गोलकीपर बालक के लिए 4, कुश्ती बालक के लिए 10 और हैंडबॉल बालक के लिए 22 सीटें निर्धारित की गई हैं.
खेलों की विविधता और सीटों का विस्तार
वहीं सहारनपुर स्पोर्ट्स कॉलेज में भी कुल 80 सीटों पर एडमिशन होंगे. यहां एथलेटिक्स रनर बालक के लिए 8, एथलेटिक्स जम्पर बालक के लिए 6, थ्रोवर बालक के लिए 6, हॉकी खिलाड़ी बालक के लिए 21, हॉकी गोलकीपर बालक के लिए 4, जूडो बालक के लिए 10, बॉक्सिंग बालक के लिए 15 और भारोत्तोलन बालक के लिए 10 सीटें तय की गई हैं. भारोत्तोलन अभी तक किसी भी स्पोर्ट्स कॉलेज में नहीं था. सहारनपुर स्पोर्ट्स कॉलेज से पहली बार शुरू हो रहा है. इन कॉलेजों में प्रवेश के लिए छात्र का उत्तर प्रदेश का निवासी होना अनिवार्य है. चयन प्रक्रिया के माध्यम से योग्य खिलाड़ियों को प्रवेश दिया जाएगा, जिससे प्रतिभा के आधार पर खिलाड़ियों का चयन सुनिश्चित हो सके.
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प्रत्येक मंडल में स्पोर्ट्स कॉलेज और एक्सीलेंस सेंटर खोलने का लक्ष्यः खेल सचिव
उत्तर प्रदेश खेल विभाग के सचिव सुहास एल.वाई. ने बताया कि मुख्यमंत्री जी का प्रत्येक मंडल में स्पोर्ट्स कॉलेज और एक्सीलेंस सेंटर खोलने का लक्ष्य है. स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की तरह जगह-जगह विभिन्न खेलो को लेकर वहां पर विशेषज्ञ प्रशिक्षण केंद्र खोला जाएगा. जिसमें बच्चों के रहने के साथ ही पढ़ाई की सुविधा भी रहेगी. प्रबंध समिति स्पोर्ट्स कॉलेज के सचिव व लखनऊ स्पोर्ट्स कॉलेज के प्रधानाचार्य अतुल सिन्हा ने कहा कि कुशल संचालन के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा. साथ ही खिलाड़ियों को कोई व्यवधान ना उत्पन्न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा.
खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम
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स्पोर्ट्स कॉलेज ऐसे छात्रों के लिए बेहतरीन अवसर प्रदान करते हैं, जो खेल में अपना करियर बनाना चाहते हैं. यहां पढ़ाई और खेल दोनों पर समान रूप से ध्यान दिया जाता है. प्रोफेशनल कोचिंग, आधुनिक सुविधाएं और अनुशासित वातावरण खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करने में मदद करता है. सहारनपुर और फतेहपुर में स्पोर्ट्स कॉलेजों की शुरुआत उत्तर प्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी. इससे न केवल प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि आने वाले समय में देश को बेहतर खिलाड़ी भी मिल सकेंगे.