Advertisement
शहजाद पूनावाला ने छोड़ी BJP! 'एक्स' से हटाया पार्टी का जिक्र
शहजाद पूनावाला के भाजपा से इस्तीफे के बाद सियासी गलियारों में चर्चा तेज हो गई है. भाजपा की तरफ से अभी इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है.
Advertisement
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और नेता शहजाद पूनावाला ने भाजपा से इस्तीफा दे दिया है. न्यूज एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक, इसकी जानकारी खुद उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर दी. उन्होंने कुछ घंटे पहले अपना प्रोफाइल बायो अपडेट किया. नए बायो में भाजपा का नाम कहीं नहीं है.
भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला का इस्तीफा
शहजाद पूनावाला ने अपने बायो का स्क्रीनशॉट भी शेयर किया. जिसमें लिखा था, "धर्म इस्लाम, संस्कृति-हिंदू, विचारधारा-भारतीय. लेखक: जीएसटी की यात्रा. पीएम मोदी के आजीवन अनुयायी."
Advertisement
यानी उन्होंने खुद को 'पीएम नरेंद्र मोदी का जीवन भर का समर्थक' बताया है, लेकिन भाजपा का कोई जिक्र नहीं किया.
Advertisement
My updated bio : pic.twitter.com/qGG5s9WMOG
— Shehzad Jai Hind (@Shehzad_Ind) ?ref_src=twsrc%5Etfw">July 30, 2026
भाजपा से पहले कांग्रेस में थे शहजाद पूनावाला
Advertisement
बता दें कि शहजाद पूनावाला पहले कांग्रेस में थे. 2017 में पार्टी के अध्यक्ष चुनाव को लेकर विवाद के बाद उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी थी. इसके बाद वे भाजपा में शामिल हुए और पार्टी ने उन्हें राष्ट्रीय प्रवक्ता की जिम्मेदारी दी.
भाजपा में रहते हुए शहजाद टीवी डिबेट और सोशल मीडिया पर अपनी तीखी बातों के लिए जाने जाते थे. वे पीएम मोदी और भाजपा की नीतियों के सबसे मुखर समर्थकों में से एक माने जाते थे. उन्होंने कई बार कांग्रेस और राहुल गांधी पर भी हमले किए थे.
इस्तीफे की वजह अभी साफ नहीं है, लेकिन बायो में बदलाव और पार्टी का नाम हटाने से कयास लगाए जा रहे हैं.
Advertisement
इस्तीफे के बाद भी पूनावाला ने पीएम के प्रति अपना समर्थन बरकरार रखा
हालांकि, उन्होंने पीएम मोदी के प्रति अपना समर्थन बरकरार रखा है. बायो में 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आजीवन अनुयायी' लिखकर उन्होंने साफ किया कि विचारधारा से उनका जुड़ाव अब भी है.
शहजाद पूनावाला के इस कदम के बाद सियासी गलियारों में चर्चा तेज हो गई है. भाजपा की तरफ से अभी इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है.
Advertisement
शहजाद पूनावाला भाजपा की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर समय-समय पर राजनीतिक मुद्दों को लेकर विपक्षी दलों पर निशाना साधते रहे हैं.
INPUT: IANS
यह भी पढ़ें