स्कूल-कॉलेज बंद, रेड अलर्ट…. तमिलनाडु-आंध्र प्रदेश में तबाही मचाएगा मुरासु! MP-छत्तीसगढ़ तक होगा असर
मुरासु के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने चेन्नई और तिरुवल्लुर में स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए हैं. यह तेजी से आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ रहा है.
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बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवाती तूफान खतरनाक मुरासु में तब्दील हो गया. इसके चलते आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में भारी बारिश और तूफान आएगा. प्रशासन ने एहतियात बरतते हुए
चेन्नई और तिरुवल्लुर में सोमवार को स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए हैं. चक्रवात 'मुरासु' तेजी से आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ रहा है.
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (आरएमसी) ने दोनों जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किए जाने के बाद जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर छुट्टी की घोषणा की. 24 घंटों के भीतर 12 से 20 सेंटीमीटर तक बारिश होने की संभावना है.
हाई अलर्ट पर प्रशासन
उत्तरी तमिलनाडु के कई जिलों में भारी बारिश की आशंका को देखते हुए राज्य राजस्व प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग ने जिला कलेक्टरों को 'हाई अलर्ट' पर रहने और आपदा प्रबंधन की मानक प्रक्रियाओं को लागू करने का निर्देश दिया है.
#WATCH | Andhra Pradesh | Strong winds and rough sea conditions prevail in Nellore as Severe Cyclonic Storm Murasu is expected to cross between Nellore and Narsapuram between midnight today and the early hours tomorrow https://t.co/PVpFNpj3RN
— ANI (@ANI) November 2, 2026
अतिरिक्त मुख्य सचिव और राजस्व प्रशासन आयुक्त ने कलेक्टरों को निर्देश दिया है कि वे अपने कर्मचारियों को तैनात करें, तैयारियों को मजबूत करें और स्थिति पर कड़ी नजर रखें. किसी भी अप्रिय घटना की सूचना तुरंत 'राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र' को दी जानी चाहिए.
IMD ने क्या बताया?
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की ओर से सोमवार रात 9:14 बजे जारी बुलेटिन के अनुसार, 'मुरासु' दक्षिण-पश्चिम और उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर 22 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है. सोमवार सुबह तक, पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में यह सिस्टम एक गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल गया है. इसके बाद, यह उत्तर-पश्चिम की ओर मुड़कर आंध्र प्रदेश के तट की तरफ बढ़ेगा.
The #Severe_Cyclonic_Storm “#Murasu” [Pronunciation: Murasu]” over Westcentral & adjoining Southwest Bay of #Bengal moved west-northwestwards with a speed of 22 kmph during past 06 hours and lay centered at 0830 hours IST of today, the 02nd #November, 2026 over the Westcentral Bay of Bengal near Latitude 14.1°N and Longitude 81.4°E, about 160 km east-southeast of Nellore (Andhra Pradesh), 180 km northeast of Chennai (Tamil Nadu), 180 km east-southeast of Kavali (Andhra Pradesh), 210 km southeast of Ongole (Andhra Pradesh) and 240 km south of Machilipatnam (Andhra Pradesh). It is very likely to move northwestwards and cross south #Andhra #Pradesh coast as a #Severe_Cyclonic_Storm with wind speed of 100 to 110 kmph gusting to 120 kmph between #Nellore and #Narsapur, to the south of #Ongole during midnight (2330 Hrs IST) of today, the 02nd November to early hours (0400 Hrs IST) of tomorrow, the 3rd November, 2026. #CycloneMurasu
— India Meteorological Department (@Indiametdept) November 2, 2026
IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, यह तूफान सोमवार रात 11:30 बजे से मंगलवार सुबह 4:00 बजे के बीच नेल्लोर और नरसापुर के बीच तट से टकराएगा. तट से टकराते समय हवा की गति 100–110 किमी प्रति घंटा हो सकती है और झोंकों के साथ यह 120 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है. चेन्नई और तिरुवल्लुर के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया गया है. इसके अलावा, सोमवार को चेंगलपट्टू, कांचीपुरम, रानीपेट, वेल्लोर और नीलगिरी के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है, जहां 7 से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश होने की संभावना है.
मंगलवार के लिए बारिश की चेतावनी केवल नीलगिरी के कुछ इलाकों तक सीमित है. सोमवार को तिरुवल्लुर, चेन्नई, चेंगलपट्टू, कांचीपुरम, रानीपेट, वेल्लोर, तिरुवन्नामलाई और विल्लुपुरम जिलों के साथ-साथ पुडुचेरी के कुछ हिस्सों में 55–65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जो झोंकों के साथ 75 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं. अन्य उत्तरी तटीय जिलों में 40–50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं. आरएमसी ने सोमवार को तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कुछ इलाकों में आंधी-तूफान और बिजली गिरने की चेतावनी भी दी है. इनके साथ 40–50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. आंधी-तूफान की यह चेतावनी 5 नवंबर तक कुछ इलाकों में लागू रहेगी. यह समय-सीमा आंध्र प्रदेश के तट पर चक्रवात के टकराने के अनुमानित समय से भी आगे तक है.
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वहीं, मुरासु का असर ओडिशा, छत्तीसगढ़ तक होने की आशंका जताई जा रही है. ओडिशा हाल ही आए चक्रवात अर्नब से बुरी तरह प्रभावित हुआ था. कई जिले अभी भी बाढ़ से घिरे हुए हैं. इसके अलावा मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल, तेलंगाना, कर्नाटक और महाराष्ट्र में दिख सकता है.
मुरासु नाम के पीछे की कहानी
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किसी भी तूफान या चक्रवात का नाम एक पूरी प्रक्रिया के तहत रखा जाता है. इसके लिए कई नामों की लिस्ट तैयार होती है. जिसे विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) और एशिया-प्रशांत आर्थिक और सामाजिक आयोग (ESCAP) का पैनल ऑन ट्रॉपिकल साइक्लोन्स तैयार करता है. अप्रैल 2020 में नामों की सूची तय करने के लिए उत्तरी हिंद महासागर में आने वाले चक्रवातों के नाम तय करने के लिए 13 देशों की लिस्ट तैयार की गई थी. ‘मुरासु’ नाम भारत ने सुझाया था. तमिल भाषा में इसका अर्थ है प्राचीन ढोल या ड्रम. पुराने समय में इस वाद्य यंत्र का इस्तेमाल गांवों में जानकारी फैलाने और प्राकृतिक आपदाओं की चेतावनी देने के लिए किया जाता था.