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आंध्र प्रदेश में तबाही मचाएगा ‘मुरासु’, IMD ने जारी किया अलर्ट, जानें अर्नब से कितना खतरनाक?

3 नवंबर की सुबह के बीच नेल्लोर और नरसापुर के बीच दक्षिणी आंध्र प्रदेश में चक्रवाती तूफान मुरासु के टकराने की संभावना जताई जा रही है.

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01 Nov 2026
( Updated: 01 Nov 2026
04:34 PM )
आंध्र प्रदेश में तबाही मचाएगा ‘मुरासु’, IMD ने जारी किया अलर्ट, जानें अर्नब से कितना खतरनाक?
File Photo/Cyclone/IANS
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साइक्लोन अर्नब ने ओडिशा और आंध्र प्रदेश में भारी तबाही मचाई है. ओडिशा के कई जिले अभी तक बाढ़ से प्रभावित हैं, लैंडस्लाइड में कई लोगों की जान चली गई. वहीं, आंध्र प्रदेश में भी साइक्लोन अर्नब से अभी उबरा नहीं है कि एक और विनाशकारी तूफान का खतरा मंडराने लगा है. जिसका नाम है मुरासु. 

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में बना गहरा दबाव तेजी से चक्रवाती तूफान में बदल रहा है. इसके 3 नवंबर की सुबह दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट पर 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाओं के साथ टकराने की आशंका है.

3 नवंबर को आंध्र तट से टकरा सकता है तूफान

2 और 3 नवंबर की मध्य रात से 3 नवंबर की सुबह के बीच नेल्लोर और नरसापुर के बीच दक्षिणी आंध्र प्रदेश में चक्रवाती तूफान मुरासु के टकराने की संभावना जताई जा रही है. उस समय हवा की गति 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंकों में 120 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है. 

IMD ने शनिवार और रविवार की मध्यरात्रि को जारी बुलेटिन में बताया कि दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना डिप्रेशन 22 किमी प्रति घंटे की गति से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ा है. IMD ने बताया कि यह डिप्रेशन, 

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  • चेन्नई (तमिलनाडु) से लगभग 830 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व
  • विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश) से 880 किमी दक्षिण-दक्षिण-पूर्व
  • मछलीपट्टनम (आंध्र प्रदेश) से 900 किमी दक्षिण-पूर्व ओंगोल (आंध्र प्रदेश) से 950 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व की दूरी पर था

इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने और आज दोपहर तक दक्षिण-पश्चिमी और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक 'डीप डिप्रेशन' में बदलने की प्रबल संभावना है. इसके बाद 1 नवंबर की मध्यरात्रि तक यह दक्षिण-पश्चिमी और उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक 'साइक्लोनिक स्टॉर्म' (चक्रवाती तूफान) का रूप ले सकता है और 2 नवंबर को पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक 'सीवियर साइक्लोनिक स्टॉर्म' (गंभीर चक्रवाती तूफान) में तब्दील हो सकता है. 

जानें मुरासु का मतलब 

किसी भी तूफान या चक्रवात का नाम एक पूरी प्रक्रिया के तहत रखा जाता है. इसके लिए कई नामों की लिस्ट तैयार होती है. जिसे विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) और एशिया-प्रशांत आर्थिक और सामाजिक आयोग (ESCAP) का पैनल ऑन ट्रॉपिकल साइक्लोन्स तैयार करता है. अप्रैल 2020 में नामों की सूची तय करने के लिए उत्तरी हिंद महासागर में आने वाले चक्रवातों के नाम तय करने के लिए 13 देशों की लिस्ट तैयार की गई थी. ‘मुरासु’ नाम भारत ने सुझाया था. तमिल भाषा में इसका अर्थ है प्राचीन ढोल या ड्रम. पुराने समय में इस वाद्य यंत्र का इस्तेमाल गांवों में जानकारी फैलाने और प्राकृतिक आपदाओं की चेतावनी देने के लिए किया जाता था. 

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अर्नब ने मचाई थी तबाही 

चक्रवात अर्नब (Cyclone Arnab) ने ओडिशा और आंध्र प्रदेश में कई जगह तबाही मचाई है. ओडिशा के कई जिलों में बाढ़ आ गई. सबसे ज्यादा प्रभावित गंजाम, गजपति और कंधमाल जिले हैं. आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भी तटीय इलाकों में असर दिखा. हालांकि अपने पीक पर पहुंचने के बाद साइक्लोन अर्नब कम दबाव के क्षेत्र में बदल गया, लेकिन इससे बचने के लिए देश के कई राज्यों में व्यापक तैयारियां की गई थी. 

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