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वोट बचाओ vs अराजकता हटाओ… SIR के खिलाफ विपक्ष का घमासान, शाह ने निकाली काट, ये प्लान तैयार

BJP की इस रैली का मसौदा कांग्रेस को ‘अराजकता’ और नकारात्मक राजनीति पर घेरना है. जिसमें ‘विवादित’ बयानों, कथित तौर पर दोहरे रवैये को आधार बनाकर घेराव हो सकता है.

Image Source- IANS
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मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और SIR के खिलाफ विपक्ष का हल्ला बोल जारी है. एक नवंबर को राहुल गांधी की अगुवाई में कांग्रेस दिल्ली में बड़ी रैली करेगी. विपक्ष के इस प्लान को टक्कर देने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने भी बड़ी तैयारी कर ली है. 

एक नवंबर को कांग्रेस रामलीला मैदान में ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ रैली निकालेगी. इस दौरान कांग्रेस ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR को रोकने की मांग करेगी. वहीं, इसके जवाब में BJP ने भी ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ कैंपेन चलाएगी. 

विपक्ष की रैली के खिलाफ क्या है विपक्ष का प्लान?

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BJP देशभर में अलग-अलग जगहों पर ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत पदयात्रा निकालेगी. यह अभियान एक से 30 नवंबर तक चलेगा. BJP के इस अभियान को विपक्ष की रैली का जवाब माना जा रहा है. इन पदयात्राओं में केंद्रीय मंत्री और बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होंगे. बताया जा रहा है केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी इसमे शामिल होंगे. रिपोर्ट के अनुसार अमित शाह 2 नवंबर को हैदराबाद और 5 नवंबर को हरियाणा में आयोजित पदयात्रा में शामिल होंगे. 

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BJP की इस रैली का मसौदा कांग्रेस को ‘अराजकता’ और नकारात्मक राजनीति पर घेरना है. जिसमें ‘विवादित’ बयानों, कथित तौर पर दोहरे रवैये को आधार बनाकर घेराव हो सकता है. 
इसके तहत विरोध प्रदर्शनों, संवैधानिक मूल्यों और चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठाए जा रहे सवालों के जवाब जनता के बीच रखे जाएंगे. 

यह भी पढ़ें- राहुल गांधी के काफिले की गाड़ियों में टक्कर, योगी सरकार का बड़ा एक्शन, हादसे की जांच के लिए SIT गठित

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UP में BJP के महामंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि इस पदयात्रा के जरिए पार्टी विपक्ष के आधारहीन विरोध प्रदर्शनों का जवाब देगी. पार्टी जनता के बीच पहुंचकर विपक्ष के कथित राजनीतिक एजेंडे और दोहरे मानदंडों को उजागर करेगी. उन्होंने कहा कि पदयात्राओं के माध्यम से विपक्ष की राजनीति, देश को अस्थिर करने के कथित मंसूबों और सत्ता परिवर्तन के एजेंडे को जनता के सामने रखा जाएगा. 

रामलीला मैदान में रैली से व्यापारियों को नुकसान!

दिवाली और धनतेरस से पहले दिल्ली में 1 नवंबर को प्रस्तावित कांग्रेस रैली को लेकर व्यापारिक संगठनों ने चिंता जताई है. व्यापारियों ने सोमवार को कहा कि त्योहारी सीजन पहले से ही विरोध-प्रदर्शनों और यातायात प्रतिबंधों से प्रभावित रहा है, ऐसे में रामलीला मैदान में होने वाली बड़ी राजनीतिक रैली से राजधानी के व्यापार पर गंभीर असर पड़ सकता है. इसी को देखते हुए चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और इससे पहले लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को पत्र लिखकर रैली को दिवाली के बाद तक टालने की अपील की है.  

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हालांकि कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने रैली को टालने से साफ इंकार कर दिया. उन्होंने X पर लिखा, ‘दिल्ली के हर व्यापारी से हम प्यार करते हैं, उनकी बात सुन रहे हैं. मोदी जी से कहिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटा दें, 30 सेकंड में आंदोलन रुक जाएगा.’

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