PM मोदी ने खुद से की शुरुआत, आधा किया अपना काफिला; पेट्रोल-डीजल बचाने को लेकर दिया बड़ा संदेश
पीएम मोदी ने पेट्रोल-डीजल बचाने और वर्क फ्रॉम होम अपनाने की अपील की थी. अब पीएम मोदी ने खुद अपने सरकारी काफिले की गाड़ियों की संख्या कम कर इस पहल पर अमल किया है. हालांकि, एसपीजी सुरक्षा प्रोटोकॉल में कोई कटौती नहीं की गई है.
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पश्चिम एशिया में जारी तनाव और बढ़ते वैश्विक संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से संयम बरतने और संसाधनों का सीमित उपयोग करने की अपील की थी. अब प्रधानमंत्री ने अपनी ही अपील पर अमल करते हुए बड़ा संदेश दिया है. सूत्रों के मुताबिक पीएम मोदी ने अपने सरकारी काफिले की गाड़ियों की संख्या में काफी कमी कर दी है. हाल ही में उनके गुजरात और असम दौरे के दौरान यह बदलाव साफ तौर पर देखने को मिला.
दरअसल, पीएम मोदी ने कुछ दिन पहले देशवासियों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने, अनावश्यक विदेश यात्राओं से बचने और जरूरत पड़ने पर वर्क फ्रॉम होम अपनाने की अपील की थी. विपक्षी दल लगातार सरकार और बीजेपी नेताओं पर बड़े-बड़े काफिलों के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठा रहे थे. ऐसे में प्रधानमंत्री ने खुद आगे बढ़कर अपने काफिले को सीमित कर एक तरह से राजनीतिक और प्रशासनिक संदेश देने की कोशिश की है.
सुरक्षा में नहीं होगी कोई कमी
जानकारी के मुताबिक प्रधानमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था में कोई कटौती नहीं की गई है. एसपीजी प्रोटोकॉल और सुरक्षा मानकों को पूरी तरह बरकरार रखते हुए सिर्फ गैर जरूरी वाहनों को कम किया गया है. हैदराबाद में पीएम मोदी ने यह अपील की थी और उसके तुरंत बाद बड़ोदरा और गुवाहाटी के दौरों में उनके काफिले का आकार छोटा नजर आया. राजनीतिक जानकरों की माने तो यह कदम सिर्फ ईंधन बचत तक सीमित नहीं है, बल्कि जनता के बीच एक सकारात्मक संदेश देने की कोशिश भी है. मौजूदा समय में जब आम लोग महंगाई और बढ़ती लागत से परेशान हैं, तब देश के प्रधानमंत्री का खुद उदाहरण पेश करना चर्चा का विषय बना हुआ है.
मुख्यमंत्रियों को भी दिया गया एक्शन प्लान
असम में हिमंत बिस्वा सरमा के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान प्रधानमंत्री कार्यालय यानी पीएमओ की तरफ से सभी मुख्यमंत्रियों को प्रधानमंत्री के भाषण की प्रतियां बांटी गईं. इसमें संकट के समय संयम बरतने के साथ-साथ एक विस्तृत एक्शन प्लान भी शामिल था. इस प्लान में इलेक्ट्रिक वाहनों के ज्यादा इस्तेमाल, ऑनलाइन बैठकों को बढ़ावा देने और ईंधन की बचत जैसे सुझाव दिए गए. बताया जा रहा है कि शपथ ग्रहण समारोह से लौटने के बाद कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी अपने काफिलों में कटौती और ऊर्जा बचत से जुड़े कदमों पर काम शुरू कर दिया है.
यूपी में योगी सरकार भी एक्शन मोड में
प्रधानमंत्री मोदी की अपील का असर उत्तर प्रदेश में भी दिखाई देने लगा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथने अधिकारियों और जनता के लिए कई अहम निर्देश जारी किए हैं. सीएम योगी ने कहा कि पेट्रोल-डीजल का कम से कम इस्तेमाल किया जाए और बिना जरूरत सोने की खरीदारी से बचा जाए. इसके साथ ही मुख्यमंत्री और मंत्रियों के काफिले की गाड़ियों में 50 प्रतिशत तक कटौती के निर्देश दिए गए हैं. सीएम योगी ने मंत्रियों, सांसदों और विधायकों से सप्ताह में एक दिन पब्लिक ट्रांसपोर्ट इस्तेमाल करने की अपील भी की है. उन्होंने वर्क फ्रॉम होम कल्चर को बढ़ावा देने की बात कही ताकि ट्रैफिक और ईंधन की खपत कम हो सके.
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बता दें कि जानकरों का मानना है कि यह सिर्फ सरकारी फैसले नहीं बल्कि बदलते दौर की जरूरत भी है. दुनिया भर में ऊर्जा संकट, बढ़ती महंगाई और वैश्विक अस्थिरता के बीच अब सरकारें संसाधनों के संतुलित उपयोग पर जोर दे रही हैं. प्रधानमंत्री मोदी का अपने काफिले को छोटा करना और राज्यों का इस दिशा में कदम बढ़ाना इसी बदलाव का संकेत माना जा रहा है.
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