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अमेरिका से PM मोदी के लिए खास संदेश लेकर आए ट्रंप के ‘दूत’, प्रधानमंत्री से मुलाकात में मार्को रूबियो ने क्या कहा?
मार्को और मोदी के बीच ये मुलाकात ऐसे समय में हुई है. जब अमेरिका और ईरान के बीच तनातनी चल रही है. होर्मुज संकट के कारण दुनिया भर की अर्थव्यवस्था डांवा डोल हो गई.
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PM Modi-Marco Rubio Meeting: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में मुलाकात की. 60 मिनट तक चली ये मुलाकात रणनीतिक लिहाज से काफी अहम मानी जा रही है. PM मोदी के साथ इस बैठक में भारतीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और विदेश मंत्री एस जयशंकर भी मौजूद रहे.
बताया जा रहा है रूबियो और PM मोदी के बीच इस मुलाकात में सुरक्षा, व्यापार और नई तकनीक पर विस्तृत चर्चा हुई. इस मुलाकात को भारत-अमेरिका के द्विपक्षीय संबंधों में एक नया मील का पत्थर माना जा रहा है.
मार्को रूबियो से मुलाकात पर PM मोदी ने क्या कहा?
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PM मोदी ने इस मुलाकात की तस्वीरें X पर शेयर की. इसी के साथ उन्होंने लिखा, ‘अमेरिकी विदेश मंत्री श्री मार्को रुबियो से मिलकर हमें बेहद खुशी हुई. हमने भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी में निरंतर प्रगति और क्षेत्रीय, वैश्विक शांति और सुरक्षा से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की. भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका वैश्विक हित के लिए मिलकर काम करना जारी रखेंगे.’
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PM मोदी के लिए ट्रंप ने भेजा खास मैसेज
इस दौरान रूबियो अपने साथ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का खास संदेश लेकर आए, जो उन्होंने PM मोदी के लिए भेजा था. रुबियो ने ट्रंप की ओर से PM मोदी को व्हाइट हाउस आने का न्योता दिया.
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अमेरिकी दूतावास के राजदूत सर्जियो गोर भी शामिल हुए. उन्होंने भी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए मुलाकात की अहमियत बताई. गोर ने बताया, ‘रूबियो ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से प्रधानमंत्री मोदी को व्हाइट हाउस आने का निमंत्रण दिया है.’
दूसरे पोस्ट में उन्होंने कहा, ‘हमने सुरक्षा, व्यापार, और महत्वपूर्ण तकनीकों के क्षेत्रों में अमेरिका-भारत सहयोग को और गहरा करने के तरीकों पर सार्थक चर्चा की. ये ऐसे क्षेत्र हैं जो दोनों राष्ट्रों को मजबूत करते हैं और एक स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सोच को आगे बढ़ाते हैं. भारत, संयुक्त राज्य अमेरिका का एक अत्यंत महत्वपूर्ण साझेदार है.’
अमेरिकी विदेश मंत्री की पहली भारत यात्रा
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मार्को रूबियो ने शनिवार को अपने भारत दौरे की शुरुआत कोलकाता से की, यहां उन्होंने 'मिशनरीज ऑफ चैरिटी' का भी दौरा किया, जिस पर गोर ने टिप्पणी की कि ऐसे पल ही हमें याद दिलाते हैं कि अमेरिका-भारत की साझेदारी न केवल मजबूत नीतियों पर टिकी है, बल्कि साझा मूल्यों और निस्वार्थ सेवा की भावना पर भी आधारित है. पिछले साल पदभार संभालने के बाद रूबियो की यह पहली भारत यात्रा है. अपने इस दौरे में अमेरिकी विदेश मंत्री इस दौरे के दौरान आगरा और जयपुर भी जाएंगे.
तल्खी के बीच रूबियो देंगे नई दिशा?
मार्को और मोदी के बीच ये मुलाकात ऐसे समय में हुई है. जब अमेरिका और ईरान के बीच तनातनी चल रही है. होर्मुज के कारण दुनिया भर की अर्थव्यवस्था डांवा डोल हो गई. क्योंकि दोनों देशों के बीच आर्थिक और सामाजिक लेनदेन के बावजूद ट्रंप ने भारत को कई बार आंख दिखाई है. इससे अमेरिका और भारत के रिश्तों में तल्खी आई, जिसे शायद रूबियो बैलेंस करने की कोशिश करेंगे. इनके बीच बड़ी कड़ी राजूदत सर्जियो गोर भी बनेंगे.
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वहीं, एक महीने से ज्यादा जारी ईरान और अमेरिका के बीच जंग का समाधान निकालने पर भी भारत में बात हो सकती है. हालांकि भारत हमेशा की तरह शांति और अपने तटस्थ रुख पर कायम रह सकता है, लेकिन होर्मुज संकट का हल दिल्ली से निकलने की कोशिश जरूर हो सकती है.
रूबियो, रविवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करने वाले हैं. इसके बाद वे मंगलवार को नई दिल्ली में क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होंगे. इस समूह का हिस्सा भारत, संयुक्त राज्य अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान हैं.
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क्वाड बैठक 26 मई को नई दिल्ली में होनी है, जिसकी मेजबानी विदेश मंत्री एस. जयशंकर करेंगे. इसमें अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के अलावा ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग और जापानी विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी शामिल होंगे.