ओपी राजभर का अखिलेश यादव-राहुल गाँधी पर बड़ा हमला, बोले- हिम्मत है तो इस्तीफा दें सांसद-विधायक
ओपी राजभर ने कहा कि वह विधानसभा चुनाव का वोटर बनेगा. इसलिए इस चुनाव और विधानसभा चुनाव में जमीन-आसमान का फर्क है. इस चुनाव से विधानसभा चुनाव की तुलना, हमारे हिसाब से, कोई मतलब नहीं रखता.
Follow Us:
कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने एमएलसी चुनाव को विधानसभा चुनाव से जोड़ने पर समाजवादी पार्टी पर जोरदार निशाना साधा. वाराणसी में भारतीय जनता पार्टी की हार को लेकर उन्होंने कहा कि ये पढ़े-लिखे लोगों का वोट है और आम जनता घर पर बैठी है. अखिलेश यादव के धांधली के आरोप पर राजभर ने कहा कि हिम्मत है तो सांसद-विधायक इस्तीफा दें. वहीं, कांग्रेस पार्टी पर तंज कसते हुए राहुल गांधी के वोट चोरी वाले बयान पर उन्होंने कहा कि बैलेट से भी कांग्रेस कई राज्यों में जीरो पर आउट हो गई.
राजभर ने विपक्ष पर बोला हमला
कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा, "14 लाख से ऊपर मतदाताओं ने इस चुनाव में भाग लिया और लगभग 6 लाख से ऊपर लोगों ने वोट दिया. अब विधानसभा के चुनाव में लगभग 14 करोड़ मतदाता हैं और कम से कम हमें अंदाज है कि 8 करोड़ से भी ज्यादा लोग वोट देंगे. विधानसभा के इतने बड़े चुनाव की तुलना अगर आप इस छोटे चुनाव से कर रहे हैं, तो यह आपकी समझ है लेकिन आप अध्ययन करिए, गांवों में जाइए. इस चुनाव में गांवों में वोट देने वाले कितने लोग थे? कहीं पांच, कहीं दो, कहीं आठ, कहीं छह, कहीं दस, कहीं बीस, कहीं पचास."
सिंगापुर की कंपनियों का यूपी में हजारों करोड़ का निवेश प्लान, योगी सरकार के साथ क्या हुई बात?
उन्होंने कहा कि लेकिन गांवों में वोटरों की संख्या भी उठाकर देखिए. किसी गांव में 2000 हैं, तो कहीं 4000 हैं तो कहीं 1500 हैं. ऐसी स्थिति में, वो 50 का मुकाबला करने वाले लोग तो घर में बैठे हुए हैं. आम मतदाता, जो सरकार का फायदा ले रहा है, चाहे उसे आवास मिला हो, शौचालय मिला हो, सड़क बनी हो, आयुष्मान कार्ड का लाभ मिल रहा हो, पेंशन मिल रही हो या सरकार की अन्य सुविधाओं का लाभ मिल रहा हो, वह इस चुनाव का वोटर नहीं था.
एमएलसी चुनाव विधानसभा चुनाव में जमीन-आसमान का फर्क
ओपी राजभर ने कहा कि वह विधानसभा चुनाव का वोटर बनेगा. इसलिए इस चुनाव और विधानसभा चुनाव में जमीन-आसमान का फर्क है. इस चुनाव से विधानसभा चुनाव की तुलना, हमारे हिसाब से, कोई मतलब नहीं रखता.
सपा प्रमुख अखिलेश यादव की टिप्पणी पर उन्होंने कहा कि उनको बोलना चाहिए कि जब उन्होंने धांधली का आरोप लगाया है, तब न जीते हैं. उन्हें इस्तीफा दिलवा देना चाहिए कि धांधली से लोग गलती से जीत गए हैं. इस नाते हम सब लोग इस्तीफा दे रहे हैं. हिम्मत तो नहीं है. सांसद हैं, विधायक हैं और एमएलसी हैं. यदि ये सब धांधली और बेईमानी से जीत रहे हैं, तो इन सबको इस्तीफा दे देना चाहिए. यह सिर्फ कहने भर की बात है क्योंकि वे घबरा रहे हैं.
बैलेट पेपर से चुनाव हुए तो कई राज्यों में कांग्रेस जीरो पर ऑल आउट हो गई
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए पोस्ट को लेकर उन्होंने कहा कि राहुल गांधी घूम-घूमकर वोट चोरी का आरोप लगा रहे हैं. बैलेट पेपर की बात करते हैं. सारे विपक्ष के लोग भी बैलेट पेपर की बात करते हैं. बैलेट पेपर से चुनाव हुए तो कई राज्यों में कांग्रेस जीरो पर ऑल आउट हो गई. पूरा देश देख रहा है. अब तो ये कहने लायक भी नहीं रह गए कि बैलेट पेपर से चुनाव करा दो, तो हम जीत जाएंगे.
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी बेचारे जीरो पर आ गए. एक भी सीट लड़ने के लिए उन्हें नहीं मिली और न ही कांग्रेस पार्टी लड़ पाई. अब आगे खेल देखिए. गोरखपुर में संजयन त्रिपाठी को उम्मीदवार बनाया जाता है और समाजवादी पार्टी के राजीव यादव निर्दलीय लड़ते हैं. समाजवादी पार्टी का वोटर राजीव यादव को वोट देता है और ब्राह्मण को बलि का बकरा बना देता है. संजयन त्रिपाठी को उनके गुणों के आधार पर चाहे जितना वोट मिला हो, लेकिन समाजवादी पार्टी का कुल वोट राजीव यादव को मिला.
किस पीडीए की बात करते हैं अखिलेश यादव?
ओपी राजभर ने कहा कि यह क्या साबित करता है? किस पीडीए की बात करते हैं अखिलेश यादव? ये जिस पीडीए की बात कर रहे हैं, इनके यहां सिर्फ यादववाद है. यादव उम्मीदवार है, तो यादव को वोट मिलेगा. अगर दूसरी जाति का उम्मीदवार है, तो उसको वोट नहीं मिलेगा. यह आपने बगल के ही चुनाव गोरखपुर में देख लिया. अयोध्या जीते, बनारस जीते, मथुरा की बारी है. 2017 हारे, 2022 हारे और अब 2027 की बारी है.
UP में हिंसक गतिविधियों में शामिल होने पर नहीं मिलेगी सरकारी नौकरी, योगी सरकार ने सख्त किए नियम
वहीं, राजभर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा, “अखिलेश जी, एमएलसी चुनाव के नतीजों में आपकी पार्टी के प्रदर्शन की आपको बहुत बधाई. वैसे ये बताइए, अपने मित्र राहुल जी को बधाई दिए या नहीं?” उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को प्रत्याशी तक नहीं मिला और जहां प्रत्याशी उतारे गए, वहां नतीजा ‘जीरो’ रहा. राजभर ने कर्नाटक का जिक्र करते हुए भी राहुल गांधी पर तंज कसा. सुभासपा प्रमुख ने कांग्रेस के खुद को सपा का ‘बड़ा भाई’ मानने पर सवाल उठाते हुए अखिलेश को नसीहत दी कि सीटों की मांग के समय कांग्रेस को एमएलसी चुनाव के नतीजे याद दिलाएं.
यह भी पढ़ें
उन्होंने पूछा कि जब सपा के प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे थे, तब कांग्रेस ने उनका समर्थन क्यों नहीं किया? उन्होंने कहा कि कांग्रेस को हिस्सा चाहिए ‘आधा’ और समर्थन देंगे ‘जीरो’. बड़ी नाइंसाफी है. बता दें कि उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक की 28 सीटों पर हुए एमएलसी चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद खराब रहा है. पार्टी ने 12 सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन मात्र एक सीट जीत सकी. कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार होने के बावजूद पार्टी चारों सीटें हार गई. कांग्रेस के इस प्रदर्शन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया पर तंज कसा है.