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‘किसके आदेश पर चली पैलेट गन…’ प्रियंका गांधी ने सदन में सरकार से मांगा जवाब, नए शिक्षा मंत्री पर बोलते ही मचा हंगामा
Parliament Monsoon Session: लोकसभा में 'एंटी-पेपर लीक' बिल पर चर्चा शुरू होते ही हंगामा मच गया. केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, हम 10 घंटे चर्चा करने के लिए तैयार हैं. इस बीच सदन में प्रियंका गांधी के संबोधन पर NDA सांसदों ने आपत्ति जताई.
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संसद के मानसून सत्र के दौरान मंगलवार को दो बजे के बाद लोकसभा की कार्यवाही फिर से शुरू हुई. इस दौरान ’एंटी-पेपर लीक' बिल पर चर्चा के लिए पहले छह घंटे का समय तय किया गया था. हालांकि विपक्ष ने इस समय को बढ़ाने की मांग की है. वहीं, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने छात्रों पर लाठीचार्ज के मुद्दे पर कड़े सवाल पूछे.
प्रियंका गांधी ने जंतर मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन का मुद्दा उठाया. उन्होंने छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठा. प्रियंका गांधी ने कहा,
‘सिर्फ कांग्रेस पार्टी ही नहीं, आज पूरा देश पूछ रहा है कि आखिर किसके आदेश पर युवाओं पर लाठिंया बरसाईं गईं. उन्होंने पूछा कि देश के नौजवानों से सरकार डरती क्यों है.’
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प्रियंका का सवाल- किसके आदेश पर चली पैलेट गन?
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ये सदन यहां बैठे सांसदों की जागीर नहीं है, ये देश की अमानत है। हम नागरिकों के सेवक और उनके प्रतिनिधि हैं।
— Congress (@INCIndia) ?ref_src=twsrc%5Etfw">July 28, 2026
देश का संविधान हमारे लिए सर-आंखों पर है और लोकतंत्र सर्वोपरि है। इसे ध्वस्त करना पाप है।
देश की जनता हम से सिर्फ जवाबदेही मांगती है।
हमें यहां भेजकर जनता बस यही चाहती है… pic.twitter.com/8y01PcInju
प्रियंका गांधी ने आगे कहा, युवाओं की आवाज से आपको डर क्यों लगता है.? ये सदन देश की अमानत है, किसी की जागीर नहीं है. हम सभी देश के नागरिकों के सेवक हैं, उनके प्रतिनिधि हैं.
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प्रियंका गांधी ने पैलेट गन से घायल छात्र का जिक्र करते हुए कहा, हम RML अस्पताल गए, जहां घायल छात्रों का इलाज चल रहा था. हमसे कुछ ही समय पहले स्वास्थ्य मंत्री भी वहां गए थे. जब तक हम वहां पहुंचे, उस लड़की की मां नेताओं के आने-जाने से गुस्से में थी. उसने कहा कि धन्यवाद आप आए हैं, लेकिन हमें किसी से नहीं मिलना. पीड़ा से उसका शरीर कांप रहा था, लेकिन उसने कहा कि वह भी आए, जिन्होंने मेरी बेटी का ये हाल किया. मेरी बेटी की बलि चढ़ गई, लेकिन उसे कुछ भी हो जाए, मैं लड़ूंगी. शायद मुझे यहां खड़े होकर सबके सामने ये बात नहीं कहनी चाहिए. लेकिन उसके दिल के टूटने की आवाज की वजह से उस मां की इजाजत लिए बिना प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से पूछना चाहती हूं कि क्या जरूरत थी उन पर आंसू गैस, लाठियां चलवाने की. लड़कियों के कपड़े फाड़ने की. बच्चियों को जलील करने की. क्या वे आतंकी थे. जवाब दीजिए. हां, कांग्रेस बोल रही है, जवाब मांग रही है. जवाब दीजिए. किसने ऑर्डर दिया पैलेट गन चलाने का. प्रधानमंत्री ने दिया, गृह मंत्री ने दिया. सिर्फ कांग्रेस पार्टी नहीं, पूरा देश पूछ रहा है. आपकी जिम्मेदारी बनती है, जवाब दीजिए. क्यों डरते हैं आप नौजवानों से, उनकी आवाज से. ये सदन इस देश की अमानत है, किसी की जागीर नहीं. हम सभी लोगों के सेवक हैं. उनके प्रतिनिधि हैं. यह सत्ता भी उन्होंने ही दी है.
नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी पर क्या कहा?
प्रियंका गांधी ने कहा कि इस सरकार ने रोजगार पैदा करने वाले सभी सेक्टर को लगातार कमजोर किया. पेपर लीक से करोड़ों छात्र प्रभावित हुए, लेकिन एक को भी सजा नहीं हुई. शिक्षण संस्थाओं में संघ के प्रचारकों को भर-भरकर उसे खोखला बना दिया. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) बनाकर परीक्षा सिस्टम का केंद्रीकरण कर दिया गया. हर साल शिक्षा बजट की हिस्सेदारी घटती चली गई. शिक्षा बजट उससे भी कम है, जितना पूंजीपतियों के लोन माफ किए गए हैं. सोचिए, सरकार की प्राथमिकता क्या है. देश के युवाओं का भरोसा इस सिस्टम से टूट चुका है. भरोसे को बनाने के लिए उसी सिस्टम से जवाब नहीं ढूंढा जा सकता. उसके दायरे से बाहर निकल ठोस प्रयास करना पड़ता है. प्रधानमंत्री और उनके साथी यह सोच रहे हैं. शिक्षा मंत्री ने शर्मनाक परिस्थितियों में इस्तीफा दिया, और उनका संसद में कल ऐसा स्वागत किया गया जैसे कोई सुपरस्टार पहुंचा हो. कल जब उनको मुकुट पहनाया जा रहा था, महाराष्ट्र का एक परिवार अपनी बेटी के सुसाइड का मातम मना रहा था. जहां शर्म होनी चाहिए, वहां बेशर्मी से स्वागत कराया जा रहा. कोई आप पर कैसे यकीन करे.
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प्रियंका गांधी ने प्रह्लाद जोशी का जिक्र करते हुए कहा, प्रधानमंत्री ने नया शिक्षा मंत्री चुना, एक ऐसे व्यक्ति को चुना, जिसने एक गर्भवती रेप पीड़िता के दोषियों की रिहाई पर सहमति व्यक्त की. प्रियंका गांधी को उनकी इस टिप्पणी पर स्पीकर ओम बिरला ने रोक दिया. वहीं, NDA के नेताओं ने इस पर आपत्ति जताते हुए हंगामा किया.
किरेन रिजिजू ने प्रियंका के बयान पर जताई नाराजगी
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संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रह्लाद जोशी पर दिए गए प्रियंका के बयान पर नाराजगी जताई. उन्होंने कहा, प्रियंका गांधी ने हमारे नए शिक्षा मंत्री पर जो टिप्पणी की, वह चरित्र हनन है एक तरीके से. हम उम्मीद नहीं करते ऐसी बातों की. रिजिजू ने उनके बयान को रिकॉर्ड से हटाने की मांग की. उन्होंने कहा, ‘ऐसी भाषा का इस्तेमाल कर संसद में डिबेट के स्तर को ना गिराएं. जिम्मेदारी के साथ बोलना चाहिए. यह मानता हूं कि ऑथेंटिकेट नहीं कर सकती हैं तो माफी मांगनी चाहिए.’