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उमर अब्दुल्ला और उनकी पत्नी पायल ने आपसी सहमति से लिया तलाक़ का फैसला, सुप्रीम कोर्ट ने दी मंजूरी
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उनकी पत्नी पायल ने आपसी सहमति से तलाक का फैसला किया है. शुक्रवार को उमर अब्दुल्ला के वकील कपिल सिब्बल ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच सभी विवाद आपसी सहमति से सुलझा लिए गए हैं.
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जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उनकी अलग रह रहीं पत्नी पायल ने आपसी सहमति से तलाक का फैसला किया है. शुक्रवार को उमर अब्दुल्ला के वकील कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में यह जानकारी दी.
आपसी सहमति से हुआ उमर और पायल का तलाक
जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने उमर अब्दुल्ला के वकील कपिल सिब्बल ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच सभी विवाद आपसी सहमति से सुलझा लिए गए हैं. उन्होंने कहा, "सब कुछ तय हो चुका है और हमने कोर्ट के सामने इसके लिए अर्जी दाखिल कर दी है. कोर्ट इसको मंजूरी दे सकता है."
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शादी पूरी तरह टूट चुकी: उमर अब्दुल्ला
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कपिल सिब्बल ने बताया कि उमर अब्दुल्ला ने तलाक की याचिका में कहा है कि पायल के साथ उनकी शादी पूरी तरह से टूट चुकी है और अब उसे बचाया नहीं जा सकता. इस बात पर बेंच ने कहा कि हम तय शर्तों के आधार पर इस मामले को निस्तारित कर देंगे.
1994 में हुई थी शादी
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उमर अब्दुल्ला और पायल की शादी सितंबर 1994 में हुई थी, लेकिन वे लंबे समय से अलग रह रहे हैं. उमर की तलाक की याचिका को सबसे पहले 30 अगस्त 2016 को फैमिली कोर्ट ने खारिज कर दिया था. इसके बाद उमर दिल्ली हाईकोर्ट गए. हालांकि, हाईकोर्ट ने भी तलाक की अर्जी खारिज कर दी.
हाईकोर्ट ने खारिज कर दिए थे क्रूरता के आरोप
हाईकोर्ट फैमिली कोर्ट के आदेश से सहमत था कि उमर अब्दुल्ला की ओर से पायल के खिलाफ क्रूरता के आरोप अस्पष्ट हैं. हाईकोर्ट ने कहा, "उमर अब्दुल्ला, पायल अब्दुल्ला की ओर से क्रूरता के किसी भी कृत्य को साबित करने में विफल रहे, चाहे वह शारीरिक हो या मानसिक. हमें अपील में कोई योग्यता नहीं मिली. इसे खारिज किया जाता है."
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इसके बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता ने राहत के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. अगस्त 2024 में दोनों पक्षों के आपसी समझौते की संभावना तलाशने पर सहमत होने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले को मध्यस्थता के लिए भेज दिया था. तब कोर्ट ने मध्यस्थ की रिपोर्ट का इंतजार करते हुए सुनवाई टाल दी थी.