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तेल-गैस संकट, मिडिल ईस्ट तनाव… मोदी का एक्शन प्लान, बनी मंत्रियों की टीम, कौन-कौन शामिल, क्या होगा काम?
इंटर मिनिस्ट्रियल ग्रुप, US-ईरान जंग, मिडिल ईस्ट के हालात, आर्थिक, सुरक्षा, उर्जा से जुड़े मामलों पर निगरानी रखेगी, ताकि देश पर जंग के असर पर रणनीति और प्लानिंग की जा सके.
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Inter Ministerial Group: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच मोदी सरकार लगातार हालातों पर नजर रख रही है. इसके लिए सरकार ने एक कमिटी का गठन किया है. जिसकी अगुवाई रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे. राजनाथ सिंह की अगुवाई मंत्रियों की एक कमिटी बनाई गई है. जो मिडिल ईस्ट के हालात और देश में असर पर सरकार को सुझाव देगी.
कमिटी से मिलने वाले सुझाव और इनपुट के आधार पर कई अहम फैसले लिए जाएंगे. इस कमिटी के अध्यक्ष राजनाथ सिंह है. जबकि गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के साथ और दूसरे मंत्री इस कमिटी के सदस्य हैं. इसमें कई अहम मंत्रालयों के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है.
इन मामलों पर नजर रखेगी कमिटी
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बताया जा रहा है यह इंटर मिनिस्ट्रियल ग्रुप, US-ईरान जंग, मिडिल ईस्ट के हालात, आर्थिक, सुरक्षा, उर्जा से जुड़े मामलों पर निगरानी रखेगी, ताकि देश पर जंग के असर पर रणनीति और प्लानिंग की जा सके. यानी जिस तरह देश में LPG संकट खड़ा हुआ है उस तरह नया उर्जा संकट न खड़ा हो.
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दरअसल, इस जंग का असर भारत की उर्जा आपूर्ति पर पड़ा है. क्योंकि भारत मिडिल ईस्ट के देशों से उर्जा का बड़ा हिस्सा आयात करता है. जो अब प्रभावित हो रहा है. न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया इससे प्रभावित हुई है. ऐसे में मोदी सरकार ने एहतियात पहले ही कदम उठाए हैं. ताकि आपात स्थिति में तुरंत एक्शन प्लान को धरातल पर उतारा जा सके. जिससे आम लोग, कारोबार, उद्योग और अन्य गतिविधियों पर असर न पड़े. क्योंकि जिस तरह देश में LPG की कालाबाजारी, कीमतों में इजाफा और जमाखोरी के मामले सामने आए हैं वैसी सिचुएशन आगे न बने. इसके लिए सरकार की इंटर मिनिस्ट्रियल कमिटी पहले ही रणनीतिक फैसले लेने में मदद करेगी.
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देश में लॉकडाउन की स्थिति नहीं- केंद्र
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इस बीच देश में लॉकडाउन की अफवाहों पर केंद्र सरकार ने विराम लगाया है. सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया कि सभी रिफाइनरी 100 फीसदी और उससे ज्यादा कैपेसिटी से ऑपरेट कर रही हैं. देश में एलपीजी प्रोडक्शन 40% बढ़ा है. 14 मार्च से अबतक 30 हजार कॉमर्शियल LPG दी जा चुकी है. रेस्टोरेंट, ढाबों को तवज्जो दी गई है.