Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...

'CJP प्रोटेस्ट से इस मनहूस देश में मुसलमान थोड़ी सांस ले पाए', JNU की पूर्व प्रोफेसर के बयान पर सोशल मीडिया पर मचा बवाल; लोगों ने कहा- पाकिस्तान भेजो

Nivedita Menon: JNU की पूर्व प्रोफेसर निवेदिता मेनन का एक इंटरव्यू सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस बातचीत के दौरान उन्होंने देश, मुसलमानों और CJP (Cockroach Janata Party) के विरोध प्रदर्शनों पर अपनी राय रखी. लेकिन उनके एक बयान ने सबसे ज्यादा विवाद खड़ा कर दिया.

Image Source: NMF
Loading Ad...

Nivedita Menon JNU Professor: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) की पूर्व प्रोफेसर निवेदिता मेनन एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में है. हाल ही में उनका एक इंटरव्यू सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस बातचीत के दौरान उन्होंने देश, मुसलमानों और CJP (Cockroach Janata Party) के विरोध प्रदर्शनों पर अपनी राय रखी. लेकिन उनके एक बयान ने सबसे ज्यादा विवाद खड़ा कर दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि "शायद इस मनहूस देश में हमारे लिए भी कोई जगह है." बस इसी एक लाइन के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई. कुछ लोगों ने उनके बयान को देश का अपमान बताया, जबकि कुछ लोगों ने इसे उनके व्यक्तिगत विचार कहकर देखा. देखते ही देखते यह वीडियो अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गया और हजारों लोग इस पर अपनी-अपनी राय देने लगे. 

CJP के आंदोलन और अभिजीत दिपके की खुलकर तारीफ

निवेदिता मेनन ने यू-ट्यूबर को दिए इंटरव्यू में बात करते हुए कहा - 'मुझे लगता है कि पिछले 12 साल में ऐसे उनको मतलब बार-बार एहसास दिलाया जा रहा है कि तुम यहां के नहीं हो. तुम्हें बुलडोज करेंगे हम, तुम्हें हम कुछ भी करेंगे और तुम चूं तक नहीं कर सकते.. CJP का प्रोटेस्ट जो है, उसने थोड़ा सांस लेने की जगह दी और मुसलमानों को शायद लगने लगा कि शायद इस मनहूस देश में हमारे लिए भी कोई जगह है.'

Loading Ad...

उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी बड़ा आंदोलन अपने आप खड़ा नहीं हो जाता, उसके पीछे कुछ लोगों की मेहनत और नेतृत्व होता है. इसी दौरान उन्होंने अभिजीत दिपके की भूमिका की भी सराहना की. मेनन के अनुसार, अभिजीत दिपके ने अलग-अलग विचारधारा वाले लोगों को एक मंच पर लाने में अहम भूमिका निभाई. उन्होंने दावा किया कि इस आंदोलन को सिर्फ देश में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी समर्थन मिला.

सोशल मीडिया पर लोगों ने जताई नाराजगी

Loading Ad...

वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई..बड़ी संख्या में लोगो ने निवेदिता मेनन के बयान की आलोचना की.. कई यूजर्स का कहना था कि निवेदिता मेनन जैसे लोग देश में रहकर देश का खा कर और कुछ भी बकने की स्वतंत्रता होने के बाद उसी देश को मनहूस कह रहे है. भारत सरकार को चाहिए कि जो देश विरोध में अनाप-सनाप बकेगा उसे सारी सुविधाओ से वंचित करके जेल में डाल दिया जाए. अब हमें इन जैसे लोगों के तानाशाह सरकार ही चाहिए..

कुछ यूजर्स ने बेहद तीखी प्रतिक्रियाएं भी दीं. किसी ने उन्हें देस छोड़कर पाकिस्तान, बांग्लादेश या ईरान जाने की सलाह दी, तो किसी ने कहा कि उन्हें सरकारी सुविधाओं से वंचित कर देना चाहिए. वहीं, कई लोगों ने उनके बयान पर वीडियो और रील बनाकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की. हालांकि, सोशल मीडिया पर आने वाली ऐसी प्रतिक्रियाएं लोगों की व्यक्तिगत राय होती हैं और जरूरी नहीं कि वे किसी आधिकारिक कार्रवाई या कानूनी स्थिति को दर्शाती हों..

अमेरिका में नौकरी कर रहे भारतीयों के लिए बुरी खबर! H-1B वीजा रिन्यू कराना हो सकता है महंगा

Loading Ad...

पहले भी कई बार विवादों में रह चुकी हैं निवेदिता मेनन

यह पहला मौका नहीं है जब निवेदिता मेनन अपने बयानों को लेकर विवादों में आई हों. साल 2016 में JNU में 'आजादी' के नारों को लेकर हुए विवाद के दौरान उन्होंने राष्ट्रवाद पर एक सार्वजनिक व्याख्यान दिया था. उस भाषण मे उन्होने कश्मीर से जुड़े ऐसे विचार रखे थे, जिनका काफी विरोध हुआ था.

इसके बाद साल 2017 में जोधपुर के जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में भी उन्होंने भारत का विवादित नक्शा दिखाया था. उसी कार्यक्रम में उन्होंने भारतीय सेना को लेकर भी ऐसा बयान दिया था, जिस पर काफी विवाद हुआ. उनके इस बयान की कई राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और आम लोगों ने कड़ी आलोचना की थी. तभी से उनके कई बयान समय-समय पर सार्वजनिक बहस और विवाद का विषय बनते रहे हैं.

Loading Ad...

यह भी पढ़ें

बयान बना बहस का मुद्दा
निवेदिता मेनन का यह नया इंटरव्यू एक बार फिर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, राजनीतिक विचारों और सार्वजनिक जिम्मेदारी को लेकर बहस का कारण बन गया है. एक- तरफ उनके समर्थक इसे निजी विचार रखने का अधिकार बता रहे हैं..., वही दूसरी तरफ विरोध करने वालों का कहना है कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों को शब्दों का चयन बहुत सोच-समझकर करना चाहिए, क्योंकि उनके बयान समाज पर व्यापक असर डाल सकते हैं. फिलहाल उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है.

अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...