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ममता-अभिषेक के खिलाफ खुलकर बोले सांसद जगदीश बर्मा, कहा- हम ही हैं असली TMC
जगदीश बर्मा बसुनिया ने कहा कि पार्टी की हार के लिए अभिषेक बनर्जी जिम्मेदार हैं. अगर उन्होंने ठीक से चुनाव लड़ा होता तो इतनी बड़ी हार नहीं होती.
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पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन के बाद से ही टीएमसी में बगावत शुरू हो गई है. पहले बागी हुए विधायकों ने राज्यपाल को पत्र लिखकर खुद को असली टीएमसी बताया, तो वहीं सांसदों ने इस्तीफा देने के बाद लोकसभा स्पीकर को पत्र लिखकर खुद को असली टीएमसी होने का दावा किया है. टीएमसी सांसद जगदीश बर्मा बसुनिया ने कहा कि असली टीएमसी हम ही हैं और हमें ही मान्यता मिलनी चाहिए.
पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में टीएमसी बर्मा का नाम शामिल
आईएएनएस से बातचीत में टीएमसी सांसद जगदीश बर्मा बसुनिया ने कहा कि हम सभी सांसदों ने हस्ताक्षर करके पत्र भेजा है. हमने लोकसभा स्पीकर को पत्र लिखकर मान्यता देने की मांग की है.
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टीएमसी में बगावत पर उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले की स्थिति के बारे में जानना चाहिए. विधानसभा चुनाव के दौरान उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ. इसे लेकर हर कोई नाराज है. सभी सांसदों के क्षेत्र में सात विधायक होते हैं. किस विधायक को टिकट मिल रहा है और किसे नहीं मिल रहा है, इसकी जानकारी कम से कम सांसदों को होनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ.
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उन्होंने कहा कि किसी भी सांसद को विधानसभा चुनाव के उम्मीदवारों की जानकारी नहीं थी. घोषणा के बाद हमें इसकी जानकारी हुई. इसे लेकर सभी सांसदों में नाराजगी थी. 2022 के बाद से ही पार्टी का नेतृत्व ममता बनर्जी के पास नहीं है, पार्टी पूरी तरह से अभिषेक बनर्जी के पास चली गई है. ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी दोनों मिलकर पार्टी चला रहे थे, किसी से कुछ भी नहीं पूछते थे और न ही कोई जानकारी देते थे.
सांसद ने अभिषेक बनर्जी को ठहराया जिम्मेदार
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जगदीश बर्मा बसुनिया ने कहा कि पार्टी की हार के लिए अभिषेक बनर्जी जिम्मेदार हैं. अगर उन्होंने ठीक से चुनाव लड़ा होता तो इतनी बड़ी हार नहीं होती.
भाजपा की 'बी' टीम कहे जाने पर उन्होंने कहा कि हम सभी ने मिलकर यह फैसला किया है, इसमें भाजपा का कोई लेना-देना नहीं है. बंगाल में भाजपा की सरकार है, अगर हम कोई काम करना चाहेंगे तो मुख्यमंत्री के पास जाना पड़ेगा. अगर हम उनसे मिलने जाएं तो इसका मतलब यह नहीं है कि हम भाजपा की 'बी' टीम हैं.
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उन्होंने यह भी कहा कि हम सभी सोमवार को स्पीकर से मुलाकात करेंगे और सदन में पार्टी के नेतृत्व की मान्यता की मांग करेंगे. जितने सांसदों ने साथ देने की बात कही है और हस्ताक्षर किए हैं, वे सभी हमारा साथ देंगे.