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‘भाई तो बहुत बने, सब छोड़कर चले गए लेकिन…’, BSP विधायक उमाशंकर सिंह के निधन पर भावुक हुईं मायावती, Video

मायावती ने उमाशंकर सिंह के परिवार को भरोसा दिलाया कि BSP उनके परिवार के साथ खड़ी है. उन्होंने कहा, ‘परिवार चाहेगा तो उनके बेटे को राजनीति में आगे बढ़ाएंगे.

Image Source- IANS
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उत्तर प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह के निधन ने BSP प्रमुख मायावती को गहरा आघात पहुंचाया है. मायावती इस मुश्किल घड़ी में उमाशंकर सिंह के परिवार के साथ खड़ी नजर आईं. उन्होंने परिवार को ढांढस बंधाते हुए उमाशंकर सिंह को अपना भाई बताया.

इस दौरान बेहद सख्त मिजाज मायावती काफी भावुक नजर आईं. BSP प्रमुख ने उमा शंकर सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि पार्टी में शामिल होने के बाद से ही उमा शंकर सिंह ने पूरी ईमानदारी, समर्पण और निष्ठा के साथ पार्टी की सेवा की. मायावती ने रोते हुए कहा, ‘भाई बहुत बने, लेकिन उमा शंकर सिंह ने कभी उनका साथ नहीं छोड़ा.’

रक्षाबंधन पर राखी बांधती थीं मायावती

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BSP प्रमुख मायावती ने उमाशंकर सिंह को याद करते हुए कहा, ‘इस महीने रक्षाबंधन भी है. मैं लखनऊ में रहूं या दिल्ली में, उमाशंकर सिंह हमेशा उनसे राखी बंधवाते थे. भाई तो बहुत बने, सब धोखा देकर चले गए लेकिन उन्होंने धोखा नहीं दिया.’

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मायावती ने उमाशंकर सिंह के परिवार को भरोसा दिलाया कि BSP उनके परिवार के साथ खड़ी है. उन्होंने कहा, ‘परिवार चाहेगा तो उनके बेटे को राजनीति में आगे बढ़ाएंगे. उमाशंकर के जाने के बाद उनके बेटे को पार्टी में सम्मान दिया जाएगा.’

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पूर्वांचल की राजनीति में BSP का बड़ा चेहरा थे उमाशंकर सिंह

कैंसर से पीड़ित थे उमाशंकर सिंह 

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उमाशंकर सिंह पिछले दो साल से कैंसर से पीड़ित थे. उनका दिल्ली के एक अस्पताल में इलाज चल रहा था. उमाशंकर सिंह को पूर्वांचल की राजनीति में बसपा का सबसे बड़ा और मजबूत चेहरा माना जाता था. उमाशंकर सिंह का जन्म 2 जनवरी 1971 को उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के खनवर गांव में एक साधारण किसान परिवार में हुआ था. 

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उमाशंकर सिंह बलिया जिले की रसड़ा विधानसभा सीट से लगातार तीन बार विधायक चुने गए. 2012 में वे पहली बार बसपा के टिकट पर विधायक बने. इसके बाद 2017 और 2022 में BJP की प्रचंड लहर के बावजूद उन्होंने अपनी सीट पर जीत दर्ज की. 2022 में उमाशंकर सिंह ही अपनी रसड़ा सीट बचाने में कामयाब रहे.

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